सावरकर को भारत रत्न दिलाना है तो BJP से बात करें, संजय राउत ने मोहन भागवत पर कसा तंज

Feb 10, 2026 07:16 am ISTAnkit Ojha लाइव हिन्दुस्तान
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शिवसेना (UBT) नेता संजय राउत ने कहा कि अगर वीडी सावरकर को भारतरत्न दिलाना है तो इसके लिए मोहन भागवत को सीधे प्रधानमंत्री या अमित  शाह से बात करनी चाहिए। मंच से भाषण देने का क्या मतलब है?

सावरकर को भारत रत्न दिलाना है तो BJP से बात करें, संजय राउत ने मोहन भागवत पर कसा तंज

शिवसेना (UBT ) के राज्यसभा सांसद और मुख्य प्रवक्ता संजय राउत ने कहा कि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) प्रमुख मोहन भागवत को भाषणों में मुद्दा उठाने के बजाय भाजपा सरकार से सीधे विनायक दामोदर सावरकर को भारत रत्न देने के लिए कहना चाहिए। राउत ने कहा, ‘जब केंद्र में उनकी ही सरकार है और स्वयंसेवक सरकार में महत्वपूर्ण पदों पर हैं, तो सावरकर को भारत रत्न क्यों नहीं दिया जाता , लाखों स्वयंसेवकों ने इस सरकार को सत्ता में लाने के लिए काम किया है। मोहन भागवत को यह बात सीधे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह से कहनी चाहिए, न कि मंच से भाषण में।’

यह मुद्दा तब प्रमुखता में आया जब आरएसएस प्रमुख ने मुंबई में '100 ईयर्स ऑफ संघ जर्नी-न्यू होराइजन्स'' कार्यक्रम में कहा कि सावरकर को भारत रत्न देने से इस सम्मान की प्रतिष्ठा बढ़ेगी।राउत ने भारत-अमेरिका द्विपक्षीय व्यापार समझौते (बीटीए) के ढांचे की भी आलोचना की और अच्छे दिन नहीं आने के लिए संघ को जिम्मेदार ठहराया। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा को तो'अच्छे दिन मिले, लेकिन देश को नहीं। उन्होंने कहा कि भारत अमेरिका की शर्तों के आगे झुक गया है और इसकी जिम्मेदारी संघ नेतृत्व को लेनी चाहिए।

संयुक्त बयान के अनुसार, अमेरिका भारतीय वस्तुओं पर 18 प्रतिशत का पारस्परिक शुल्क लगाएगा, जिसमें वस्त्र, चमड़ा, प्लास्टिक-रबर, ऑर्गेनिक केमिकल, होम डेकोर और कुछ मशीनरी शामिल हैं। विपक्ष ने इस समझौता ढांचे की आलोचना करते हुए कहा है कि इसके तहत भारत अमेरिकी औद्योगिक वस्तुओं पर शुल्क समाप्त या कम करेगा। साथ ही अमेरिका से आने वाले कई खाद्य और कृषि उत्पादों-जैसे ड्राइड डिस्टिलर्स ग्रेन्स, पशु चारे के लिए लाल ज्वार, मेवे, ताजे और प्रसंस्कृत फल, सोयाबीन तेल, वाइन और स्पिरिट्स आदि पर भी टैरिफ में कटौती या समाप्ति की जाएगी।

राउत ने आरएसएस शताब्दी कार्यक्रम में गायक अदनान सामी की उपस्थिति पर भी आपत्ति जताई। उन्होंने कहा कि अदनान सामी के पिता 1965 के भारत-पाक युद्ध के दौरान पाक वायुसेना में थे और पठानकोट एयरबेस हमले से जुड़े थे। उन्होंने सवाल उठाया, ''ऐसे व्यक्ति के परिवार से जुड़े शख्स को सम्मानित कर किस तरह की देशभक्ति दिखाई जा रही है।''

शिल्पा शेट्टी पर भी निशाना

राउत ने कहा, 'एक अभिनेत्री वहां खड़ी होकर ‘आई लव भागवत’ कह रही थीं, जबकि उनके खिलाफ वित्तीय अनियमितताओं के मामले में लुकआउट नोटिस जारी किया गया था। इतना ही नहीं, उनके पति पर अश्लील फिल्म बनाने से जुड़े एक गंभीर मामले का आरोप है। ऐसे संदिग्ध पृष्ठभूमि वाले लोगों को आमंत्रित कर संघ किस तरह का चरित्र प्रस्तुत कर रहा है , जो लोग बैंक ऋण में चूक करते हैं और कानून के खिलाफ हैं, वे संघ के मंच पर आकर अपने पापों को ढकने की कोशिश कर रहे हैं।'

उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि कार्यक्रम में ऐसे लोगों को महत्व दिया गया जिन पर आर्थिक अनियमितताओं या अन्य गंभीर मामलों के आरोप रहे हैं। राउत ने कहा कि जिन प्रतिष्ठित व्यक्तियों के परिवारों का स्वतंत्रता संग्राम से संबंध रहा, जैसे जावेद अख्तर या शाहरुख खान, उन्हें आमंत्रित नहीं किया गया। उन्होंने कहा, ‘हम संघ का सम्मान करते हैं, लेकिन जिस तरह विवादित पृष्ठभूमि वाले लोगों को महत्व दिया जा रहा है, उससे नैतिक पतन झलकता है।’

Ankit Ojha

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Ankit Ojha

विद्यालयी जीवन से ही कलात्मक अभिव्यक्ति, विचारशील स्वभाव और मिलनसार व्यक्तित्व और सामान्य के अंदर डुबकी लगाकर कुछ खास खोज लाने का कौशल पत्रकारिता के लिए अनुकूल साबित हुआ। अंकित ओझा एक दशक से डिजिटल पत्रकारिता के क्षेत्र में लगातार सक्रिय हैं। उत्तर प्रदेश के बाराबंकी के रहने वाले अंकित ओझा समाचारों की दुनिया में तथ्यों के महत्व के साथ ही संवेदनशीलता के पक्ष को साधने में निपुण हैं। पिछले चार साल से हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप के 'लाइव हिन्दुस्तान' के लिए चीफ कॉन्टेंट प्रड्यूसर पद पर कार्य कर रहे हैं। इससे पहले 'टाइम्स ऑफ इंडिया' और 'इंडियन एक्सप्रेस' ग्रुप के साथ भी कार्य कर चुके हैं।


राष्ट्रीय, अंतरराष्ट्रीय, राज्य और सामाजिक सरोकारों की खबरों के संपादन में लंबा अनुभव होने के साथ ही अपने-आसपास की घटनाओं में समाचार तत्व निकालने की अच्छी समझ है। घटनाओं और समाचारों से संबंधित फैसले लेने और त्वरित समाचार प्रकाशित करने में विशेष योग्यता है। इसके अलावा तकनीक और पाठकों की बदलती आदतों के मुताबिक सामग्री को रूप देने के लिए निरंतर सीखने में विश्वास करते हैं। अंकित ओझा की रुचि राजनीति के साथ ही दर्शन, कविता और संगीत में भी है। लेखन और स्वरों के माध्यम से लंबे समय तक आकाशवाणी से भी जुड़े रहे। इसके अलावा ऑडियन्स से जुड़ने की कला की वजह से मंचीय प्रस्तुतियां भी सराही जाती हैं।


अकादमिक योग्यताः अंकित ओझा ने प्रारंभिक शिक्षा नवोदय विद्यालय से पूरी करने के बाद जामिया मिल्ल्लिया इस्लामिया से पत्रकारिता में ही ग्रैजुएशन किया है। इसके बाद भारतीय जनसंचार संस्थान (IIMC) से पोस्ट ग्रैजुएट डिप्लोमा और कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय से मास कम्युनिकेशन में एमए किया है। जामिया में अध्ययन के दौरान ही इटैलियन और उर्दू भाषा में भी कोर्स किए हैं। इसके अलावा पंजाबी भाषा की भी अच्छी समझ रखते हैं। विश्वविद्यालय में NCC का 'C सर्टिफिकेट' भी प्राप्त किया है। IIMC और ऑक्सफर्ड से स्वास्थ्य पत्रकारिता का सर्टिफिकेट भी प्राप्त किया है।

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