ब्रिक्स समिट में हिंदुत्व डिप्लोमेसी, PM मोदी ने रामनाथस्वामी मंदिर के बारे में जिनपिंग को समझाया

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नरेंद्र मोदी ने रामनाथस्वामी मंदिर के बैकग्राउंड में स्वागत करते हुए चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग को मंदिर के बारे में विस्तार से समझाया। पीएम मोदी ने ब्राजील के विदेश मंत्री मौरो विएरा का भी स्वागत किया।

ब्रिक्स समिट में हिंदुत्व डिप्लोमेसी, PM मोदी ने रामनाथस्वामी मंदिर के बारे में जिनपिंग को समझाया
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग का भारत मंडपम में स्वागत किया।

भारत में आज से दो दिवसीय ब्रिक्स सम्मेलन (BRICS) का आगाज हो चुका है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ब्रिक्स में शामिल देशों के दिग्गज नेताओं का स्वागत किया। इस दौरान मंदिर डिप्लोमेसी भी देखने को मिली, जिसके लिए पीएम मोदी जाने जाते हैं। आज जब उन्होंने भारत मंडपम में दुनिया के दिग्गज नेताओं का स्वागत किया तो बैकग्राउंड में तमिलनाडु के रामेश्वरम में मशहूर रामनाथस्वामी मंदिर की तस्वीर देखने को मिली।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रामनाथस्वामी मंदिर के बैकग्राउंड में स्वागत करते हुए चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग को मंदिर के बारे में विस्तार से समझाया। पीएम मोदी ने ब्राजील के विदेश मंत्री मौरो विएरा का भी स्वागत किया। आपको बता दें कि भारत इस सम्मेलन की अध्यक्षता कर रहा है।

प्रधानमंत्री ने भारत मंडपम में इथियोपिया के प्रधानमंत्री अबिय अहमद अली, ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियान, अबू धाबी के क्राउन प्रिंस शेख खालिद बिन मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान और इंडोनेशिया के राष्ट्रपति प्रबोवो सुबियांतो का भी भारत मंडपम में स्वागत किया। पीएम मोदी के साथ विदेश मंत्री एस जयशंकर भी मौजूद थे।

ये भी आए हैं भारत

संयुक्त राष्ट्र के महासचिव एंतोनियो गुतारेस, विश्व व्यापार संगठन (डब्ल्यूटीओ) की महानिदेशक नगोजी ओकोंजो-इवेला, डब्ल्यूएचओ के प्रमुख टेड्रोस अधनोम गेब्रेयसस, न्यू डेवलपमेंट बैंक (एनडीबी) की अध्यक्ष डिल्मा रूसेफ और 'एशियन इन्फ्रास्ट्रक्चर इन्वेस्टमेंट बैंक' की प्रमुख जोउ जियायी भी ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में भाग ले रही हैं।

नई दिल्ली के भारत मंडपम में यह शिखर सम्मेलन ऐसे समय में हो रहा है, जब वैश्विक अर्थव्यवस्था रूस-यूक्रेन युद्ध, पश्चिम एशिया संकट, खासकर होर्मुज जलडमरूमध्य की नाकाबंदी और ट्रंप प्रशासन की व्यापार एवं शुल्क नीतियों के प्रतिकूल प्रभावों का सामना कर रही है।

मोदी ने शुक्रवार को ब्रिक्स बिजनेस फोरम में कहा था, ''वैश्विक व्यापार तभी आगे बढ़ सकता है, जब समुद्री मार्ग सुरक्षित हों, आपूर्ति मार्ग खुले रहें और नाविक सुरक्षित हों। यही वजह है कि भारत नौवहन की स्वतंत्रता और नाविकों की सुरक्षा का पुरजोर समर्थक है।'' उन्होंने यह बात पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव को लेकर भारत की चिंताओं के संकेत के रूप में कही।

ब्रिक्स सम्मेलन का क्या है थीम?

भारत की ब्रिक्स अध्यक्षता चार स्तंभों- लचीलापन, नवोन्मेष, सहयोग और स्थिरता- पर केंद्रित है। अधिकारियों ने बताया कि लचीलेपन से जुड़े स्तंभ के तहत भारत स्वास्थ्य, कृषि, खाद्य, ऊर्जा, आपदा जोखिम में कमी और आपूर्ति श्रृंखला जैसे क्षेत्रों में सामूहिक सहयोग मजबूत करने पर ध्यान दे रहा है। उन्होंने कहा कि व्यापार, निवेश, संपर्क और उच्च प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में सहयोग बढ़ाना भी शिखर सम्मेलन के एजेंडे में प्रमुखता से शामिल है।

ब्रिक्स में कौन-कौन से देश?

ब्रिक्स में शुरुआत में ब्राजील, रूस, भारत, चीन और दक्षिण अफ्रीका शामिल थे। वर्ष 2024 में इसका विस्तार कर इसमें मिस्र, इथियोपिया, ईरान, संयुक्त अरब अमीरात और सऊदी अरब को शामिल किया गया। साल 2025 में इंडोनेशिया भी इसमें शामिल हुआ। पिछले साल बेलारूस, बोलीविया, कजाकिस्तान, क्यूबा, मलेशिया, नाइजीरिया, थाईलैंड, युगांडा, उज्बेकिस्तान और वियतनाम ब्रिक्स के साझेदार देश बने।

ब्रिक्स दुनिया की 11 प्रमुख उभरती अर्थव्यवस्थाओं को एक मंच पर लाने वाला प्रभावशाली समूह बनकर उभरा है। इसके सदस्य देश वैश्विक आबादी के करीब 49.5 प्रतिशत, वैश्विक सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) के लगभग 40 प्रतिशत और विश्व व्यापार के करीब 26 प्रतिशत का प्रतिनिधित्व करते हैं।

Himanshu Jha

लेखक के बारे में

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बिहार के दरभंगा जिले से ताल्लुक रखने वाले हिमांशु शेखर झा डिजिटल मीडिया जगत का एक जाना-माना नाम हैं। विज्ञान पृष्ठभूमि से होने के बावजूद (BCA और MCA), पत्रकारिता के प्रति अपने जुनून के कारण उन्होंने IGNOU से पत्रकारिता में डिप्लोमा किया और मीडिया को ही अपना कर्मक्षेत्र चुना।


एक दशक से भी अधिक समय का अनुभव रखने वाले हिमांशु ने देश के प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों जैसे दैनिक भास्कर, न्यूज़-18 और ज़ी न्यूज़ में अपनी सेवाएं दी हैं। वर्तमान में, वे वर्ष 2019 से लाइव हिन्दुस्तान के साथ जुड़े हुए हैं।


हिमांशु की पहचान विशेष रूप से राजनीति के विश्लेषक के तौर पर होती है। उन्हें बिहार की क्षेत्रीय राजनीति के साथ-साथ राष्ट्रीय राजनीति की गहरी और बारीक समझ है। एक पत्रकार के रूप में उन्होंने 2014, 2019 और 2024 के लोकसभा चुनावों और कई विधानसभा चुनावों को बेहद करीब से कवर किया है, जो उनके वृहद अनुभव और राजनीतिक दृष्टि को दर्शाता है।


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