
भारत नेपाल नहीं, हमारी लोकतांत्रिक जड़ें बहुत मजबूत, जेन-जी प्रोटेस्ट पर अमित शाह
केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने कहा भारत में लोकतंत्र की जड़ें बेदह मजबूत हैं। इसलिए हमारे देश में नेपाल जैसे जेन-जी प्रोटेस्ट की संभावना नहीं है। गृहंमंत्री ने अवैध प्रवासियों और घुसपैठ पर हमला बोलते हुए कहा कि हमारा देश कोई धर्मशाला नहीं है।
केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने भारत में नेपाल जैसे जेन-जी प्रोटेस्ट की संभावना से इनकार किया है। उन्होंने कहा कि हमारा देश नेपाल की तरह नहीं है। हमारे देश में लोकतंत्र की जड़ें बहुत मजबूत हैं। ऐसे में यहां पर किसी तरह के जेन-जी प्रोटेस्ट की संभावना नहीं है। इसके अलावा देश में मौजूद अवैध प्रवासियों पर हमला बोलते हुए गृहमंत्री ने कहा कि हमारा देश कोई धर्मशाला नहीं है। यहां पर वोट देने का अधिकार केवल हमारे नागरिकों को है।

एनडीटीवी के एक कार्यक्रम में बात करते हुए केंद्रीय गृहमंत्री शाह से जब पूछा गया कि क्या नेपाल जैसा आंदोलन यहां भी संभव है? क्योंकि बिहार चुनाव प्रचार के दौरान विपक्षी नेताओं ने जेन-जी को ऐसे प्रोटेस्ट के लिए प्रोत्साहित करने की कोशिश की थी। इसका जवाब देते हुए गृहमंत्री ने कहा, "भारत नेपाल नहीं है, हमारे देश में लोकतंत्र की जड़ें बहुत मजबूत है। हमारे देश का युवा भी देश के निर्माण में लगा हुआ हूं। ऐसे में मुझे नहीं लगता है कि भारत में ऐसा आंदोलन संभव है।"
इससे पहले अवैध प्रवासी और घुसपैठियों के मुद्दे पर बात करते हुए गृहमंत्री ने कहा कि हम जल्दी ही एसआईआर के जरिए अवैध प्रवासियों को चिन्हित करेंगे, इसके बाद उन्हें हटाएंगे और डिपोर्ट भी करेंगे। गृहमंत्री ने कहा, “चुनाव आयोग का काम देश में निष्पक्ष और स्वतंत्र तरीके से करवाने का है। एसआईआर के माध्यम से चुनाव आयोग यही काम कर रहा है। विपक्ष इसका विरोध कर रहा है, क्योंकि उन्होंने घुसपैठियों को अपना वोट बैंक बना लिया है। यह प्रक्रिया इसलिए भी जरूर है क्योंकि यह देश कोई धर्मशाला नहीं है। इस देश में वोट देने का अधिकार केवल उसे मिलेगा, जो इस देश का नागरिक है, इसमें पैदा हुआ है। ऐसे किसी भी घुसपैठियों को यह अधिकार नहीं मिलेगा।”





