
ईसाई स्कूल ने छात्रा को हिजाब पहनने से रोका, मचा बवाल; HC ने दी पुलिस सुरक्षा
केरल के कोच्चि में ईसाई समुदाय के एक निजी स्कूल में आठवीं कक्षा की एक छात्रा के हिजाब पहनने को लेकर विवाद बढ़ने के बाद सोमवार को दो दिन की छुट्टी घोषित कर दी गई। जानिए पूरा मामला क्या है?
केरल हाईकोर्ट ने सोमवार को एर्नाकुलम जिले के एक सीबीएसई से संबद्ध- सेंट रीटा पब्लिक स्कूल को पुलिस सुरक्षा प्रदान करने का आदेश दिया है। यह आदेश स्कूल प्रबंधन द्वारा दायर की गई याचिका पर न्यायमूर्ति एन. नागरेश ने तत्काल सुनवाई के बाद जारी किया। मामला उस समय सामने आया जब स्कूल ने एक मुस्लिम छात्रा को हिजाब पहनकर आने से रोक दिया, जिसके बाद अभिभावकों और कुछ लोगों ने स्कूल परिसर में विरोध प्रदर्शन किया।

स्कूल का पक्ष: “सेक्युलर वातावरण में चल रहा है संस्थान”
याचिका में स्कूल प्रबंधन ने बताया कि सेंट रीटा पब्लिक स्कूल एक ईसाई प्रबंधन द्वारा संचालित है, लेकिन 1998 में स्थापना के बाद से यह पूरी तरह धर्मनिरपेक्ष माहौल में कार्य करता आ रहा है। स्कूल के अनुसार, विद्यालय की डायरी के अनुच्छेद 30 से 33 तक स्पष्ट रूप से यह प्रावधान है कि हर छात्र और अभिभावक प्रवेश के समय स्कूल की यूनिफॉर्म नीति का पालन करने की लिखित सहमति देते हैं।
विवाद की शुरुआत कैसे हुई
पिछले सप्ताह एक मुस्लिम छात्रा ने यूनिफॉर्म नियमों का उल्लंघन करते हुए हिजाब पहनकर स्कूल आना शुरू किया। स्कूल प्रशासन ने छात्रा के अभिभावकों से इस पर लिखित स्पष्टीकरण मांगा। लेकिन, 10 अक्टूबर को छात्रा के अभिभावक छह अन्य लोगों के साथ स्कूल परिसर में जबरन घुस आए और सुरक्षा कर्मियों के साथ दुर्व्यवहार किया। ये आरोप स्कूल की याचिका में लगाया गया है।
इसके बाद बड़ी संख्या में लोग स्कूल के बाहर इकट्ठा होकर नारेबाजी करने लगे। चिका में कहा गया, “यह हंगामा ठीक उसी समय हुआ जब प्री-केजी के छोटे बच्चे स्कूल आ रहे थे, जिससे डर और घबराहट फैल गई। कई बच्चे रोने लगे और स्कूल का सामान्य कामकाज ठप पड़ गया।”
पुलिस पर निष्क्रियता का आरोप
स्कूल प्रबंधन का कहना है कि उन्होंने तत्काल स्थानीय पुलिस थाने में शिकायत दर्ज कराई, लेकिन पुलिस ने कोई ठोस कार्रवाई नहीं की और न ही स्कूल को सुरक्षा दी। इसी के चलते प्रबंधन को हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाना पड़ा।
कानूनी तर्क: “व्यक्तिगत अधिकार संस्था के अनुशासन से ऊपर नहीं”
याचिका में फातिमा तस्नीम एवं अन्य बनाम केरल राज्य एवं अन्य. (केरल हाईकोर्ट का पूर्व फैसला) का हवाला दिया गया। स्कूल ने तर्क दिया कि किसी छात्र का व्यक्तिगत अधिकार संस्था के अनुशासन, समानता और यूनिफॉर्म नियमों से ऊपर नहीं हो सकता।
अभिभावकों पर आरोप
स्कूल प्रबंधन ने यह भी आरोप लगाया कि छात्रा के अभिभावक अब अन्य मुस्लिम छात्रों के अभिभावकों से संपर्क कर उन्हें भी विरोध में शामिल होने के लिए कह रहे हैं। इस वजह से स्कूल को 13 और 14 अक्टूबर को अवकाश घोषित करना पड़ा।
हाईकोर्ट का आदेश
हाईकोर्ट ने मामले की अगली सुनवाई 10 नवंबर को निर्धारित की है। तब तक के लिए अदालत ने स्कूल को पुलिस सुरक्षा देने का आदेश प्रभावी रहने का निर्देश दिया है। साथ ही, अदालत ने छात्रा के अभिभावकों को स्पीड पोस्ट के माध्यम से नोटिस जारी किया है।
स्कूल में दो दिन की छुट्टी
स्कूल के अभिभावक-शिक्षक संघ (पीटीए) के एक अधिकारी ने आरोप लगाया कि छात्रों के अभिभावकों को इस्लाम समर्थक राजनीतिक संगठन सोशल डेमोक्रेटिक पार्टी ऑफ इंडिया (एसडीपीआई) का समर्थन प्राप्त है और उसके सदस्यों ने स्कूल अधिकारियों के साथ दुर्व्यवहार किया, जिनमें से ज्यादातर नन हैं।
एसडीपीआई ने अब तक आरोपों का जवाब नहीं दिया। सेंट रीटा पब्लिक स्कूल की प्रधानाचार्य ने सिस्टर हेलेना आरसी ने सोमवार और मंगलवार को छुट्टियों की घोषणा करते हुए एक पत्र जारी किया, जो सोशल मीडिया पर सामने आया है। पत्र में प्रधानाचार्य ने कहा कि बिना निर्धारित वर्दी पहने आई एक छात्रा, उसके माता-पिता, कुछ बाहरी लोगों, कुछ छात्रों और कर्मचारियों के दबाव के कारण, मानसिक तनाव का हवाला देते हुए अवकाश घोषित करने का अनुरोध किया गया है।
पत्र में कहा गया है कि इसके परिणामस्वरूप पीटीए के कार्यकारी सदस्यों से परामर्श के बाद 13 और 14 अक्टूबर को अवकाश घोषित करने का निर्णय लिया गया।



