Hindi NewsIndia NewsHigh Court contempt order after officials failed light Deepam trouble over temple and dargah coexist
'आदेश के बावजूद मंदिर में नहीं जलाया दीपक', भड़क गया HC; दरगाह को लेकर छिड़ा विवाद

'आदेश के बावजूद मंदिर में नहीं जलाया दीपक', भड़क गया HC; दरगाह को लेकर छिड़ा विवाद

संक्षेप:

न्यायमूर्ति जी आर स्वामीनाथन ने निर्देश दिया कि शाम छह बजे तक दीप प्रज्वलित कर दिए जाएं, अन्यथा शाम 6.05 बजे अदालत की अवमानना ​​की कार्यवाही शुरू की जाएगी, और मामले की सुनवाई स्थगित कर दी।

Dec 04, 2025 01:15 pm ISTAmit Kumar लाइव हिन्दुस्तान, चेन्नई
share Share
Follow Us on

मद्रास हाई कोर्ट की मदुरई बेंच ने बुधवार को एक तीखे शब्दों वाला अवमानना आदेश जारी किया। यह आदेश इसलिए जारी किया गया क्योंकि अधिकारियों ने तिरुप्परंकुंद्रम पहाड़ी पर स्थित विवादित पत्थर स्तंभ- दीपथून पर कार्तिगई दीपम त्योहार का दीपक जलाने के उसके पहले के निर्देश का पालन नहीं किया। यह स्थान लंबे समय से हिंदू मंदिर प्रशासन और बगल में स्थित मुस्लिम दरगाह के बीच विवाद का केंद्र रहा है। थिरुप्परनकुंद्रम पहाड़ी पर भगवान सुब्रमण्य स्वामी का मंदिर और सिकंदर बधूसाह दरगाह स्थित है।

प्यार से लेकर प्रमोशन तक 2026 का पूरा हाल जानें ✨अभी पढ़ें

न्यायालय के आदेश की अवहेलना पर कड़ी टिप्पणी

सोमवार को न्यायमूर्ति जी. आर. स्वामिनाथन ने मंदिर प्रशासन को निर्देश दिया था कि दीपथून पर परंपरा के अनुसार दीपक जलाया जाए। यह स्थान दरगाह के पास स्थित पहाड़ी का निचला शिखर है। बुधवार शाम 6 बजे इस आदेश के पालन न होने पर न्यायाधीश ने अधिकारियों को जानबूझकर अवमानना का दोषी ठहराते हुए कहा कि आदेश स्पष्ट था और इसे लागू न करना न्यायालय की प्रतिष्ठा को चुनौती देना है। अवमानना की कार्रवाई के तहत न्यायालय ने याचिकाकर्ता और उनके साथ दस लोगों को CISF सुरक्षा में दीपथून पर चढ़कर दीपक जलाने की अनुमति दी। अदालत ने इसे प्रतीकात्मक लेकिन आवश्यक कदम बताया।

ऐतिहासिक संदर्भ का उल्लेख

अपने सोमवार के आदेश में न्यायमूर्ति स्वामिनाथन ने 1920 के एक दीवानी वाद और प्रिवी काउंसिल के पुराने फैसलों का हवाला दिया था। उन्होंने कहा कि विवादित स्तंभ मंदिर की भूमि पर स्थित है, न कि दरगाह के नियंत्रण क्षेत्र में। अदालत के अनुसार पहाड़ी दो शिखरों में विभाजित है- ऊपरी शिखर पर दरगाह और निचले शिखर पर दीपथून है। न्यायाधीश ने लिखा था कि निचले शिखर पर दीप जलाने से दरगाह या मुस्लिम समुदाय के अधिकारों पर कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा।

CISF की तैनाती से बढ़ी संवेदनशीलता

श्रद्धालुओं के एक वर्ग और तिरुप्परनकुंद्रम मंदिर प्रबंधन के बीच गतिरोध के बाद मद्रास उच्च न्यायालय की मदुरई पीठ ने बुधवार को याचिकाकर्ता को केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (सीआईएसएफ) की सुरक्षा घेरे में पहाड़ी के प्राचीन स्तंभ पर दीप जलाने का निर्देश दिया। अदालत के पूर्व के निर्देश के बावजूद, बुधवार शाम ‘कार्तिगई दीपम’ के अवसर पर यहां तिरुप्परनकुंद्रम पहाड़ी पर दरगाह के पास प्राचीन स्तंभ पर दीप नहीं जलाया गया, जिसके कारण दक्षिणपंथी संगठन हिंदू मुन्नानी के कार्यकर्ताओं और श्रद्धालुओं के एक वर्ग ने प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने मांग की कि दीप को प्राचीन स्तंभ ‘दीपथून’ पर जलाया जाए जैसा कि पीठ ने निर्देश दिया था।

एक याचिका के बाद, अदालत ने उच्च न्यायालय पीठ से संबद्ध सीआईएसएफ कमांडेंट को याचिकाकर्ता की सहायता के लिए पर्याप्त संख्या में कर्मियों को तैनात करने का निर्देश दिया, जिन्हें आदेश का कार्यान्वयन सुनिश्चित करने के लिए 10 अन्य कर्मियों को साथ ले जाने की अनुमति दी गई। इसके बाद, सीआईएसएफ सुरक्षा के साथ तिरुप्परनकुंद्रम आए याचिकाकर्ता राम रविकुमार और अन्य लोगों को पुलिस ने पहाड़ी की ओर बढ़ने से रोक दिया, क्योंकि मदुरै जिलाधिकारी ने मौजूदा कानून और व्यवस्था की स्थिति को देखते हुए भारतीय नागरिक सुरक्ष संहिता (बीएनएसएस) की धारा 163 के तहत निषेधाज्ञा जारी की थी।

तनावपूर्ण स्थिति पैदा हो गई

तिरुप्परनकुंद्रम में उस समय तनावपूर्ण स्थिति पैदा हो गई जब कुछ लोगों ने पुलिस अवरोधक तोड़कर पहाड़ी पर चढ़ने की कोशिश की। लेकिन पुलिस ने उन्हें रोक लिया। इस धक्का-मुक्की में एक पुलिसकर्मी घायल हो गया। न्यायमूर्ति जी आर स्वामीनाथन ने एक दिसंबर को अपने आदेश में कहा था कि सुब्रमण्यम स्वामी मंदिर के प्रबंधन को तीन दिसंबर को ‘कार्तिगई दीपम’ पर दीप जलाने की सुविधा प्रदान करनी चाहिए।

अदालत के निर्देश के बावजूद, तिरुप्परनकुंद्रम पहाड़ी पर दीप नहीं जलाया गया। इसे तमिल महीने कार्तिगई (नवंबर-दिसंबर) में मनाए जाने वाले ‘कार्तिगई दीपम’ उत्सव के तहत, हमेशा की तरह उच्ची पिल्लैयार मंदिर के मंडपम में जलाया गया। कुछ प्रदर्शनकारी दीप जलाने के लिए पहाड़ी पर चढ़ने लगे लेकिन मौके पर मौजूद पुलिस ने उन्हें पहाड़ी पर चढ़ने से रोक दिया।

मंदिर प्रबंधन ने शाम छह बजे होने वाले बहुप्रतीक्षित कार्यक्रम से कुछ घंटे पहले अदालत में अपील दायर की, जिसमें दावा किया गया कि इस कदम से सांप्रदायिक सौहार्द प्रभावित हो सकता है। याचिकाकर्ता रामा रविकुमार ने अदालत से मंदिर प्रबंधन के खिलाफ अवमानना ​​की कार्यवाही शुरू करने की मांग की थी।

पहाड़ी के आसपास के क्षेत्र में निषेधाज्ञा लागू

न्यायमूर्ति जी आर स्वामीनाथन ने निर्देश दिया कि शाम छह बजे तक दीप प्रज्वलित कर दिए जाएं, अन्यथा शाम 6.05 बजे अदालत की अवमानना ​​की कार्यवाही शुरू की जाएगी, और मामले की सुनवाई स्थगित कर दी। अदालत की अवमानना ​​की कार्रवाई की अपील स्वीकार करते हुए न्यायाधीश ने मंदिर के कार्यकारी अधिकारी और मदुरई पुलिस आयुक्त को व्यक्तिगत रूप से पेश होने का आदेश दिया।

वहीं, मदुरै जिला प्रशासन ने बुधवार को पहाड़ी के आसपास के क्षेत्र में निषेधाज्ञा लागू कर दी। दीपम उत्सव बड़े ही भव्य तरीके से मनाया जाता है, जो अंधकार पर प्रकाश की विजय का प्रतीक है। तिरुप्परनकुंद्रम पहाड़ी पर भगवान सुब्रमण्यम स्वामी का मंदिर और सिकंदर बादशाह दरगाह भी स्थित है।

(इनपुट एजेंसी)

Amit Kumar

लेखक के बारे में

Amit Kumar
अमित कुमार एक अनुभवी पत्रकार हैं, जिन्हें मीडिया इंडस्ट्री में नौ वर्षों से अधिक का अनुभव है। वर्तमान में वह लाइव हिन्दुस्तान में डिप्टी चीफ कंटेंट प्रोड्यूसर के रूप में कार्यरत हैं। हिन्दुस्तान डिजिटल के साथ जुड़ने से पहले अमित ने कई प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में काम किया है। अमित ने अपने करियर की शुरुआत अमर उजाला (डिजिटल) से की। इसके अलावा उन्होंने वन इंडिया, इंडिया टीवी और जी न्यूज जैसे मीडिया हाउस में काम किया है, जहां उन्होंने न्यूज रिपोर्टिंग व कंटेंट क्रिएशन में अपनी स्किल्स को निखारा। अमित ने भारतीय जनसंचार संस्थान (IIMC), दिल्ली से हिंदी जर्नलिज्म में पीजी डिप्लोमा और गुरु जंभेश्वर यूनिवर्सिटी, हिसार से मास कम्युनिकेशन में मास्टर (MA) किया है। अपने पूरे करियर के दौरान, अमित ने डिजिटल मीडिया में विभिन्न बीट्स पर काम किया है। अमित की एक्सपर्टीज पॉलिटिक्स, इंटरनेशनल, स्पोर्ट्स जर्नलिज्म, इंटरनेट रिपोर्टिंग और मल्टीमीडिया स्टोरीटेलिंग सहित विभिन्न क्षेत्रों में फैली हुई है। अमित नई मीडिया तकनीकों और पत्रकारिता पर उनके प्रभाव को लेकर काफी जुनूनी हैं। और पढ़ें
इंडिया न्यूज़ , विधानसभा चुनाव और आज का मौसम से जुड़ी ताजा खबरें हिंदी में | लेटेस्ट Hindi News, बॉलीवुड न्यूज , बिजनेस न्यूज , क्रिकेट न्यूज पढ़ने के लिए Live Hindustan App डाउनलोड करें।