भारत पर भी मंडराया इबोला का खतरा? स्वास्थ्य मंत्रालय ने शुरू किए निगरानी के उपाय, लोगों से अपील

Deepak Mishra लाइव हिन्दुस्तान, नई दिल्ली
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क्या भारत में भी इबोला का खतरा बढ़ना लगा है? केंद्रीय मंत्रालय ने इसको लेकर निगरानी बढ़ा दी है। भारत ने यह कदम, कांगो लोकतांत्रिक गणराज्य (डीआरसी) और युगांडा के कुछ हिस्सों में हाल में हुए इबोला के प्रकोप के मद्देनजर एहतियात के तौर पर उठाया गया है।

भारत पर भी मंडराया इबोला का खतरा? स्वास्थ्य मंत्रालय ने शुरू किए निगरानी के उपाय, लोगों से अपील

क्या भारत में भी इबोला का खतरा बढ़ना लगा है? केंद्रीय मंत्रालय ने इसको लेकर निगरानी बढ़ा दी है। भारत ने यह कदम, कांगो लोकतांत्रिक गणराज्य (डीआरसी) और युगांडा के कुछ हिस्सों में हाल में हुए इबोला के प्रकोप के मद्देनजर एहतियात के तौर पर उठाया गया है। इसके तहत पूरे सार्वजनिक स्वास्थ्य तंत्र में निगरानी और तैयारी के उपायों को मजबूत किया जा रहा है। आधिकारिक सूत्रों ने सोमवार को यह जानकारी दी। उन्होंने कहाकि विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) द्वारा इस प्रकोप को अंतरराष्ट्रीय चिंता का सार्वजनिक स्वास्थ्य आपातकाल (पीएचईआईसी) घोषित किए जाने के बाद केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय घटनाक्रम पर करीबी नजर रखे हुए हैं।

अधिकारियों ने की हालात की समीक्षा
सूत्रों के अनुसार, राष्ट्रीय रोग नियंत्रण केंद्र (एनसीडीसी), एकीकृत रोग निगरानी कार्यक्रम (आईडीएसपी), भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद (आईसीएमआर) और अन्य संबंधित विभागों के प्रतिनिधियों सहित केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारियों ने स्थिति की समीक्षा की है और एहतियाती जन स्वास्थ्य उपाय शुरू किए हैं। स्वास्थ्य मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने स्पष्ट किया कि बुंडीबुग्यो वायरस स्ट्रेन से होने वाले इबोला का कोई मामला भारत में सामने नहीं आया है और देश के लिए वर्तमान जोखिम न्यूनतम है।

क्या अपनाए जा रहे उपाय
अधिकारी ने बताया कि हालांकि, एहतियात के तौर पर, प्रवेश स्थानों पर और सार्वजनिक स्वास्थ्य प्रणाली के भीतर निगरानी और तैयारी के उपायों को मजबूत किया जा रहा है ताकि किसी भी संदिग्ध मामले की शीघ्र पहचान और त्वरित प्रतिक्रिया सुनिश्चित की जा सके। सूत्रों के अनुसार, प्रमुख उपायों में जांच, निगरानी, और रोग प्रबंधन से संबंधित मानक संचालन प्रक्रियाओं (एसओपी) की समीक्षा करना शामिल है, साथ ही प्रयोगशालाओं की तैयारी को भी मजबूत किया जा रहा है।

हवाई अड्डों पर भी उपाय
जानकारी के मुताबिक पुणे स्थित राष्ट्रीय विषाणु विज्ञान संस्थान (एनआईवी) को जांच के लिए नामित किया गया है और अन्य प्रयोगशालाओं को चरणबद्ध तरीके से शामिल किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि प्रभावित क्षेत्रों से अंतरराष्ट्रीय यात्रा की निगरानी के लिए संबंधित मंत्रालयों और एजेंसियों के साथ समन्वय भी बढ़ाया जा रहा है। अधिकारी देश भर के प्रमुख हवाई अड्डों और बंदरगाहों पर भी एहतियाती उपाय कर रहे हैं।

घबराहट न फैलाने की अपील
मंत्रालय ने लोगों और मीडिया से आग्रह किया है कि वे घबराहट न फैलाएं और अपुष्ट जानकारी प्रसारित न करें। मंत्रालय ने आश्वासन दिया है कि भारत की सार्वजनिक स्वास्थ्य प्रणाली सतर्क है और किसी भी उभरती स्थिति से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार है। नागरिकों को स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय और विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) द्वारा जारी आधिकारिक परामर्श का पालन करने की सलाह दी गई है। सूत्र ने बताया कि सरकार अंतरराष्ट्रीय स्वास्थ्य अधिकारियों के साथ घनिष्ठ समन्वय बनाए रखेगी और जन स्वास्थ्य के लिए सभी आवश्यक उपाय करेगी।

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लेखक के बारे में

Deepak Mishra

मूल रूप से आजमगढ़ के रहने वाले दीपक मिश्रा के लिए पत्रकारिता में आना कोई संयोग नहीं था। घर में आने वाली तमाम मैगजीन्स और अखबार पढ़ते-पढ़ते खुद अखबार में खबर लिखने तक पहुंच गए। हालांकि सफर इतना आसान भी नहीं था। इंटरमीडिएट की पढ़ाई के बाद जब घरवालों को इस इरादे की भनक लगी तो खासा विरोध भी सहना पड़ा। फिर मन में ठाना कि चलो जमीनी अनुभव लेकर देखते हैं। इसी मंशा के साथ ग्रेजुएशन की पढ़ाई के दौरान आजमगढ़ के लोकल टीवी में काम करना शुरू किया। कैमरे पर शहर की गतिविधियां रिकॉर्ड करते, न्यूज बुलेटिन लिखते और कुछेक बार उन्हें कैमरे के सामने पढ़ते-पढ़ते इरादा मजबूत हो गया कि अब तो मीडिया में ही जाना है।

आजमगढ़ के डीएवी डिग्री कॉलेज से इंग्लिश, पॉलिटिकल साइंस और हिस्ट्री विषयों में ग्रेजुएशन के बाद वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय से मास कम्यूनिकेशन में मास्टर डिग्री। इसके बाद अखबारों में नौकरी का सिलसिला शुरू हुआ आज अखबार से। फिर दैनिक जागरण के बाइलिंगुअल अखबार आई नेक्स्ट में वाराणसी में डेस्क पर नौकरी। वहां से सेंट्रल डेस्क कानपुर का सफर और फिर पत्रिका अखबार के इवनिंगर न्यूज टुडे में सेंट्रल डेस्क हेड की जिम्मेदारी। बाद में पत्रिका अखबार के लिए खेल डेस्क पर भी काम करने का मौका मिला। पत्रिका ग्रुप में काम करते हुए 2014 फीफा वर्ल्ड कप की कवरेज के लिए अवॉर्ड भी मिला।

यूपी में वापसी हुई फिर से दैनिक जागरण आई नेक्स्ट में और जिम्मेदारी मिली गोरखपुर में डेस्क हेड की। आई नेक्स्ट की दूसरी पारी में दो बार गोरखपुर एडिशन के संपादकीय प्रभारी की भी भूमिका निभाई। वहीं, कुछ अरसे तक इलाहाबाद में डेस्क हेड की जिम्मेदारी भी संभाली। दैनिक जागरण आई नेक्स्ट में काम करने के दौरान, डिजिटल फॉर्मेट के लिए वीडियो स्टोरीज करते रहे। इसमें कुंभ 2019 के लिए वीडियो स्टोरीज भी शामिल हैं। बाद में यहां पर पॉडकास्ट के दो शो किए। जिनमें से एक आईपीएल रिकॉर्ड बुक और दूसरा शहर का किस्सा रहा।

जून 2021 से लाइव हिन्दुस्तान में होम टीम का हिस्सा। इस दौरान तमाम चुनाव, राष्ट्रीय-अंतर्राष्ट्रीय घटनाक्रमों की खबरें की। साथ ही क्रिकेट टीम के साथ सहभागिता निभाते हुए आईपीएल और टी-20 विश्वकप, चैंपियंस ट्रॉफी के दौरान कवरेज में सक्रिय भूमिका निभाई। कुंभ 2025 के दौरान लाइव हिन्दुस्तान के लिए वीडियो स्टोरीज कीं।

अगर रुचि की बात करें तो फिल्में देखना, किताबें पढ़ना, कुछ नई स्किल्स सीखते रहना प्रमुख हैं। मिररलेस कैमरे के साथ वीडियो शूट करना और प्रीमियर प्रो पर एडिटिंग में दक्षता। प्रिय विषयों में सिनेमा और खेल दिल के बेहद करीब हैं।

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