SP सारे टिकट मुसलमानों को दे दे, परेशानी नहीं है; अखिलेश यादव की मांग पर अमित शाह का जवाब

Nisarg Dixit लाइव हिन्दुस्तान
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लोकसभा में तीनों बिलों के प्रस्ताव के बाद विपक्ष का विरोध जारी है। इसी बीच केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने समाजवादी पार्टी पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि सपा का बस चले तो घरों की भी जाति तय कर दे। वहीं, सपा सांसद धर्मेंद्र यादव ने भी मांग उठाई थी कि ओबीसी और मुसलमान महिलाओं को शामिल कर लेना चाहिए।

SP सारे टिकट मुसलमानों को दे दे, परेशानी नहीं है; अखिलेश यादव की मांग पर अमित शाह का जवाब

लोकसभा में तीनों बिलों के प्रस्ताव के बाद विपक्ष का विरोध जारी है। इसी बीच केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने समाजवादी पार्टी पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि सपा का बस चले तो घरों की भी जाति तय कर दे। वहीं, सपा सांसद धर्मेंद्र यादव ने भी मांग उठाई थी कि ओबीसी और मुसलमान महिलाओं को आरक्षण में शामिल कर लेना चाहिए।

अखिलेश यादव के आरोप

गुरुवार को सदन की सुनवाई के दौरान सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने आरोप लगाए थे कि सरकार जनगणना नहीं कराना चाहती है। वहीं, सपा सांसद धर्मेंद्र यादव की मांग थी कि OBC यानी अन्य पिछड़ा वर्ग और मुसलमान महिलाओं को भी आरक्षण में शामिल किया जाना चाहिए। इसपर शाह ने कहा है कि सपा चाहे तो सारे टिकट मुसलमानों को दे दे।

अमित शाह का जवाब

शाह ने कहा, ‘सदन की कार्यवाही को पूरा देश देख रहा है। कुछ स्टेटमेंट्स ऐसे दिए गए जो जनता में चिंता पैदा कर सकते हैं। अखिलेश जी ने कहा कि जनगणना क्यों नहीं हो रही। मैं बताना चाहता हूं कि जनगणना का काम शुरू हो चुका है। दो, उन्होंने कहा कि हम जाति जनगणना का मांग करेंगे। सरकार ने जाति की जनगणना करने का निर्णय ले चुकी है और जनगणना हो रही है।’

उन्होंने कहा, 'घरों की कोई जाति नहीं होती। अभी घरों की गिनती हो रही है। जब नागरिकों की गिनती होगी यानी व्यक्तियों की गिनती होगी तो उसमें जाति का कॉलम रहेगा।' जब अखिलेश यादव ने कहा कि क्या मुस्लिम महिलाओं को महिला नहीं माना जाएगा। इस पर अमित शाह ने कहा कि सपा सारी टिकट मुसलमान महिलाओं को ही दे दे। हमें कोई आपत्ति नहीं है।

विरोध की तैयारी में है विपक्ष

बुधवार को कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के आवास पर कई विपक्षी दलों के नेताओं की बैठक हुई जिसमें यह फैसला किया गया कि इसके परिसीमन से संबंधित प्रावधानों का पुरजोर विरोध किया जाएगा। विपक्ष का कहना है कि वह महिला आरक्षण के तो समर्थन में हैं, लेकिन परिसीमन के खिलाफ हैं। गुरुवार को सदन में बिल प्रस्ताव पेश होने के बाद कांग्रेस सांसद केसी वेणुगोपाल ने विरोध किया था।

तीनों बिल

‘संविधान (131वां संशोधन) विधेयक, 2026’, ‘परिसीमन विधेयक, 2026’ और केंद्र-शासित प्रदेश कानून (संशोधन विधेयक), 2026’ को बहस के लिए लोकसभा में पेश किया गया। संसद के निचले सदन में सदस्यों की मौजूदा संख्या 543 से बढ़ाकर 850 करने का प्रस्ताव है। इसके साथ ही, सरकार परिसीमन आयोग के गठन के लिए भी एक विधेयक तथा इनसे संबंधित तीसरा विधेयक ला रही है।

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निसर्ग दीक्षित न्यूजरूम में करीब एक दशक का अनुभव लिए निसर्ग दीक्षित शोर से ज़्यादा सार पर भरोसा करते हैं। पिछले 4 साल से वह लाइव हिनुस्तान में डिप्टी चीफ प्रोड्यूसर के रूप में कार्यरत हैं, जहां खबरों की योजना, लेखन, सत्यापन और प्रस्तुति की जिम्मेदारी संभालते हैं। इससे पहले दैनिक भास्कर और न्यूज़18 जैसे बड़े मीडिया संस्थानों में काम कर चुके हैं, जहाँ उन्होंने ग्राउंड रिपोर्टिंग से लेकर डेस्क तक की भूमिकाएं निभाईं। उन्होंने माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय से पत्रकारिता की पढ़ाई की, जिसने उनके काम करने के तरीके को व्यावहारिक और तथ्य आधारित बनाया। निसर्ग की खास रुचि खोजी रिपोर्टिंग, ब्रेकिंग स्टोरीज़ और विज़ुअल न्यूज़ स्टोरीज़ में है। वे जटिल मुद्दों को सरल भाषा और स्पष्ट तथ्यों के साथ प्रस्तुत करने में विश्वास रखते हैं। राजनीति और जांच पड़ताल से जुड़े विषयों पर उनकी मजबूत पकड़ है। निसर्ग लोकसभा चुनावों, कई राज्यों के विधानसभा चुनावों और अहम घटनाओं को कवर कर चुके हैं। साथ ही संसदीय कार्यवाही और सुप्रीम कोर्ट की महत्वपूर्ण सुनवाइयों को नियमित रूप से कवर करते हैं। गूगल जर्नलिस्ट्स स्टूडियो में भी निसर्ग योगदान देते हैं।

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