मैं गांधीवादी नहीं हूं, ऐसा फिर करूंगा; कोर्ट में जज से बोला डबल मर्डर का आरोपी
एक ही परिवार को तीन लोगों की हत्या कर चुके एक शख्स को जब कोर्ट में पेश किया गया, तो उसे कोई अफसोस नहीं था। दोष सिद्ध होने से पहले ही उसने कह दिया था कि अगर कोई उसके रास्ते में आया, तो वह ऐसा दोबारा करेगा।

केरल की एक अदालत में गजब नजारा देखने को मिला है। यहां दो हत्याओं के आरोपी ने कोर्ट में कहा है कि अगर कोई उसके रास्ते में आया, तो वह फिर ऐसी ही वारदात को अंजाम देगा। इतना ही नहीं उसने कानून व्यवस्था को उसे फांसी देने की चुनौती भी दे डाली। साथ ही कहा कि उसे किए का कोई अफसोस नहीं है और वह गांधीवादी भी नहीं है।
केरल के पलक्कड़ जिले में अतिरिक्त जिला और सत्र न्यायालय में सुनवाई चल रही थी। कटघरे में 58 साल का चेंथामरा खड़ा था। उसे जनवरी 2025 में पड़ोसी सुधाकरण और उसकी मां लक्ष्मी के मर्डर का दोषी पाया गया है। इसके अलावा बीते साल उसे बीते साल सुधाकरण की पत्नी सजिता की हत्या का भी दोषी करार दिया गया था।
कोर्ट में क्या बोला
सरकारी वकील एमजे विजयकुमार ने बताया कि जब डिस्ट्रिक्ट प्रोबेशन ऑफिसर ने कहा कि चेंथामारा को हत्या का कोई अफसोस नहीं है। साथ ही कहा कि वह समाज के लिए भी खतरा है। उन्होंने बताया कि इस बात पर वह जवाब देने लगा था। उन्होंने कहा, 'चेंथामारा ने कहा कि हां मुझे कोई दुख नहीं है। मैं गांधीवादी नहीं हूं। अगर कोई मेरे रास्ते में आएगा तो फिर ऐसा करूंगा।'
उन्होंने कहा, 'अदालत ने मामले से जुड़े सभी पहलुओं की बारीकी से जांच करने के बाद यह फैसला सुनाया है। अभियोजन पक्ष की ओर से अदालत में पेश किए गए सबूत, गवाहों के बयान और मेडिकल व फोरेंसिक सबूत आरोपी के खिलाफ अहम साबित हुए। पुलिस ने वैज्ञानिक तरीके से सबूत जुटाने में बहुत अच्छा काम किया।'
क्या मिली सजा
चेंथामरा की सजा पर 15 जुलाई को फैसला किया जाएगा। वकील ने कहा, 'हम 15 जुलाई को उसके लिए मौत की सजा की अपील करेंगे। हमें उम्मीद है कि कोर्ट हमारी बात से सहमत होगा।'
जमानत पर बाहर आया और किया मर्डर
साल 2019 के केस में चेंथामरा को जमानत मिल गई थी। इसके बाद 27 जनवरी 2025 को वह सुधाकरण के घर में घुसा और दो और हत्याओं को अंजाम दे दिया था। इन घटनाओं के बाद पुलिस भी निशाने पर आ गई थी कि वह इस बात का पता नहीं लगा सकी कि आरोपी सुधाकरण के घर के पास है।
किस बात की थी नाराजगी
खबर है कि आरोपी को एक ज्योतिष ने कहा था कि उसकी पत्नी के छोड़कर जाने के लिए सुधाकरण का परिवार जिम्मेदार है। तब से ही वह उसके लिए मन में नाराजगी पाले हुए था। इसी के चलते 2019 में उसने सुधाकरण के घुसकर धारदार हथियार से उसकी पत्नी को मार दिया था। उस दौरान घर में और कोई नहीं था। अदालत ने उस केस में चेंथामरा पर दो उम्रकैद और 3.25 लाख रुपये का जुर्माना लगाया था।
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Nisarg Dixitनिसर्ग दीक्षित न्यूजरूम में करीब एक दशक का अनुभव लिए निसर्ग दीक्षित शोर से ज़्यादा सार पर भरोसा करते हैं। पिछले 4 साल से वह लाइव हिनुस्तान में डिप्टी चीफ प्रोड्यूसर के रूप में कार्यरत हैं, जहां खबरों की योजना, लेखन, सत्यापन और प्रस्तुति की जिम्मेदारी संभालते हैं। इससे पहले दैनिक भास्कर और न्यूज़18 जैसे बड़े मीडिया संस्थानों में काम कर चुके हैं, जहाँ उन्होंने ग्राउंड रिपोर्टिंग से लेकर डेस्क तक की भूमिकाएं निभाईं। उन्होंने माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय से पत्रकारिता की पढ़ाई की, जिसने उनके काम करने के तरीके को व्यावहारिक और तथ्य आधारित बनाया। निसर्ग की खास रुचि खोजी रिपोर्टिंग, ब्रेकिंग स्टोरीज़ और विज़ुअल न्यूज़ स्टोरीज़ में है। वे जटिल मुद्दों को सरल भाषा और स्पष्ट तथ्यों के साथ प्रस्तुत करने में विश्वास रखते हैं। राजनीति और जांच पड़ताल से जुड़े विषयों पर उनकी मजबूत पकड़ है। निसर्ग लोकसभा चुनावों, कई राज्यों के विधानसभा चुनावों और अहम घटनाओं को कवर कर चुके हैं। साथ ही संसदीय कार्यवाही और सुप्रीम कोर्ट की महत्वपूर्ण सुनवाइयों को नियमित रूप से कवर करते हैं। गूगल जर्नलिस्ट्स स्टूडियो में भी निसर्ग योगदान देते हैं।
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