भारत के पास कितने दिनों के लिए तेल का स्टॉक बाकी? अफहवाहों के बीच सरकार ने दिया सही डाटा

Mar 07, 2026 11:28 am ISTHimanshu Jha लाइव हिन्दुस्तान
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भारत केवल कच्चे तेल पर ही निर्भर नहीं है, बल्कि उसके पास तैयार उत्पादों का भी पर्याप्त स्टॉक है। कच्चा तेल के अलावा, पेट्रोल और डीजल, एविएशन टर्बाइन फ्यूल जिसका इस्तेमाल विमानों के लिए ईंधन के तौर पर किया जाता है।

भारत के पास कितने दिनों के लिए तेल का स्टॉक बाकी? अफहवाहों के बीच सरकार ने दिया सही डाटा

ईरान पर अमेरिका और इजरायल के द्वारा लगातार हो रहे हमले के बीच भारत में पेट्रोल-डीजल उपभोक्ताओं की चिंता बढ़ गई है। कई शहरों में पेट्रोल पंप पर लंबी कतारें देखी गईं। वाहन मालिक ईंधन का स्टॉक करने में व्यस्त हैं। इस बीच केंद्र सरकार की तरफ से एक स्पष्टीकरण जारी किया गया है। पिछले कुछ दिनों से सोशल मीडिया पर तेल की कमी को लेकर फैली अफवाहों के बीच यह काफी महत्वपूर्ण है।

सरकार ने स्पष्ट किया है कि भारत के पास वर्तमान में 25 करोड़ बैरल (लगभग 4,000 करोड़ लीटर) कच्चा तेल और रिफाइंड पेट्रोलियम उत्पादों का संयुक्त भंडार है। यह मात्रा पूरे देश की जरूरतों को 7 से 8 सप्ताह (लगभग 50-60 दिन) तक पूरा करने के लिए पर्याप्त है।

भारत ने अपना तेल भंडार किसी एक जगह रखने के बजाय रणनीतिक रूप से पूरे देश में फैलाए हुए है। मैंगलोर, पादुर और विशाखापत्तनम में विशेष भूमिगत भंडारण सुविधाएं बनाए गए हैं। रिफाइनरियों और डिपो में विशाल टैंक बनाए गए हैं। हजारों किलोमीटर लंबी पाइपलाइनों में हर वक्त मौजूद रहने वाला तेल भी भारत के पास मौजूद है। इसके अलावा समुद्र में भारतीय बंदरगाहों की ओर कई विशाल तेल टैंकर आ रहे हैं।

भंडार में क्या-क्या शामिल है?

भारत केवल कच्चे तेल पर ही निर्भर नहीं है, बल्कि उसके पास तैयार उत्पादों का भी पर्याप्त स्टॉक है। कच्चा तेल के अलावा, पेट्रोल और डीजल, एविएशन टर्बाइन फ्यूल जिसका इस्तेमाल विमानों के लिए ईंधन के तौर पर किया जाता है। एलपीजी और एलएनजी का भी प्रयाप्त स्टॉक है।

सरकार ने उन दो प्रमुख दावों को पूरी तरह गलत बताया है जो जनता में पैनिक पैदा कर रहे थे। पहला दावा यह किया जा रहा था कि वैश्विक तेल आपूर्ति पूरी तरह बंद हो गई है। इसके अलावा यह भी कहा जा रहा था कि भारत के पास केवल 25 दिनों का रिजर्व बचा है। हालांकि, हकीकत यह है कि भारत अभी भी कई वैश्विक आपूर्तिकर्ताओं (रूस, इराक, यूएई आदि) से तेल प्राप्त कर रहा है। सप्लाई चेन के सभी हिस्सों को मिलाकर भारत के पास 50-60 दिनों का बैकअप है, जो अल्पकालिक व्यवधानों से निपटने के लिए पर्याप्त है।

पश्चिम एशिया में जारी युद्ध के बावजूद, भारत की ऊर्जा कूटनीति और रणनीतिक भंडारण नीति ने देश को एक सुरक्षित कवच प्रदान किया है। नागरिकों को सलाह दी गई है कि वे घबराहट में आकर ईंधन का भंडारण न करें, क्योंकि देश में आपूर्ति श्रृंखला सामान्य रूप से काम कर रही है।

Himanshu Jha

लेखक के बारे में

Himanshu Jha

बिहार के दरभंगा जिले से ताल्लुक रखने वाले हिमांशु शेखर झा डिजिटल मीडिया जगत का एक जाना-माना नाम हैं। विज्ञान पृष्ठभूमि से होने के बावजूद (BCA और MCA), पत्रकारिता के प्रति अपने जुनून के कारण उन्होंने IGNOU से पत्रकारिता में डिप्लोमा किया और मीडिया को ही अपना कर्मक्षेत्र चुना।


एक दशक से भी अधिक समय का अनुभव रखने वाले हिमांशु ने देश के प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों जैसे दैनिक भास्कर, न्यूज़-18 और ज़ी न्यूज़ में अपनी सेवाएं दी हैं। वर्तमान में, वे वर्ष 2019 से लाइव हिन्दुस्तान के साथ जुड़े हुए हैं।


हिमांशु की पहचान विशेष रूप से राजनीति के विश्लेषक के तौर पर होती है। उन्हें बिहार की क्षेत्रीय राजनीति के साथ-साथ राष्ट्रीय राजनीति की गहरी और बारीक समझ है। एक पत्रकार के रूप में उन्होंने 2014, 2019 और 2024 के लोकसभा चुनावों और कई विधानसभा चुनावों को बेहद करीब से कवर किया है, जो उनके वृहद अनुभव और राजनीतिक दृष्टि को दर्शाता है।


काम के इतर, हिमांशु को सिनेमा का विशेष शौक है। वे विशेष रूप से सियासी और क्राइम बेस्ड वेब सीरीज़ देखना पसंद करते हैं, जो कहीं न कहीं समाज और सत्ता के समीकरणों को समझने की उनकी जिज्ञासा को भी प्रदर्शित करता है।

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