'लापता' IAS अफसर का पता चल गया, प्रियांक खरगे बोले- ज्ञानेंद्र कुमार गंगवार से संपर्क हुआ है
प्रियांक खरगे ने कहा, 'कुछ गलतफहमी हुई थी। इसका ईडी की छापेमारी से कोई संबंध नहीं है। जब आपने सुबह मुझसे पूछा था, तब हमारे पास ज्यादा जानकारी नहीं थी और मैंने आपको बताया था कि वह पिछले कुछ दिनों से संपर्क में नहीं हैं।'

कर्नाटक के गृह मंत्री प्रियांक खरगे ने शनिवार को स्पष्ट किया कि IAS अधिकारी ज्ञानेंद्र कुमार गंगवार लापता नहीं हैं और वह अपने पिता की तबीयत से जुड़ी पारिवारिक इमरजेंसी के कारण उत्तर प्रदेश स्थित अपने पैतृक स्थान पर हैं। प्रियांक ने कहा कि गंगवार ने अपनी अनुपस्थिति का हाल में कर्नाटक लोक सेवा आयोग में प्रवर्तन निदेशालय की ओर से मारे गए छापे से कोई संबंध होने से इनकार किया है और जरूरत पड़ने पर वह जांच के लिए तैयार हैं। इससे पहले दिन में खबरों में कहा गया था कि फिलहाल उद्योग और वाणिज्य विभाग में सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम (MSME) के निदेशक के पद पर कार्यरत गंगवार से 20 अगस्त से सम्पर्क से नहीं है। उन्होंने दिल्ली जाने के लिए विमान का टिकट बुक कराया था।
प्रियांक खरगे ने कहा, 'कुछ गलतफहमी हुई थी। इसका ईडी की छापेमारी से कोई संबंध नहीं है। जब आपने (मीडिया ने) सुबह मुझसे पूछा था, तब हमारे पास ज्यादा जानकारी नहीं थी और मैंने आपको बताया था कि वह पिछले कुछ दिनों से संपर्क में नहीं हैं।' प्रियांक ने कहा कि गंगवार के परिवार में आपात स्थिति थी क्योंकि उनके पिता हृदय रोगी हैं। उन्होंने कहा कि पिता की तबीयत खराब होने के कारण अधिकारी को अचानक जाना पड़ा। खरगे ने कहा, 'गंगवार ने संबंधित अधिकारियों को एक पत्र लिखा है। हाथ से लिखे अवकाश पत्र में कहा गया था कि अपरिहार्य परिस्थितियों के कारण उन्हें एक सप्ताह के लिए अपने पैतृक स्थान जाना है और उन्होंने छुट्टी मांगी थी। चूंकि कल त्योहार था इसलिए सरकार पूरी तरह से काम नहीं कर रही थी और छुट्टी की प्रक्रिया पूरी नहीं हो सकी।'
प्रियांक खरगे ने ताजा अपडेट में क्या बताया
मंत्री ने बताया कि गंगवार का आधिकारिक फोन बंद था। उन्होंने कहा कि अधिकारी के पास निजी फोन भी था, लेकिन यात्रा में होने और बाद में अपने पैतृक स्थान पहुंचने के कारण शुरू में उनसे संपर्क नहीं हो सका। उन्होंने कहा, 'हमने उनसे संपर्क किया और उन्होंने हमें बताया कि उन्होंने छुट्टी के लिए आवेदन किया था और सरकार को इसकी जानकारी दी थी। पिता की तबीयत से जुड़ी पारिवारिक समस्या के कारण वह ठीक से संपर्क नहीं कर सके। उन्होंने कहा कि वह कुछ दिनों में लौट आएंगे और उचित तरीके से जानकारी देंगे तथा एक सप्ताह की छुट्टी का अनुरोध किया।'
प्रियांक ने कहा कि गंगवार के लापता होने और उनकी अनुपस्थिति को केपीएससी में ED की छापेमारी से जोड़ने संबंधी खबरें सही नहीं हैं। खरगे ने कहा कि उन्होंने स्वयं अधिकारी से बात की है और वह जल्द लौटेंगे। उन्होंने कहा, 'परिस्थितियों के कारण इस तरह के निष्कर्ष निकले होंगे, लेकिन ऐसा कुछ भी नहीं हुआ। हालांकि परिस्थितियां केपीएससी से किसी संबंध का संकेत दे सकती हैं, लेकिन उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि एक सरकारी कर्मचारी के तौर पर वह किसी भी एजेंसी की जांच के लिए तैयार हैं। फिलहाल उनके खिलाफ कोई आरोप नहीं है और न ही किसी ने उनके खिलाफ जांच की मांग को लेकर कोई आवेदन दिया है। यह बात बिल्कुल स्पष्ट होनी चाहिए।'
2016 बैच के IAS अधिकारी गंगवार
प्रियांक ने कहा कि गंगवार उत्तर प्रदेश स्थित अपने पैतृक स्थान गए हैं। वर्ष 2016 बैच के आईएएस अधिकारी गंगवार इससे पहले केपीएससी में परीक्षा नियंत्रक के पद पर कार्यरत थे। इस साल मार्च में उन्हें इस पद से हटा दिया गया था। इससे पहले दिन में अधिकारियों ने कहा था कि गंगवार की कथित अनुपस्थिति की जांच की जा रही है और उस समय इस बारे में कुछ भी पक्के तौर पर नहीं कहा जा सकता था। प्रियांक ने कहा था कि सरकार को इस मामले की जानकारी मिली है, लेकिन उनके परिवार या किसी अन्य व्यक्ति की ओर से कोई औपचारिक शिकायत दर्ज नहीं कराई गई थी। मंत्री ने कहा था कि मिली जानकारी के अनुसार, अधिकारी की आखिरी 'लोकेशन' केम्पेगौड़ा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर मिली थी।


