असम में जिहादी हैं और 10 सालों से इसके सबूत मिल रहे, हिमंत बिस्वा सरमा ने क्या कहा
हिमंता बिस्वा सरमा ने कहा कि असम में जिहादी हैं और पिछले 10 वर्षों में हमें इसका प्रमाण बार-बार मिलता रहा है। उन्होंने कहा, ‘हो सकता है कि अभी भी कुछ छिपे हुए हों, जो स्लीपर सेल्स में काम कर रहे हों। ये सभी चीजें चिंता का कारण हैं।’

बांग्लादेश में हिंदुओं की हत्या पर असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्व सरमा ने मंगलवार को कड़ी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा, 'बांग्लादेश की स्थिति, विशेष रूप से वहां हिंदुओं के साथ जो हो रहा है, वह हमारे लिए चिंता का विषय है। हिंदू लोगों पर हमले दिन प्रतिदिन बढ़ते जा रहे हैं, स्थिति चिंताजनक हो गई है। इसका असर असम में भी महसूस किया जा सकता है। हमें सतर्क और जागरूक रहने की जरूरत है। हमें स्थिति पर नजर रखनी होगी और बांग्लादेश के हिंदू समुदाय को समर्थन भी प्रदान करना होगा।'
हिमंता बिस्वा सरमा ने कहा कि असम में जिहादी हैं और पिछले 10 वर्षों में हमें इसका प्रमाण बार-बार मिलता रहा है। उन्होंने कहा, 'हो सकता है कि अभी भी कुछ छिपे हुए हों, जो स्लीपर सेल्स में काम कर रहे हों। इसलिए ये सभी चीजें चिंता का कारण हैं। असम की सुरक्षा हमेशा से चिंता का विषय रही है और रहेगी, जब तक कि पूरी भू-राजनीतिक स्थिति सुधार न जाए।' बांग्लादेश के नरसिंगदी शहर में अज्ञात हमलावरों ने किराना दुकान के मालिक 40 वर्षीय हिंदू व्यक्ति की धारदार हथियार से हमला कर हत्या कर दी।
बांग्लादेश में एक और हिंदू की हत्या
यह घटना सोमवार रात हुई। इससे कुछ ही घंटों पहले बांग्लादेश के जेस्सोर जिले में सोमवार को अज्ञात हमलावरों ने हिंदू व्यापारी को सिर में गोली मारकर उनकी हत्या कर दी थी, जो एक समाचार पत्र के कार्यवाहक संपादक भी थे। खबर के अनुसार, पलाश उपजिला के चारसिंदूर बाजार में दुकानदार मणि चक्रवर्ती पर सोमवार रात करीब 11 बजे हमला कर उनकी हत्या कर दी गई। पलाश पुलिस थाना प्रमुख शाहेद अल मामून ने बताया कि मणि शिबपुर उपजिला के साधरचार यूनियन निवासी मदन ठाकुर के बेटे थे।





