REALITY CHECK: सभी बात कर रहे महिला आरक्षण की, पर किस पार्टी ने उतारे सबसे ज्यादा महिला उम्मीदवार?

Nisarg Dixit लाइव हिन्दुस्तान
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असम, केरल, पश्चिम बंगाल, तमिलनाडु और पुडुचेरी इस बार चुनावी दौर से गुजर रहे हैं। इनमें से असम, केरल और पुडुचेरी में मतदान हो चुका है और अन्य 2 राज्यों में बाकी है। ECI यानी भारत निर्वाचन आयोग की तरफ से जारी कार्यक्रम के अनुसार 4 मई को नतीजों का ऐलान होगा।

सभी बात कर रहे महिला आरक्षण की, पर किस पार्टी ने उतारे सबसे ज्यादा महिला उम्मीदवार?

दुनिया में ईरान और अमेरिका युद्ध और भारत में एलपीजी-पेट्रोल संकट जैसी सुर्खियों के बीच भी जिस मुद्दे ने आम जनता के दिमाग में जगह बनाई, वह था महिला आरक्षण बिल। सड़क से लेकर संसद तक इसपर जमकर चर्चा हुई। 4 राज्यों और 1 केंद्र शासित प्रदेश में विधानसभा चुनावों के बीच एंट्री लेने वाले इस बिल के केंद्र में महिलाएं ही थीं। जब मंचों से पार्टी के नेता घोषणापत्रों का ऐलान कर रहे थे, तब भी मुख्य जोर महिलाओं पर ही होता था। अब सवाल है कि आधी आबादी करार दिए गए इस वर्ग को राजनीतिक मजबूती देने में कितने प्रयास किए गए हैं? क्या चुनावी टिकटों के बंटवारे में भी महिलाओं का वही दबदबा दिखा जो भाषणों और घोषणापत्रों में नजर आता है? आइए देखते हैं, किस राज्य में किस दल ने महिलाओं पर कितना भरोसा जताया है।

असम, केरल, पश्चिम बंगाल, तमिलनाडु और पुडुचेरी इस बार चुनावी दौर से गुजर रहे हैं। इनमें से असम, केरल और पुडुचेरी में मतदान हो चुका है और अन्य 2 राज्यों में बाकी है। ECI यानी भारत निर्वाचन आयोग की तरफ से जारी कार्यक्रम के अनुसार 4 मई को नतीजों का ऐलान होगा। एकमात्र बंगाल में ही 2 चरणों में मतदान होना है।

केरल (कुल सीटें- 140)

महिलाओं की उम्मीदवारी- 11 %

केरल में मुख्य मुकाबला लेफ्ट की अगुवाई वाले LDF और कांग्रेस के नेतृत्व वाले UDF के बीच माना जा रहा है। 863 में से यहां 771 पुरुष उम्मीदवार चुनाव लड़ रहे हैं। जबकि, महिला प्रत्याशियों की संख्या 92 या 11 प्रतिशत ही है। IUML यानी इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग ने विधानसभा चुनाव में पहली बार एक साथ दो महिलाओं को उतारा है। इससे पहले, आईयूएमएल ने 1996 और 2021 के चुनावों में एक-एक महिला को टिकट दिया था।

केरल में कुल उम्मीदवार- 863

पुरुष- 771

महिलाएं- 92

पार्टीपुरुषमहिला
भाजपा- 938013
कांग्रेस- 85787
सीपीएम- 776512
सीपीआई- 24195

तमिलनाडु (कुल सीटें- 234)

महिलाओं की उम्मीदवारी- 14%

दक्षिण भारतीय राज्य में फिलहाल DMK यानी द्रविड़ मुन्नेत्र कझगम की अगुवाई वाली सरकार है। राज्य में इस बार कुल 4023 उम्मीदवार सियासी दांव खेल रहे हैं। इनमें से कुल 3992 विश्लेषण किया गया है। आंकड़े बताते हैं कि इनमें से 442 (14 फीसदी) महिलाओं को टिकट दिए गए हैं। आंकड़ों के अनुसार, वर्ष 2021 के चुनाव में कुल 3,859 उम्मीदवारों में से 407 महिलाएं थीं, जबकि 2016 में 2,295 उम्मीदवारों में से केवल 214 महिलाएं थीं। इससे महिला भागीदारी में धीरे-धीरे वृद्धि का संकेत मिलता है।

तमिलनाडु में उम्मीदवार- 3992

पुरुष- 3550

महिला- 442

पार्टीपुरुषमहिला
डीएमके- 17515619
AIADMK- 170149121
भाजपा- 33276
कांग्रेस- 28262

असम (कुल सीटें- 126)

महिलाओं की उम्मीदवारी- 8%

भारत के पूर्वोत्तर राज्य असम में मतदान हो चुके हैं। यहां कुल 722 उम्मीदवारों ने चुनाव लड़ा, जिनमें महिलाओं की हिस्सेदारी महज 8 फीसदी ही रही। राज्य में सभी पार्टियों ने मिलाकर कुल 60 महिलाओं को टिकट दिए थे। खास बात है कि असम की मतदाता सूचियों में महिलाओं की संख्या 49.98 प्रतिशत है। AIUDF, वोटर्स पार्टी इंटरनेशनल ने 2 और चुनाव में उतरे करीब 22 दलों ने 1-1 महिला को टिकट दिया है।

असम में उम्मीदवार- 722

पुरुष- 662

महिला- 60

पार्टीपुरुषमहिला
भाजपा- 90846
कांग्रेस- 998613
आम आदमी पार्टी- 18153
तृणमूल कांग्रेस- 22193
SUCI (C)- 412912

पुडुचेरी (कुल सीटें- 30)

महिलाओं की उम्मीदवारी- 14%

केंद्र शासित प्रदेश पुडुचेरी में 40 महिलाएं चुनाव लड़ रहीं हैं। हालांकि, कुल उम्मीदवारों के लिहाज से यह संख्या सिर्फ 14 प्रतिशत ही है। अलग-अलग दलों ने यहां 251 पुरुष उम्मीदवारों पर भरोसा जताया है।

पुडुचेरी में उम्मीदवार- 291

पुरुष- 251

महिला- 40

पार्टीपुरुषमहिला
एनटीके- 281414
टीवीके- 28262
पीएमके- 19172
एआईएनआर कांग्रेस- 16142
कांग्रेस- 21201

आंकड़े एसोसिएशन फॉर डेमोक्रेटिक रिफॉर्म्स (ADR) से लिए गए हैं।

पश्चिम बंगाल (कुल सीटें- 294)

महिलाओं की उम्मीदवारी- 11%

मां माटी मानुष का ही नारा था, जिसने राज्य में ममता बनर्जी को स्थापित करने में मुख्य भूमिका निभाई थी। राजनीतिक विश्लेषणों में कहा भी जाता है कि राज्य में तृणमूल कांग्रेस समर्थक वर्ग में महिलाओं की खासी हिस्सेदारी है। यहां कुल उम्मीदवारों में सिर्फ 11 प्रतिशत महिलाएं चुनाव लड़ रहीं हैं। राज्य की 291 सीटों पर चुनाव लड़ रहे सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस ने 52 सीटों पर महिलाओं को मौका दिया है। इसके बाद दूसरे नंबर पर कांग्रेस 35 उम्मीदवार और तीसरे पर 34 महिला प्रत्याशियों के साथ लेफ्ट है। लेफ्ट दल 253 सीटों पर चुनाव लड़ रहे हैं। वहीं, भाजपा ने 33 महिलाओं को मैदान में उतारा है। भाजपा और कांग्रेस दोनों ही दल पूरी 294 सीटों पर चुनाव लड़ रहे हैं।

Nisarg Dixit

लेखक के बारे में

Nisarg Dixit

निसर्ग दीक्षित न्यूजरूम में करीब एक दशक का अनुभव लिए निसर्ग दीक्षित शोर से ज़्यादा सार पर भरोसा करते हैं। पिछले 4 साल से वह लाइव हिनुस्तान में डिप्टी चीफ प्रोड्यूसर के रूप में कार्यरत हैं, जहां खबरों की योजना, लेखन, सत्यापन और प्रस्तुति की जिम्मेदारी संभालते हैं। इससे पहले दैनिक भास्कर और न्यूज़18 जैसे बड़े मीडिया संस्थानों में काम कर चुके हैं, जहाँ उन्होंने ग्राउंड रिपोर्टिंग से लेकर डेस्क तक की भूमिकाएं निभाईं। उन्होंने माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय से पत्रकारिता की पढ़ाई की, जिसने उनके काम करने के तरीके को व्यावहारिक और तथ्य आधारित बनाया। निसर्ग की खास रुचि खोजी रिपोर्टिंग, ब्रेकिंग स्टोरीज़ और विज़ुअल न्यूज़ स्टोरीज़ में है। वे जटिल मुद्दों को सरल भाषा और स्पष्ट तथ्यों के साथ प्रस्तुत करने में विश्वास रखते हैं। राजनीति और जांच पड़ताल से जुड़े विषयों पर उनकी मजबूत पकड़ है। निसर्ग लोकसभा चुनावों, कई राज्यों के विधानसभा चुनावों और अहम घटनाओं को कवर कर चुके हैं। साथ ही संसदीय कार्यवाही और सुप्रीम कोर्ट की महत्वपूर्ण सुनवाइयों को नियमित रूप से कवर करते हैं। गूगल जर्नलिस्ट्स स्टूडियो में भी निसर्ग योगदान देते हैं।

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