होर्मुज में व्यवधानों की वजह से क्षेत्र में भारी आर्थिक प्रभाव और ऊर्जा अस्थिरता पैदा हुई है: नौसेना प्रमुख

Apr 02, 2026 10:52 pm ISTMadan Tiwari लाइव हिन्दुस्तान
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एडमिरल ने कहा कि अकेले पिछले वर्ष में ही, हिंद महासागर क्षेत्र में विभिन्न प्रकृति की 3,700 समुद्री घटनाएं दर्ज की गईं। उन्होंने आगे कहा कि इसके अतिरिक्त, 2025 में इस क्षेत्र में जब्त किए गए नशीले पदार्थों का मूल्य एक अरब अमेरिकी डॉलर से अधिक था।

होर्मुज में व्यवधानों की वजह से क्षेत्र में भारी आर्थिक प्रभाव और ऊर्जा अस्थिरता पैदा हुई है: नौसेना प्रमुख

भारतीय नौसेना प्रमुख एडमिरल डी.के. त्रिपाठी ने गुरुवार को पश्चिम एशिया में चल रहे युद्ध के बीच कहा कि होर्मुज स्ट्रेट में हुई बाधाओं के कारण इस क्षेत्र में गंभीर आर्थिक प्रभाव पड़ा है और ऊर्जा अस्थिरता पैदा हो गई है। एक कार्यक्रम में बोलते हुए, जहां INS सुनायना नामक एक ऑफशोर पेट्रोल वेसल (तटीय गश्ती पोत) 'इंडियन ओशन शिप' (IOS) सागर के रूप में मुंबई से रवाना हुआ, एडमिरल ने कहा कि समुद्र में प्रतिस्पर्धा अब केवल तेल और ऊर्जा तक ही सीमित नहीं रह गई है।

उन्होंने कहा कि अब यह उन संसाधनों की ओर भी बढ़ रही है जो भविष्य के विकास को आकार देंगे, जैसे कि दुर्लभ मृदा तत्व, महत्वपूर्ण खनिज, मछली पकड़ने के नए क्षेत्र और यहां तक कि डेटा भी। पश्चिम एशिया का संकट 28 फरवरी को अमेरिका और इजरायल द्वारा ईरान पर किए गए एक संयुक्त हमले के बाद शुरू हुआ था। इसके साथ ही, नौसेना प्रमुख ने बताया कि समुद्री डकैती, सशस्त्र लूट और नशीले पदार्थों की तस्करी जैसे खतरे, जिन्हें गैर-सरकारी तत्वों तक उन्नत तकनीक की बेरोकटोक पहुंच का समर्थन प्राप्त है, अब और भी अधिक जटिल और इनसे निपटना चुनौतीपूर्ण हो गया है।

एडमिरल ने कहा कि अकेले पिछले वर्ष में ही, हिंद महासागर क्षेत्र में विभिन्न प्रकृति की 3,700 समुद्री घटनाएं दर्ज की गईं। उन्होंने आगे कहा कि इसके अतिरिक्त, 2025 में इस क्षेत्र में जब्त किए गए नशीले पदार्थों का मूल्य एक अरब अमेरिकी डॉलर से अधिक था, जो इस क्षेत्र में ऐसी चुनौतियों की निरंतरता और उनके बढ़ते प्रसार को दर्शाता है।

'नाविकों को खोने वाला भारत एकमात्र देश'

वहीं, दूसरी ओर पश्चिम एशिया संघर्ष को लेकर बनी हुई अनिश्चितता की स्थिति तथा होर्मुज के रास्ते ऊर्जा आपूर्ति में आ रही बाधा के बीच भारत ने अंतरराष्ट्रीय जलमार्गों में नौवहन की स्वतंत्रता और निर्बाध आवागमन के सिद्धांतों के महत्व पर अपनी बात को जोरदार तरीके से रखा है। भारत ने जोर देकर कहा है कि इस संकट का समाधान तनाव कम करने तथा संवाद से ही संभव है। विदेश सचिव विक्रम मिस्री ने पश्चिम एशिया की स्थिति पर ब्रिटेन के विदेश सचिव द्वारा बुलाई गई बैठक में गुरुवार को भारत का प्रतिनिधित्व किया। इस बैठक में 60 से अधिक देशों ने भाग लिया। विदेश मंत्रालय ने बताया कि मिस्री ने बैठक में अपने वक्तव्य में अंतरराष्ट्रीय जलमार्गों में नौवहन की स्वतंत्रता और निर्बाध आवागमन के सिद्धांतों के महत्व को रेखांकित किया। उन्होंने भारत की ऊर्जा सुरक्षा पर संकट के प्रभाव पर जोर दिया और इस तथ्य का उल्लेख किया कि खाड़ी क्षेत्र में वाणिज्यिक जहाजों पर हमलों में नाविकों को खोने वाला भारत एकमात्र देश है।

Madan Tiwari

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Madan Tiwari

लखनऊ के रहने वाले मदन तिवारी वरिष्ठ पत्रकार हैं और मीडिया में एक दशक से ज्यादा का अनुभव है।
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वर्तमान में मदन हिन्दुस्तान अखबार की न्यूज वेबसाइट लाइव हिन्दुस्तान (हिन्दुस्तान टाइम्स डिजिटल) में डिप्टी न्यूज एडिटर के पद पर कार्यरत हैं। जागरण इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट एंड मास कम्युनिकेशन से पत्रकारिता की पढ़ाई की। कक्षा 12वीं के बाद से ही दैनिक जागरण, अमर उजाला, जनसत्ता समेत तमाम अखबारों में संपादकीय पृष्ठ पर लिखना शुरू किया। महज दो सालों में विभिन्न राष्ट्रीय और क्षेत्रियों अखबारों में दो सौ से अधिक आलेख प्रकाशित हुए। ग्रेजुएशन करते समय ही मीडिया में नौकरी की शुरुआत की। लाइव हिन्दुस्तान में अभी दूसरी पारी है और दोनों पारियों को मिलाकर यहां आठ साल से ज्यादा हो चुके हैं। कुल एक दशक से अधिक समय से पत्रकारिता में सक्रिय हैं। मदन आजतक जैसे अन्य संस्थानों में भी काम कर चुके हैं।

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मदन ने लाइव हिन्दुस्तान में काम करते हुए जर्नलिस्ट ऑफ द ईयर, मंथली अवॉर्ड्स, पॉपुलर च्वॉइस, एचटी स्टार अवॉर्ड्स समेत एक दर्जन से ज्यादा पुरस्कार जीते हैं।

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