एक्टर की पार्टी कहकर खारिज कर दिया था.... विरोधियों पर जमकर बरसे CM थलापति विजय
तमिलनाडु के मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय ने 2026 चुनाव में अपनी प्रचंड जीत और पार्टी के विजन पर अहम बयान दिया है। उन्होंने अपनी सरकार को 'सबसे आम लोगों की सरकार' बताते हुए विरोधियों को कड़ा जवाब दिया।

तमिलनाडु के मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय ने अपनी पार्टी की विचारधारा, 2026 के विधानसभा चुनावों में मिली प्रचंड जीत और अपने राजनीतिक सफर की चुनौतियों को लेकर कड़ा बयान दिया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि उनकी पार्टी केवल एक 'एक्टर की पार्टी' नहीं है, बल्कि यह जनता के बीच से निकली एक मजबूत राजनीतिक शक्ति है।
मुख्य वैचारिक आधार: पेरियार, अंबेडकर और कामराज
मुख्यमंत्री थलापति विजय ने अपनी पार्टी के वैचारिक दृष्टिकोण को स्पष्ट करते हुए तमिलनाडु और देश के तीन महान नेताओं के सिद्धांतों का जिक्र किया। उन्होंने स्पष्ट किया, "हमने पेरियार की धार्मिक मान्यताओं को खारिज करने वाली सोच को तो स्वीकार नहीं किया, लेकिन उनके अन्य व्यापक और सामाजिक सिद्धांतों को पूरी तरह अपनाया है।" उन्होंने यह भी कहा कि वे किसी की विचारधारा के विरोधी नहीं हैं और उन्होंने वैचारिक तथा राजनीतिक विरोधियों के बीच स्पष्ट अंतर रखा है।
विजय ने कहा कि उनकी पार्टी ने डॉ. अंबेडकर के समान अवसर और सामाजिक न्याय के आदर्शों को अपना मुख्य आधार बनाया है। पूर्व मुख्यमंत्री कामराज के 'ईमानदार प्रशासन' के मॉडल को पार्टी ने अपना मार्गदर्शक सिद्धांत माना है।
2026 चुनाव और एक स्वतंत्र राजनीतिक ताकत का उदय
विजय ने अपनी राजनीतिक रणनीति और 2026 के चुनाव परिणामों पर गर्व जताते हुए बताया कि वे सत्ता तक कैसे पहुंचे। उन्होंने विरोधियों को जवाब देते हुए कहा कि अधिकांश नेता पहले पार्टी बनाते हैं और फिर जनता के पास जाते हैं, लेकिन उनकी रणनीति इसके उलट थी। उन्होंने पहले जनता से जमीनी जुड़ाव बनाया और उसके बाद पार्टी का गठन किया। सीएम ने कहा कि जो लोग इस गहराई को नहीं समझते, वही उन्हें सिर्फ 'एक अभिनेता की पार्टी' कहकर खारिज कर देते हैं। उन्होंने कहा, "जो लोग इस बात को नहीं समझ पाते, वही हमें सिर्फ एक एक्टर की पार्टी कहकर खारिज कर देते हैं। 2026 के चुनाव में हमने बिना किसी गठबंधन के अकेले चुनाव लड़ा।"
उन्होंने कहा कि जनता ने उन्हें स्पष्ट रूप से समझा, जिसके परिणामस्वरूप पार्टी ने 35% वोट शेयर हासिल किया और 1.72 करोड़ (17.2 मिलियन) वोट प्राप्त किए। इसी के दम पर वे एक प्रमुख स्वतंत्र राजनीतिक ताकत के रूप में उभरे और आज सरकार चला रहे हैं।
संघर्ष, चुनौतियां और करूर की दुखद घटना
अपनी सवा दो साल की छोटी लेकिन बेहद चुनौतीपूर्ण राजनीतिक यात्रा का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कुछ लोग इस तेज सफलता का मजाक उड़ाते हैं, लेकिन इस सफर में पार्टी ने भारी कठिनाइयों और साजिशों का सामना किया है। उन्होंने करूर की घटना का विशेष रूप से उल्लेख किया, जहां 41 लोगों की जान चली गई थी। इस दुखद घटना का झूठा आरोप उनकी पार्टी पर मढ़ा गया था। इसका कड़ा विरोध करते हुए उन्होंने सवाल किया, "क्या राजनीति इस तरह से की जानी चाहिए?"
'सबसे आम लोगों' की सरकार
मुख्यमंत्री विजय ने अपनी सरकार की तुलना तमिलनाडु के पूर्व दिग्गज मुख्यमंत्रियों के शासनकाल से करते हुए एक बहुत ही मजबूत और भावनात्मक संदेश दिया कि जिस तरह सी.एन. अन्नादुरई (अन्ना) के नेतृत्व में 'आम लोगों' की सरकार थी। जिस तरह एम.जी. रामचंद्रन (एमजीआर) के नेतृत्व में 'बहुत आम लोगों' की सरकार थी। ठीक उसी तरह, विजय के नेतृत्व वाली यह वर्तमान सरकार "सबसे आम लोगों" की सरकार है। उन्होंने अपने बयान का समापन इस बात पर जोर देकर किया कि 2026 के इस ऐतिहासिक चुनाव में, उनकी पार्टी और तमिलनाडु की जनता ने मिलकर धर्म और जाति की सभी पुरानी बाधाओं को पूरी तरह से तोड़ दिया है।
तमिलनाडु के मुख्यमंत्री विजय ने राज्य विधानसभा में गवर्नर के भाषण का जवाब देते हुए कहा, "मैं तमिलनाडु के लोगों का शुक्रिया अदा करता हूं। लोगों की सेवा करना हमारा फर्ज है। भले ही हमारी राय अलग-अलग हों, लेकिन लोगों की भलाई के लिए हमें एकजुट होकर काम करना चाहिए। मैं पेरंबूर और तिरुचिरापल्ली ईस्ट के लोगों का धन्यवाद करता हूं। कुछ लोग कहते हैं कि मैं सीधे फिल्म की शूटिंग के सेट से मुख्यमंत्री बनने आया हूं। उनकी ही भाषा में कहूं तो, वह सिर्फ एक 'रील' है। जब हम एक फैन क्लब के तौर पर काम कर रहे थे, तब भी हम लोगों के साथ खड़े थे। 2008 में, हमने श्रीलंकाई तमिलों के समर्थन में विरोध प्रदर्शन किए। 2009 में, अपने जन-आंदोलन के जरिए हमने जनता के लिए कई कल्याणकारी योजनाएं चलाईं। अपनी फिल्मों के जरिए हमने सामाजिक न्याय और भ्रष्टाचार के विरोध की बात की। 2011 में, हमने मछुआरों के समर्थन में एक जनसभा आयोजित की और उनकी ओर से अपनी चिंताएं जाहिर कीं। हमने जल्लीकट्टू विरोध प्रदर्शन को अपना समर्थन दिया। हमने व्यक्तिगत रूप से जाकर स्टरलाइट विरोध प्रदर्शन का समर्थन किया। हमने पढ़ाई में होनहार छात्रों को स्कॉलरशिप और प्रोत्साहन राशि दी। इन सबके बाद, हमने 'तमिलगा वेट्री कझगम' (TVK) की शुरुआत की। हमने नागरिकता संशोधन अधिनियम (CAA) का विरोध करते हुए बयान भी जारी किए।"
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