कोलकाता में हाई वोल्टेज ड्रामा, दो मोर्चों पर जंग के बीच धरने पर बैठीं पूर्व CM ममता बनर्जी; विधायकों ने दिया झटका?
ममता बनर्जी ने आरोप लगाया कि TMC को गलत तरीके से निशाना बनाया जा रहा है और जोर देकर कहा कि यह विरोध प्रदर्शन मंगलवार शाम तक जारी रहेगा। उन्होंने यह भी विश्वास जताया कि BJP का भाग्य जल्द ही बुरे दौर में बदलने वाला है।

पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता में आज (मंगलवार, 2 जून को) तब एक हाई वोल्टेज ड्रामा देखने को मिला, जब पुलिस से अनुमति नहीं मिलने के बावजूद, पूर्व मुख्यमंत्री और विपक्षी दल तृणमूल कांग्रेस (TMC) की अध्यक्ष ममता बनर्जी ने शहर के मध्य भाग में एस्प्लेनेड के पास राशमोनी एवेन्यू में विरोध मार्च का नेतृत्व किया। इस दौरान उनके भतीजे और पार्टी महासचिव अभिषेक बनर्जी, TMC के बड़े नेता मदन मित्रा, सांसद कल्याण बनर्जी भी उनके साथ थे। बनर्जी के साथ पार्टी के पुराने दिग्गज नेता फिरहाद हकीम, डेरेक ओ'ब्रायन और डोला सेन भी नज़र आए लेकिन TMC के टिकट पर हाल ही में विधानसभा सीटें जीतने वाले ज़्यादातर नए चेहरे इस मौके पर नदारद थे। इस तरह भाजपा से सियासी मोर्चे पर जंग लड़ रहीं ममता को अपने ही विधायकों से नाउम्मीदी हाथ लगी है।
बहरहाल, ममता बनर्जी जब एस्प्लेनेड के Y-चैनल पर धरने वाली जगह पर पहुंचीं, तो कोलकाता पुलिस ने उन्हें धरना देने से मना कर दिया और TMC की उस अपील को ठुकरा दिया, जिसमें उन्होंने पास की रानी राशमोनी रोड पर विरोध प्रदर्शन करने की अनुमति मांगी थी। इससे विरोध स्थल पर तनावपूर्ण स्थिति बन गई और पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच तीखी झड़प देखने को मिली।
ममता बनर्जी जिंदाबाद के नारे
इस दौरान विरोध स्थल पर भारी भीड़ जमा हो गई। जब ममता बनर्जी TMC समर्थकों को संबोधित कर रही थीं, तब बीच-बीच में लोग "ममता बनर्जी जिंदाबाद" के नारे लगा रहे थे। यह धरना हाल ही में हुए विधानसभा चुनावों में BJP की जीत के बाद TMC कार्यकर्ताओं और नेताओं पर कथित हमलों के विरोध में आयोजित किया गया है। धरना स्थल पर किसी भी तरह की स्थिति को बिगड़ने से रोकने के लिए मौके पर पुलिस की एक टीम तैनात की गई है।
294 में से 177 सीटों पर मतगणना में धांधली
मेगाफोन से भीड़ को संबोधित करते हुए बनर्जी ने कहा, "भाजपा ने बंगाल विधानसभा चुनाव जीतने के लिए 294 में से 177 सीटों पर मतगणना में धांधली की।" उन्होंने कहा कि पुलिस टीएमसी कार्यकर्ताओं को प्रदर्शनों में भाग न लेने की धमकी दे रही है, लेकिन मैं विरोध प्रदर्शन जारी रखूंगी। उन्होंने आरोप लगाया, "हमें मंच बनाने या माइक्रोफोन इस्तेमाल करने की अनुमति नहीं दी गई।" हालांकि, तृणमूल कांग्रेस प्रमुख ने ज़ोर देकर कहा कि यह धरना तय कार्यक्रम के अनुसार शाम तक जारी रहेगा। यह धरना शनिवार को उनके भतीजे और TMC सांसद अभिषेक बनर्जी पर हुए हमले, चुनाव के बाद हुई कथित हिंसा और फेरीवालों को हटाए जाने के विरोध में दिया जा रहा है।
इस खबर पर आपकी क्या राय है?
लेखक के बारे में
Pramod Praveenप्रमोद कुमार प्रवीण देश-विदेश की समसामयिक घटनाओं और राजनीतिक हलचलों पर चिंतन-मंथन करने वाले और पैनी पकड़ रखने वाले हैं। ईटीवी से पत्रकारिता में करियर की शुरुआत की। कुल करीब दो दशक का इलेक्ट्रॉनिक, प्रिंट और डिजिटल मीडिया में काम करने का अनुभव रखते हैं। संप्रति लाइव हिन्दुस्तान में विगत तीन से ज्यादा वर्षों से समाचार संपादक के तौर पर कार्यरत हैं और अमूमन सांध्यकालीन पारी में बहुआयामी पत्रकारीय भूमिका का निर्वहन कर रहे हैं। हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप से पहले NDTV, जनसत्ता, ईटीवी, इंडिया न्यूज, फोकस न्यूज, साधना न्यूज और ईटीवी में कार्य करने का अनुभव है। कई संस्थानों में सियासी किस्सों का स्तंभकार और लेखक रहे हैं। विश्वविद्यालय स्तर से लेकर कई अकादमिक, शैक्षणिक और सामाजिक संगठनों द्वारा विभिन्न मंचों पर अकादमिक और पत्रकारिता में उल्लेखनीय योगदान के लिए सम्मानित भी हुए हैं। रुचियों में फिल्में देखना और पढ़ना-पढ़ाना पसंद, सामाजिक और जनसरोकार के कार्यों में भी रुचि है।
अकादमिक योग्यता: भूगोल में जलवायु परिवर्तन जैसे गंभीर और संवेदनशील विषय पर पीएचडी उपाधिधारक हैं। इसके साथ ही पत्रकारिता एवं जनसंचार में स्नातकोत्तर भी हैं। पीएचडी शोध का विषय- 'मध्य गंगा घाटी में जलवायु परिवर्तन-एक भौगोलिक अध्ययन' रहा है। शोध के दौरान करीब दर्जन भर राष्ट्रीय और अंततराष्ट्रीय सम्मेलनों में शोध पत्र पढ़ने और प्रस्तुत करने का अनुभव है। भारतीय विज्ञान कांग्रेस में भी शोध पोस्टर प्रदर्शनी का चयन हो चुका है। शोध पर आधारित एक पुस्तक के लेखक हैं। पुस्तक का नाम 'मध्य गंगा घाटी में जलवायु परिवर्तन' है। पत्रकारिता में आने से पहले महाविद्यालय स्तर पर शिक्षण कार्य भी कर चुके हैं।


