
अब कैसी है जगदीप धनखड़ की तबीयत, बेहोश होने के बाद हुए थे दिल्ली AIIMS में भर्ती
जगदीप धनखड़ के इस्तीफे की वजह को लेकर विपक्ष ने कई सवाल उठाए थे। दावा किया जा रहा था कि सरकार से खटपट होने के कारण उन्होंने पद छोड़ा था। हालांकि, इसे लेकर धनखड़ ने साफतौर पर कुछ नहीं कहा है। इस्तीफा देने के बाद से ही उन्होंने सार्वजनिक रूप से इस मुद्दे पर बात नहीं की है।
भारत के पूर्व उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ का AIIMS दिल्ली में इलाज जारी है। खबर है कि उनकी हालत स्थिर बनी हुई है। 10 जनवरी को दो बार बेहोश होने के बाद सोमवार को उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया था। खबर है कि शनिवार तड़के साढ़े तीन बजे 74 वर्षीय धनखड़ पर बाथरूम में दो बार बेहोशी छा गई थी।
इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के अनुसार, धनखड़ की तबीयत स्थिर है। रिपोर्ट में सूत्रों के हवाले से बताया गया है कि मंगलवार सुबह उनके कुछ ब्लड टेस्ट किए गए थे। बेहोश होने के बाद रुटीन जांच के लिए अस्पताल पहुंचे धनखड़ को डॉक्टरों ने भर्ती होने की सलाह दी थी।
पीटीआई भाषा के अनुसार, सोमवार को एक अधिकारी ने कहा, 'आज उन्हें एम्स ले जाया गया जहां चिकित्सकों ने उन्हें जांच के लिए भर्ती करने पर जोर दिया। वह रातभर अस्पताल में ही रहेंगे।'
धनखड़ पहले भी कई बार बेहोश हो चुके हैं, जिनमें कच्छ का रण, उत्तराखंड, केरल और दिल्ली की घटनाएं शामिल हैं जहां वह उपराष्ट्रपति के रूप में सार्वजनिक कार्यक्रमों में गए थे। उन्होंने स्वास्थ्य कारणों का हवाला देते हुए 21 जुलाई को उपराष्ट्रपति के पद से इस्तीफा दे दिया था। हृदय संबंधी बीमारी के कारण धनखड़ को पिछले साल भी एम्स में भर्ती कराया गया था।
इस्तीफे पर हुआ था बवाल
धनखड़ के इस्तीफे की वजह को लेकर विपक्ष ने कई सवाल उठाए थे। दावा किया जा रहा था कि सरकार से खटपट होने के कारण उन्होंने पद छोड़ा था। हालांकि, इसे लेकर धनखड़ ने साफतौर पर कुछ नहीं कहा है। इस्तीफा देने के बाद से ही उन्होंने सार्वजनिक रूप से इस मुद्दे पर बात नहीं की है।

लेखक के बारे में
Nisarg Dixitनिसर्ग दीक्षित न्यूजरूम में करीब एक दशक का अनुभव लिए निसर्ग दीक्षित शोर से ज़्यादा सार पर भरोसा करते हैं। पिछले 4 साल से वह लाइव हिनुस्तान में डिप्टी चीफ प्रोड्यूसर के रूप में कार्यरत हैं, जहां खबरों की योजना, लेखन, सत्यापन और प्रस्तुति की जिम्मेदारी संभालते हैं। इससे पहले दैनिक भास्कर और न्यूज़18 जैसे बड़े मीडिया संस्थानों में काम कर चुके हैं, जहाँ उन्होंने ग्राउंड रिपोर्टिंग से लेकर डेस्क तक की भूमिकाएं निभाईं। उन्होंने माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय से पत्रकारिता की पढ़ाई की, जिसने उनके काम करने के तरीके को व्यावहारिक और तथ्य आधारित बनाया। निसर्ग की खास रुचि खोजी रिपोर्टिंग, ब्रेकिंग स्टोरीज़ और विज़ुअल न्यूज़ स्टोरीज़ में है। वे जटिल मुद्दों को सरल भाषा और स्पष्ट तथ्यों के साथ प्रस्तुत करने में विश्वास रखते हैं। राजनीति और जांच पड़ताल से जुड़े विषयों पर उनकी मजबूत पकड़ है। निसर्ग लोकसभा चुनावों, कई राज्यों के विधानसभा चुनावों और अहम घटनाओं को कवर कर चुके हैं। साथ ही संसदीय कार्यवाही और सुप्रीम कोर्ट की महत्वपूर्ण सुनवाइयों को नियमित रूप से कवर करते हैं। गूगल जर्नलिस्ट्स स्टूडियो में भी निसर्ग योगदान देते हैं।
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