हनी सिंह की 'नो डोप शॉप' अभियान, पंजाब में BJP को मिल सकती है नई ताकत; जानें कैसे
लोकप्रिय गायक-रैपर हनी सिंह ने भाजपा के साथ मंच साझा कर सुर्खियां बटोरी हैं। हालांकि उन्होंने अभी तक किसी भी राजनीतिक पार्टी में शामिल होने की घोषणा नहीं की है, लेकिन उनकी नशा-विरोधी अपील 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले भाजपा के लिए एक बड़ा सियासी हथियार साबित हो सकती है।

पंजाब में नशीली दवाओं के खिलाफ मुहिम को नया आयाम देते हुए लोकप्रिय गायक-रैपर हनी सिंह ने भाजपा के साथ मंच साझा कर सुर्खियां बटोरी हैं। हालांकि उन्होंने अभी तक किसी भी राजनीतिक पार्टी में शामिल होने की घोषणा नहीं की है, लेकिन उनकी नशा-विरोधी अपील 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले भाजपा के लिए एक बड़ा सियासी हथियार साबित हो सकती है। दरअसल, मंगलवार को भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव तरुण चुघ से मुलाकात के दौरान हनी सिंह ने पंजाब के युवाओं को नशे से दूर रहने की अपील की।
दोनों ने संयुक्त रूप से नशीली दवाओं के दुरुपयोग के खिलाफ संदेश जारी किया। तरुण चुघ ने हनी सिंह की नशे की लत से उबरने की संघर्ष गाथा की सराहना करते हुए कहा कि अगर हनी सिंह उस दलदल से बाहर निकल सकते हैं, तो पंजाब का हर बच्चा बाहर निकल सकता है।”
हनी सिंह की कहानी क्यों खास?
एक दशक पहले 'डोप शॉप' गाने से चर्चा में आए हनी सिंह आज 'नो डोप शॉप' का संदेश दे रहे हैं। अपनी लत से मुक्ति के बाद वे खुलकर मानसिक स्वास्थ्य और नशे की समस्या पर बात करते हैं। कई लोग उन्हें राजनेताओं से ज्यादा प्रभावशाली संदेशवाहक मानते हैं। भाजपा नेताओं ने उन्हें 'पंजाब का बेटा' करार दिया और कहा कि उनकी दुनिया भर में पहचान और वापसी की प्रेरणादायक कहानी युवाओं को गहराई से प्रभावित कर सकती है। हनी सिंह ने जवाब में कहा कि नशीली दवाएं परिवारों और युवाओं को तबाह कर रही हैं। वे पंजाब को नशा-मुक्त बनाने के हर प्रयास में पूरा समर्थन देंगे।
क्या है हनी सिंह की सबसे बड़ी ताकत?
बता दें कि हनी सिंह की सबसे बड़ी ताकत उनकी क्रॉस-जनरेशनल लोकप्रियता है। उनके पुराने गाने सुनने वाले 30-40 साल के मतदाता आज भी उन्हें पसंद करते हैं, जबकि नई पीढ़ी भी उनके हालिया गानों पर फिदा है। इस अनोखी पहुंच के कारण वे पंजाब की सांस्कृतिक और सामाजिक बहस में खास मुकाम रखते हैं। दूसरी ओर भाजपा लंबे समय से आम आदमी पार्टी सरकार पर पंजाब में नशे की समस्या को बढ़ावा देने का आरोप लगा रही है। ऐसे में हनी सिंह जैसी विश्वसनीय और लोकप्रिय हस्ती का समर्थन भाजपा के नशा-विरोधी अभियान को नई मजबूती दे सकता है।
हनी सिंह की कहानी को सियासी इस्तेमाल करेगी बीजेपी?
इसके अलावा, हनी सिंह का पैतृक गांव होशियारपुर (दोआबा क्षेत्र) में स्थित है। भाजपा दोआबा में दलित, ओबीसी और गैर-जाट वोटों को साधने की रणनीति पर काम कर रही है, जिसका नेतृत्व हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी कर रहे हैं। हनी सिंह की क्षेत्रीय जड़ें इस रणनीति से भी जुड़ती हैं। हालांकि, इस मुलाकात में मुख्य रूप से संस्कृति और सामाजिक मुद्दों पर चर्चा हुई। हनी सिंह ने कोई चुनावी या राजनीतिक घोषणा नहीं की। फिर भी, भाजपा उनकी वापसी की कहानी का इस्तेमाल पंजाब के युवाओं तक यह संदेश पहुंचाने के लिए कर रही है कि अगर हनी सिंह वापसी कर सकते हैं, तो आप भी कर सकते हैं।
वहीं, राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि 2027 के चुनाव की तैयारी के लिहाज से हनी सिंह की यह अपील महज एक सांस्कृतिक कार्यक्रम से कहीं आगे, भाजपा के सियासी दांव की शुरुआत साबित हो सकती है।
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लेखक के बारे में
Devendra Kasyapदेवेन्द्र कश्यप पिछले 13 वर्षों से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अगस्त 2025 से वह लाइव हिन्दुस्तान (हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप) में चीफ कंटेंट प्रोड्यूसर के पद पर कार्यरत हैं। संस्थान की होम टीम का वह एक अहम हिस्सा हैं। राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रमों पर उनकी पैनी नजर रहती है। वायरल कंटेंट के साथ-साथ लीक से हटकर और प्रभावशाली खबरों में उनकी विशेष रुचि है।
देवेन्द्र ने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत वर्ष 2013 में महुआ न्यूज से की। करियर के शुरुआती दौर में उन्होंने बिहार की राजधानी पटना में रिपोर्टिंग की। इस दौरान राजनीति के साथ-साथ क्राइम और शिक्षा बीट पर भी काम किया। इसके बाद उन्होंने जी न्यूज (बिहार-झारखंड) में अपनी सेवाएं दीं। वर्ष 2015 में ईनाडु इंडिया के साथ डिजिटल मीडिया में कदम रखा। इसके बाद राजस्थान पत्रिका, ईटीवी भारत और नवभारत टाइम्स ऑनलाइन जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में कार्य किया।
मूल रूप से बिहार के भोजपुरी बेल्ट रोहतास जिले के रहने वाले देवेन्द्र कश्यप ने अपनी प्रारंभिक और उच्च शिक्षा पटना से प्राप्त की। उन्होंने पटना विश्वविद्यालय से राजनीति विज्ञान में स्नातक की डिग्री हासिल की और MCU भोपाल से पत्रकारिता में डिप्लोमा किया। वर्तमान में वह उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में प्रवास कर रहे हैं।
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