
असम में भी भाजपा का बिहार वाला दांव, चुनावों से पहले क्या तोहफा देने जा रही हिमंत सरकार?
असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने राज्य की 37 लाख महिलाओं को 8 हजार रुपए देने का ऐलान किया है। आगामी विधानसभा चुनाव को देखते हुए भाजपा सरकार की तरफ से यह दांव अहम है।
असम में आगामी विधानसभा चुनाव को लेकर भाजपा ने अपनी तैयारी कर ली है। बिहार में सफल दांव को पार्टी ने असम में भी खेलने का फैसला किया है। राज्य के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने सोशल मीडिया पर किए गए एक पोस्ट में ऐलान किया कि असम की 37 लाख महिलाओं को 8000 रुपए दिए जाएंगे। उन्होंन लिखा कि ओरुनोदोई योजना के तहत राज्य में लाभ पाने वाली 37 लाख महिलाओं को बोहाग बिहू से पहले 8000 रुपए की नकद सहायता राशि दी जाएगी। यह राशि 20 फरवरी को सीधे इन लाभार्थियों के खाते में आएगी।
सरकार के अनुसार, इन 8000 रुपए में जनवरी से अप्रैल के की अवधि के लिए ओरुनोदोई योजना के 5000 रुपए भी शामिल हैं। इसके अलावा 3000 हजार रुपए की अतिरिक्त रकम बिहू के उपहार के तौर पर दी जाएगी। राज्य सरकार की इस पहल का उद्देश्य महिलाओं की आजीविका को मजबूती देना और आर्थिक सहारा प्रदान करना है। हालांकि, विशेषज्ञ इस फैसले को आगामी चुनावों से जोड़कर देख रहे हैं। ओरुनोदोई योजना के तहत मिलने वाली अप्रैल तक की राशि को पहले भी खाते में भेजना सरकार का एक मास्टरस्ट्रोक साबित हो सकता है।
आपको बता दें असम सरकार ने अपनी इस घोषणा को जनता से किया एक और वादा पूरा करने के तौर पर पेश किया है। आगामी चुनाव से पहले बोहाग त्योहार पर महिलाओं के मिलने वाली इस धनराशि का निश्चित तौर पर लोगों की तैयारियों पर असर पड़ेगा। गौरतलब है कि असम की ओरुनोदोई योजना पहले से ही असम की सबसे बड़ी नकद हस्तांतरण योजना है, जिसका महिलाओं को लाभ मिलता है।
हिमंत ने आगामी चुनाव का एजेंडा किया साफ
विधानसभा चुनाव की तैयारी में जुटे मुख्यमंत्री हिमंता ने अपने मुद्दों को साफ कर दिया है। मीडिया से बात करते हुए उन्होंने कहा कि विधानसबा चुनाव में राज्य की पहचान और विकास ही मुख्य फोकस में होंगे। उन्होंने कहा कि वह और उनकी सरकार राज्य में घुसकर बैठे अवैध प्रवासियों को पूरी तरह से निकालने के लिए तैयार हैं। बकौल मुख्यमंत्री, जब तक स्वदेशी मूल निवासियों के हितों की रक्षा और सुरक्षा नहीं की जाती, तब तक राज्य का विकास संभव नहीं है।





