भारत होर्मुज में तैनात करेगा वॉरशिप? अमेरिका से चर्चा को लेकर क्या बोली सरकार
क्या भारत स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में वॉरशिप तैनात करने के लिए अमेरिका से द्विपक्षीय बातचीत कर रहा है? भारतीय विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने सोमवार को इसकी जानकारी दी। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने स्पष्ट किया कि भारत इस तरह की कोई भी तैनाती नहीं करने वाला है।
क्या भारत स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में वॉरशिप तैनात करने के लिए अमेरिका से द्विपक्षीय बातचीत कर रहा है? भारतीय विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने सोमवार को इसकी जानकारी दी। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने स्पष्ट किया कि भारत इस तरह की कोई भी तैनाती नहीं करने वाला है। बता दें कि डोनाल्ड ट्रंप ने दुनिया के विभिन्न देशों से आह्वान किया है कि वह स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को स्वतंत्र कराने के लिए वॉरशिप भेजें। अमेरिकी राष्ट्रपति ने चीन, फ्रांस, जापान, दक्षिण कोरिया और ब्रिटेन समेत कई देशों का नाम लिया। यह सभी देश स्ट्रेट ऑफ होर्मुज बंद होने के चलते पेट्रो उत्पादों की सप्लाई में बाधा से जूझ रहे हैं।
प्रवक्ता ने क्या कहा
जब विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल से इस बारे में सवाल पूछा गया। प्रवक्ता से पूछा गया था कि क्या अमेरिका ने भारत से भी स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में वॉरशिप तैनात करने की मांग की है। इसके जवाब में प्रवक्ता ने कहाकि हम जानते हैं कि इस मामले में कई देशों से बातचीत हो रही है। हालांकि इस बारे में द्विपक्षीय स्तर पर कोई बातचीत नहीं हुई है। जायसवाल ने कहाकि भारत इस मामले पर कई हितधारकों के साथ अपनी बातचीत जारी रखेगा, और उन्होंने कहा कि विदेश मंत्री एस जयशंकर भी इस बारे में बोल चुके हैं। जयशंकर ने एक इंटरव्यू में कहाकि भारत के झंडाधारी जहाजों को होर्मुज स्ट्रेट से गुजरने के लिए ईरान से पूरी बात नहीं हुई है। हालांकि भारतीय जहाजों के सुरक्षित मार्ग पर तेहरान के साथ बातचीत जारी है और इसका परिणाम भी मिल रहा है।
कहां है भारतीय जहाज
दो भारतीय झंडाधारी एलपीजी वाहक, शिवालिक और नंदा देवी, जिनमें 92,712 मीट्रिक टन एलपीजी थी, शनिवार की सुबह होर्मुज को पार कर गए। इसको लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और ईरानी राष्ट्रपति मसऊद पेज़ेश्कियन तथा विदेश मंत्री जयशंकर और सईद अब्बास अरागची के बीच बात हुई थी। मामले से परिचित लोगों ने संकेत दिया कि भारत ने शत्रुता के दौरान लाल सागर या होर्मुज जलसंधि में व्यापारी जहाजों की सुरक्षा के लिए बहुपक्षीय नौसेनिक बलों में शामिल नहीं हुआ है। हालांकि भारतीय नौसेना ने अन्य देशों की नौसेनाओं के समन्वय में कार्य करते हुए भारतीय ध्वज वाले जहाजों की सुरक्षा के लिए युद्धपोत तैनात किए हैं।
भारत ने कुछ नहीं दिया
जायसवाल ने कहाकि नई दिल्ली ने भारतीय जहाजों को उस संधि के माध्यम से सुरक्षित मार्ग प्रदान करने के बदले में कुछ भी नहीं दिया है। उन्होंने कहाकि यही हमारे जुड़ाव का आधार रहा है और यह कोई विनिमय का मुद्दा नहीं है। भारतीय पक्ष ने इजरायल और अमेरिका द्वारा ईरान के खिलाफ शुरू किए गए युद्ध पर अपनी स्थिति 28 फरवरी, 3 मार्च और 9 मार्च को जारी किए गए आधिकारिक बयानों में स्पष्ट किया है। जायसवाल ने कहा है और हम आगे भी कहेंगे कि तनाव कम करने, संयम का अभ्यास करने और देशों को संवाद और कूटनीति के मार्ग अपनाने के लिए, ताकि इस संघर्ष का शीघ्र अंत हो सके। हमने यह भी कहा कि सभी राज्यों की संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता का सम्मान किया जाना चाहिए।
लेखक के बारे में
Deepak Mishraमूल रूप से आजमगढ़ के रहने वाले दीपक मिश्रा के लिए पत्रकारिता में आना कोई संयोग नहीं था। घर में आने वाली तमाम मैगजीन्स और अखबार पढ़ते-पढ़ते खुद अखबार में खबर लिखने तक पहुंच गए। हालांकि सफर इतना आसान भी नहीं था। इंटरमीडिएट की पढ़ाई के बाद जब घरवालों को इस इरादे की भनक लगी तो खासा विरोध भी सहना पड़ा। फिर मन में ठाना कि चलो जमीनी अनुभव लेकर देखते हैं। इसी मंशा के साथ ग्रेजुएशन की पढ़ाई के दौरान आजमगढ़ के लोकल टीवी में काम करना शुरू किया। कैमरे पर शहर की गतिविधियां रिकॉर्ड करते, न्यूज बुलेटिन लिखते और कुछेक बार उन्हें कैमरे के सामने पढ़ते-पढ़ते इरादा मजबूत हो गया कि अब तो मीडिया में ही जाना है।
आजमगढ़ के डीएवी डिग्री कॉलेज से इंग्लिश, पॉलिटिकल साइंस और हिस्ट्री विषयों में ग्रेजुएशन के बाद वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय से मास कम्यूनिकेशन में मास्टर डिग्री। इसके बाद अखबारों में नौकरी का सिलसिला शुरू हुआ आज अखबार से। फिर दैनिक जागरण के बाइलिंगुअल अखबार आई नेक्स्ट में वाराणसी में डेस्क पर नौकरी। वहां से सेंट्रल डेस्क कानपुर का सफर और फिर पत्रिका अखबार के इवनिंगर न्यूज टुडे में सेंट्रल डेस्क हेड की जिम्मेदारी। बाद में पत्रिका अखबार के लिए खेल डेस्क पर भी काम करने का मौका मिला। पत्रिका ग्रुप में काम करते हुए 2014 फीफा वर्ल्ड कप की कवरेज के लिए अवॉर्ड भी मिला।
यूपी में वापसी हुई फिर से दैनिक जागरण आई नेक्स्ट में और जिम्मेदारी मिली गोरखपुर में डेस्क हेड की। आई नेक्स्ट की दूसरी पारी में दो बार गोरखपुर एडिशन के संपादकीय प्रभारी की भी भूमिका निभाई। वहीं, कुछ अरसे तक इलाहाबाद में डेस्क हेड की जिम्मेदारी भी संभाली। दैनिक जागरण आई नेक्स्ट में काम करने के दौरान, डिजिटल फॉर्मेट के लिए वीडियो स्टोरीज करते रहे। इसमें कुंभ 2019 के लिए वीडियो स्टोरीज भी शामिल हैं। बाद में यहां पर पॉडकास्ट के दो शो किए। जिनमें से एक आईपीएल रिकॉर्ड बुक और दूसरा शहर का किस्सा रहा।
जून 2021 से लाइव हिन्दुस्तान में होम टीम का हिस्सा। इस दौरान तमाम चुनाव, राष्ट्रीय-अंतर्राष्ट्रीय घटनाक्रमों की खबरें की। साथ ही क्रिकेट टीम के साथ सहभागिता निभाते हुए आईपीएल और टी-20 विश्वकप, चैंपियंस ट्रॉफी के दौरान कवरेज में सक्रिय भूमिका निभाई। कुंभ 2025 के दौरान लाइव हिन्दुस्तान के लिए वीडियो स्टोरीज कीं।
अगर रुचि की बात करें तो फिल्में देखना, किताबें पढ़ना, कुछ नई स्किल्स सीखते रहना प्रमुख हैं। मिररलेस कैमरे के साथ वीडियो शूट करना और प्रीमियर प्रो पर एडिटिंग में दक्षता। प्रिय विषयों में सिनेमा और खेल दिल के बेहद करीब हैं।


