कोरोना से कितना अलग हंता वायरस? जानें इसके लक्षण, WHO ने जारी की है चेतावनी

Himanshu Jha लाइव हिन्दुस्तान
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इससे बचाव के लिए साफ-सफाई का ध्यान रखना सबसे जरूरी है। चूहों से दूर रहना, घर को साफ रखना और गंदे या बंद स्थानों की सफाई करते समय सावधानी बरतना बेहद महत्वपूर्ण है। 

कोरोना से कितना अलग हंता वायरस? जानें इसके लक्षण, WHO ने जारी की है चेतावनी

क्रूज के हंता वायरस की चपेट में आने के बाद विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) ने कहा कि यह गंभीर संक्रामक बीमारी है। डब्ल्यूएचओ की वैश्विक महामारी की निदेशक मारिया वैन केरखोव ने कहा कि यह अगला कोविड नहीं है, लेकिन यह एक गंभीर संक्रामक बीमारी है। हम इस वायरस को जानते हैं। यह कई वर्षों से मौजूद है।

डब्ल्यूएचओ के अनुसार क्रूज पर पहली मौत 11 अप्रैल को हुई थी। मरने वाला 70 साल का एक डच व्यक्ति था। लगभग दो हफ्ते बाद सेंट हेलेना में उसके शव को क्रूज से उतारा गया। उसकी 69 साल की पत्नी सेंट हेलेना से हवाई जहाज से दक्षिण अफ्रीका गई। वह हवाई अड्डे पर अचानक गिर पड़ी और 26 अप्रैल को अस्पताल में उनकी मौत हो गई। तीसरी यात्री एक जर्मन महिला थी।

इससे बचाव के लिए साफ-सफाई का ध्यान रखना सबसे जरूरी है। चूहों से दूर रहना, घर को साफ रखना और गंदे या बंद स्थानों की सफाई करते समय सावधानी बरतना बेहद महत्वपूर्ण है। कोरोना से बचाव के लिए हाथ धोना, मास्क पहनना और भीड़ से बचना जैसे उपाय अपनाने चाहिए।

लक्षण क्या होते हैं?

हंतावायरस के शुरुआती लक्षण आम फ्लू जैसे होते हैं, जैसे बुखार, थकान और शरीर में दर्द, लेकिन जैसे-जैसे संक्रमण बढ़ता है, ये गंभीर रूप ले सकता है। सांस लेने में परेशानी, फेफड़ों में पानी भरना या किडनी से जुड़ी समस्याएं पैदा कर सकता है।

भारत में वायरस को लेकर बड़ा खतरा या अलर्ट नहीं

फिलहाल भारत में हंता वायरस को लेकर कोई बड़ा खतरा या अलर्ट नहीं है। यहां इसके मामले बहुत कम पाए जाते हैं और कई बार इसकी पहचान भी मुश्किल हो जाती है, क्योंकि इसके लक्षण दूसरी सामान्य बीमारियों जैसे लगते हैं।

चूहों से इंसानों में फैलता है यह संक्रमण

हंता एक गंभीर और जानलेवा वायरस है, जो मुख्य रूप से चूहों से इंसानों में फैलता है। यह नया वायरस नहीं है। इसके लक्षण और गंभीरता इसे खतरनाक बनाते हैं। डब्ल्यूएचओ के अनुसार यह वायरस संक्रमित चूहों के पेशाब, लार या मल के संपर्क में आने से फैलता है। चूहों के मल-मूत्र के सूखने पर उसके कण हवा में मिल जाते हैं और सांस के जरिए इंसान के शरीर में प्रवेश कर सकते हैं।

वेबसाइट नेचर के मुताबिक भारत में पहले भी हंता वायरस के कई मामले सामने आ चुके हैं। साल 2008 में तमिलनाडु के वेल्लोर जिले में हंता वायरस फैला था। तब इरुला समुदाय के 28 लोग इससे संक्रमित हुए थे। ये मुख्य रूप से सांप और चूहे पकड़ने वाले थे। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार 2016 में मुंबई में एक 12 साल के बच्चे की मौत इस बीमारी से हुई थी। उसके फेफड़ों से खून बह रहा था। यह इस वायरस का एक प्रमुख लक्षण है।

हंता और कोरोना में अंतर

हंता वायरस और कोरोना वायरस दोनों ही आरएनए वायरस हैं, लेकिन इनका फैलने का तरीका बिल्कुल अलग है। कोरोना वायरस इंसान से इंसान में तेजी से फैलता है, जबकि हंता वायरस ज्यादातर चूहों के संपर्क से फैलता है और इंसानों के बीच इसका फैलाव बहुत कम होता है। इसी वजह से कोरोना ने महामारी का रूप लिया।

डब्ल्यूएचओ ने 12 देशों को चेताया

डब्ल्यूएचओ ने कहा कि उसने 12 देशों को सूचित किया है। डब्ल्यूएचओ प्रमुख टेड्रोस अधानोम घेब्रेयेसस ने बताया कि जिन देशों के नागरिक जहाज से उतरे हैं उनमें कनाडा, डेनमार्क, जर्मनी, नीदरलैंड, न्यूजीलैंड, सेंट किट्स और नेविस, सिंगापुर, स्वीडन, स्विट्जरलैंड, तुर्किये, ब्रिटेन, अमेरिका शामिल हैं।

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Himanshu Jha

लेखक के बारे में

Himanshu Jha

बिहार के दरभंगा जिले से ताल्लुक रखने वाले हिमांशु शेखर झा डिजिटल मीडिया जगत का एक जाना-माना नाम हैं। विज्ञान पृष्ठभूमि से होने के बावजूद (BCA और MCA), पत्रकारिता के प्रति अपने जुनून के कारण उन्होंने IGNOU से पत्रकारिता में डिप्लोमा किया और मीडिया को ही अपना कर्मक्षेत्र चुना।


एक दशक से भी अधिक समय का अनुभव रखने वाले हिमांशु ने देश के प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों जैसे दैनिक भास्कर, न्यूज़-18 और ज़ी न्यूज़ में अपनी सेवाएं दी हैं। वर्तमान में, वे वर्ष 2019 से लाइव हिन्दुस्तान के साथ जुड़े हुए हैं।


हिमांशु की पहचान विशेष रूप से राजनीति के विश्लेषक के तौर पर होती है। उन्हें बिहार की क्षेत्रीय राजनीति के साथ-साथ राष्ट्रीय राजनीति की गहरी और बारीक समझ है। एक पत्रकार के रूप में उन्होंने 2014, 2019 और 2024 के लोकसभा चुनावों और कई विधानसभा चुनावों को बेहद करीब से कवर किया है, जो उनके वृहद अनुभव और राजनीतिक दृष्टि को दर्शाता है।


काम के इतर, हिमांशु को सिनेमा का विशेष शौक है। वे विशेष रूप से सियासी और क्राइम बेस्ड वेब सीरीज़ देखना पसंद करते हैं, जो कहीं न कहीं समाज और सत्ता के समीकरणों को समझने की उनकी जिज्ञासा को भी प्रदर्शित करता है।

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