
हिन्दुओं का गला काटने से मिलेगी आजादी; भीख से नहीं, आतंकी अबू मूसा कौन? VIDEO हो रहा वायरल
Who is Abu Musa Kashmiri: अबू मूसा कश्मीरी लश्कर-ए-तैयबा का आतंकी है। वह LeT से जुड़े संगठन जम्मू कश्मीर यूनाइटेड मूवमेंट (JKUM) का सीनियर कमांडर है। उसका नाम पिछले साल अप्रैल 2025 में पहलगाम में हुए आतंकी हमले से भी जुड़ा था।
Who is Abu Musa Kashmiri: पड़ोसी देश पाकिस्तान सुधरने का नाम नहीं ले रहा। वह आतंक का पर्याय बना हुआ है। भारत की तमाम हिदायतों के बावजूद वह आतंकियों को ना सिर्फ पाल पोश रहा है बल्कि उसे सुरक्षित ठिकाना दे रहा है। उसी का नतीजा है कि वहां के आतंकियों ने फिर से भारत के खिलाफ जहर उगलना शुरू कर दिया है। ताजा घटनाक्रम में आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा के आतंकी अबू मूसा कश्मीरी ने हिन्दुओं की गर्दन काटने की धमकी दी है। उसका एक वीडियो सामने आया है, जिसमें वह खुले तौर पर हिंदुओं को मौत के घाट उतारने की बात कर रहा है।
उसने यह बयान पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (PoK) में दिया है। इसका वीडियो भी सामने आया है। हालांकि ये वीडियो कब का है? इसकी पुष्टि नहीं हो पाई है। इस वीडियो में मूसा को यह कहते हुए सुना जा सकता है कि "कश्मीर मुद्दे का हल सिर्फ आतंकवाद और जिहाद से ही हो सकता है। आजादी भीख मांगने से नहीं, हिंदुओं की गर्दन काटने से मिलेगी। हमें जिहाद का झंडा उठाना होगा।" इस वायरल वीडियो में मूसा अपने भड़काऊ भाषण में यहां तक कह रहा है कि वो पाकिस्तानी प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ के सामने भी कत्लेआम की बात करता है।
आतंकी की पहुंच PM शहबाज तक
हालांकि, हिन्दुस्तान लाइव इस वीडियो की पुष्टि नहीं करता है लेकिन सोशल मीडिया पर इस वीडियो के पोस्ट में दावा किया गया है कि मूसा ने पाकिस्तान के प्रधानमंत्री और सीनियर मंत्रियों को व्यक्तिगत रूप से बताया है कि उसके विचार में कश्मीर मुद्दे को "जिहाद की आड़ में किए गए आतंकवाद के ज़रिए ही" सुलझाया जा सकता है। उसका यह दावा, इस बात की तस्दीक है कि इन आतंकवादियों की पहुंच पाकिस्तान सरकार और सेना के आलाकमान तक है।
कौन है आतंकी अबू मूसा कश्मीरी?
अबू मूसा कश्मीरी लश्कर-ए-तैयबा का आतंकी है। वह LeT से जुड़े संगठन जम्मू कश्मीर यूनाइटेड मूवमेंट (JKUM) का सीनियर कमांडर है। उसका नाम पिछले साल अप्रैल 2025 में पहलगाम में हुए आतंकी हमले से भी जुड़ा था। वह तब पहलगाम में हमलावर आतंकियों को आदेश दे रहा था। उसके साथ दूसरा आतंकी रिजवान हनीफ भी इसमें सामिल था। सूत्रों का दावा है कि पहलगाम अटैक का मास्टरमाइंड अबू मूसा ही है। ये सैफुल्लाह कसूरी का करीबी भी है।
पाकिस्तानी नेताओं पर भी गंभीर आरोप
अपने भाषण में अबू मूसा ने पाकिस्तानी नेताओं पर भी गंभीर आरोप लगाए। उसने कहा कि पाकिस्तान के नेता इस्लामी सिद्धांतों से भटक चुके हैं और जिहाद के रास्ते पर नहीं चल रहे हैं। उसने कहा जो नेता जिहाद के लिए प्रतिबद्ध नहीं है, उसे पाकिस्तान पर हुकूमत करने का कोई अधिकार नहीं है। मूसा ने दावा किया कि वह पहले भी ऐसे ही बयान मुजफ्फराबाद में पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ के साथ हुई एक बैठक में दे चुका है।

भारत की सुरक्षा एजेंसियां सतर्क
पाक अधिकृत कश्मीर में दिए गए इस भड़काऊ भाषण का वीडियो सामने आने के बाद भारत की सुरक्षा एजेंसियां सतर्क हो गई हैं। अबू मूसा ने यह बयान तब दिया है, जब हाल ही में LeT के टॉप कमांडर अबू कताल की मौत हुई है। कताल को शनिवार रात पाकिस्तान के सिंध के झेलम इलाके में अज्ञात हमलावरों ने गोली मार दी थी। LeT के संस्थापक हाफिज सईद के करीबी सहयोगी, कताल इस ग्रुप का चीफ ऑपरेशनल कमांडर था। जम्मू-कश्मीर में कई आतंकी हमलों की योजना बनाने के लिए उसे जाना जाता था। नेशनल इन्वेस्टिगेशन एजेंसी (NIA) ने राजौरी आतंकी हमले से जुड़ी अपनी चार्जशीट में कताल के साथ-साथ लश्कर-ए-तैयबा के चार अन्य लोगों का नाम भी शामिल किया है। यह मामला 1 जनवरी, 2023 को राजौरी के ढांगरी गांव पर हुए हमले से जुड़ा है, जिसमें आतंकवादियों ने एक जानलेवा हमला किया था जिसमें सात लोग मारे गए थे।

लेखक के बारे में
Pramod Praveenप्रमोद कुमार प्रवीण देश-विदेश की समसामयिक घटनाओं और राजनीतिक हलचलों पर चिंतन-मंथन करने वाले और पैनी पकड़ रखने वाले हैं। ईटीवी से पत्रकारिता में करियर की शुरुआत की। कुल करीब दो दशक का इलेक्ट्रॉनिक, प्रिंट और डिजिटल मीडिया में काम करने का अनुभव रखते हैं। संप्रति लाइव हिन्दुस्तान में विगत तीन से ज्यादा वर्षों से समाचार संपादक के तौर पर कार्यरत हैं और अमूमन सांध्यकालीन पारी में बहुआयामी पत्रकारीय भूमिका का निर्वहन कर रहे हैं। हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप से पहले NDTV, जनसत्ता, ईटीवी, इंडिया न्यूज, फोकस न्यूज, साधना न्यूज और ईटीवी में कार्य करने का अनुभव है। कई संस्थानों में सियासी किस्सों का स्तंभकार और लेखक रहे हैं। विश्वविद्यालय स्तर से लेकर कई अकादमिक, शैक्षणिक और सामाजिक संगठनों द्वारा विभिन्न मंचों पर अकादमिक और पत्रकारिता में उल्लेखनीय योगदान के लिए सम्मानित भी हुए हैं। रुचियों में फिल्में देखना और पढ़ना-पढ़ाना पसंद, सामाजिक और जनसरोकार के कार्यों में भी रुचि है।
अकादमिक योग्यता: भूगोल में जलवायु परिवर्तन जैसे गंभीर और संवेदनशील विषय पर पीएचडी उपाधिधारक हैं। इसके साथ ही पत्रकारिता एवं जनसंचार में स्नातकोत्तर भी हैं। पीएचडी शोध का विषय- 'मध्य गंगा घाटी में जलवायु परिवर्तन-एक भौगोलिक अध्ययन' रहा है। शोध के दौरान करीब दर्जन भर राष्ट्रीय और अंततराष्ट्रीय सम्मेलनों में शोध पत्र पढ़ने और प्रस्तुत करने का अनुभव है। भारतीय विज्ञान कांग्रेस में भी शोध पोस्टर प्रदर्शनी का चयन हो चुका है। शोध पर आधारित एक पुस्तक के लेखक हैं। पुस्तक का नाम 'मध्य गंगा घाटी में जलवायु परिवर्तन' है। पत्रकारिता में आने से पहले महाविद्यालय स्तर पर शिक्षण कार्य भी कर चुके हैं।




