भाजपा को बंगाल में कैसे मिली इतनी शानदार जीत? IIM कलकत्ता में होगी पढ़ाई, TMC भड़क गई
केस स्टडी को अंतिम रूप देने के लिए आईआईएम की टीम ने पश्चिम बंगाल भाजपा के चुनाव प्रभारी सुनील बंसल, प्रदेश अध्यक्ष समिक भट्टाचार्य और पूर्व प्रदेश अध्यक्ष डॉ. सुकांत मजूमदार के साथ गहन बातचीत की है।

पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में भारतीय जनता पार्टी (BJP) को मिली प्रचंड जीत की सियासी गलियारों में तो हर जगह चर्चा है ही, अब इसकी गूंज भारतीय प्रबंध संस्थान (IIM) के क्लासरूम में भी सुनाई देगी। आईआईएम कलकत्ता इसकी तैयारी में जुट गया है। भाजपा की चुनावी रणनीति और प्रबंधन को केस स्टडी के रूप में शामिल करने जा रहा है।
आईआईएएम का मानना है कि एक असंभव से दिखने वाले चुनाव में भाजपा की रणनीति, नेतृत्व और जमीनी प्रबंधन का तालमेल मैनेजमेंट के छात्रों के लिए एक रोचक स्टडी मटेरियल साबित हो सकता है। आईआईएम कलकत्ता के निदेशक आलोक राय ने इस बात की पुष्टि करते हुए बताया कि संस्थान वर्तमान में पश्चिम बंगाल में भाजपा के चुनाव प्रबंधन का रणनीतिक विश्लेषण कर रहा है।
निदेशक आलोक राय ने बताया कि यह केस स्टडी केवल आईआईएम कलकत्ता तक ही सीमित नहीं रहेगी, बल्कि इसे संस्थान के केस रिसर्च सेंटर के माध्यम से दुनिया भर के मैनेजमेंट संस्थानों के लिए उपलब्ध कराया जाएगा, ताकि इच्छुक संस्थान इसे अपने पाठ्यक्रम में पढ़ा सकें। इस केस स्टडी को विकसित करने के लिए एक उच्चस्तरीय टीम काम कर रही है। इसमें आलोक राय के अलावा प्रो. राम्या व्यंकटेश्वरन और पूर्व प्रोफेरस प्रो. बोधिब्रत नाग भी शामिल हैं।
अमित शाह के से भी चर्चा की तैयारी
केस स्टडी को अंतिम रूप देने के लिए आईआईएम की टीम ने पश्चिम बंगाल भाजपा के चुनाव प्रभारी सुनील बंसल, प्रदेश अध्यक्ष समिक भट्टाचार्य और पूर्व प्रदेश अध्यक्ष डॉ. सुकांत मजूमदार के साथ गहन बातचीत की है। इसके अतिरिक्त केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी के साथ भी चर्चा की योजना बनाई जा रही है।
आईआईएम कलकत्ता के निदेशक आलोक राय ने कहा, "पश्चिम बंगाल में भाजपा द्वारा बनाई गई सरकार एक ऐतिहासिक घटना है। अधिकांश चुनावी सर्वे तृणमूल कांग्रेस (TMC) की वापसी का अनुमान लगा रहे थे, लेकिन भाजपा ने एक बड़ी जीत दर्ज की। योजना और नेतृत्व के समन्वय से हासिल की गई इस सफलता को हमने छात्रों के लिए एक उपयोगी केस स्टडी के रूप में देखा और भाजपा से अनुमति मिलने के बाद इस काम को आगे बढ़ाया गया।"
टीचिंग नोट्स भी होंगे तैयार
आईआईएम की टीम के अनुसार, इस केस स्टडी में भाजपा की जमीनी सांगठनिक क्षमता, बूथ-स्तरीय संरचना, कार्यकर्ताओं के मनोबल, स्थानीय सांस्कृतिक और सामाजिक जनसंपर्क अभियान, निर्वाचन क्षेत्र आधारित विभाजन और संचार प्रणाली की भूमिका का अध्ययन किया जाएगा। शिक्षकों को पढ़ाने में आसानी हो इसके लिए केस स्टडी के साथ-साथ टीचिंग नोट्स भी तैयार किए जा रहे हैं।
तृणमूल कांग्रेस का तीखा ऐतराज
आईआईएम कलकत्ता के इस फैसले पर राज्य की मुख्य विपक्षी पार्टी तृणमूल कांग्रेस (TMC) ने कड़ी आपत्ति जताई है। टीएमसी विधायक कुणाल घोष ने इस कदम की आलोचना करते हुए कहा, "प्रबंधन के छात्रों के लिए समाजशास्त्र और सोशल साइंस के अध्ययन के लिए कई अन्य महत्वपूर्ण विषय उपलब्ध हैं। इस तरह की राजनीतिक जीत को प्रबंधन पाठ्यक्रम का हिस्सा नहीं बनाया जाना चाहिए।"


