थलपति विजय से मुकाबले के लिए स्टालिन का दांव? पार्टी में नई जान डालने को उठाए बड़े कदम
तमिलनाडु में डीएमके चीफ एमके स्टालिदन नई कवायदों में जुट गए हैं। इसके तहत उन्होंने पार्टी से जुड़े कई अहम बदलाव किए हैं। माना जा रहा है कि सीएम विजय के साथ मुकाबले के लिए वह तैयारी में जुटे हुए हैं।

तमिलनाडु में थलपति विजय के हाथों सत्ता गंवाने के बाद डीएमके अध्यक्ष एमके स्टालिन नई कवायद में जुट गए हैं। इसके तहत वह पार्टी में नई जान डालने की कोशिशों में जुट गए हैं। डीएमके अध्यक्ष एमके स्टालिन ने पार्टी संगठन में बड़े बदलाव के लिए कदम उठाए हैं। इसके तहत पार्टी में अहम पदों के लिए उम्र और कार्यकाल की सीमा भी तय कर दी गई है। पार्टी के पारंपरिक तौर-तरीकों से इतर इसे एक बड़े बदलाव के रूप में देखा जा रहा है। अब एक तय उम्र तक ही लोग डीएमके में अहम पदों तक पहुंच पाएंगे। इसके अलावा उन्हें सिर्फ दो कार्यकाल मिलेगा।
ऐसी है उम्र सीमा
नए नियमों के तहत, एक शाखा पार्टी सचिव की अधिकतम आयु 45 साल तय की गई है। वहीं, नगर, शहर और टाउन पंचायत वार्ड समिति सचिव 50 साल से अधिक उम्र के नहीं हो सकते। टाउन पंचायत पार्टी सचिव, एरिया समिति सचिव और सिटी समिति सचिव की आयु सीमा 60 साल निर्धारित की गई है। जिले के पार्टी सचिव उन पदों में सबसे अधिक उम्र सीमा वाले होंगे जो घोषित किए गए हैं, जिसकी सीमा 70 साल तय की गई है। इन पदों में चुने गए लोगों को अधिकतम दो कार्यकाल तक सेवा देने की अनुमति होगी।
डीएमके ने कुछ स्थानीय संगठनात्मक इकाइयों की संरचना को भी संशोधित किया है। ग्रेटर चेन्नई कॉर्पोरेशन में, हर एरिया कमेटी औसतन 40,000 वोटरों को कवर करेगी। दूसरे नगरपालिका कॉर्पोरेशनों में, यह आंकड़ा 30,000 वोटर होगा। पार्टी प्रस्तावों के मुताबिक, सिटी कमेटी भी औसतन 40,000 वोटरों से बनी होगी।
प्रस्तावों को मंजूरी
इन बदलावों को चेन्नई के अन्ना अरिवालयम में डीएमके कार्यकारी समिति की बैठक में अपनाए गए प्रस्तावों के जरिए मंजूरी दी गई। पार्टी की तरफ से जारी बयान में कहा गया कि इन सुधारों का मकसद संगठन में नई जान लाना है। डीएमके सांसद पी विल्सन ने इन बदलावों का स्वागत करते हुए उन्हें सकारात्मक संरचनात्मक सुधार बताया। उन्होंने कहाकि ये अच्छे संरचनात्मक सुधार हैं। यह एक कल्याणकारी उपाय है। सब खुश हैं।


