
ASI लाठर के शव के पोस्टमार्टम को माना परिवार, CM सैनी खुद पहुंचे थे मनाने; मिला आश्वासन
संक्षेप: संदीप लाठर मूलरूप से जींद के जुलाना गांव के निवासी थे। उन्होंने सुसाइड करने से पहले चार पेज का सुसाइड नोट और छह मिनट 28 सेकंड का वीडियो छोड़ा था जिसमें उन्होंने एडीजीपी पूरन कुमार पर कई गंभीर आरोप लगाए थे।
हरियाणा में पहले IPS अधिकारी पूरन कुमार और फिर उनके सुसाइड की जांच करने वाली टीम में शामिल संदीप लाठर की खुदकुशी के बाद बवाल थमने का नाम नहीं ले रहा है। अब संदीप लाठर की मौत के 2 दिन बाद प्रशासन और एएसआई संदीप लाठर के परिजनों के बीच पोस्टमार्टम के लिए सहमति बन गई है। जानकारी के मुताबिक परिवार के एक सदस्य को नौकरी देने पर भी सहमति बनी है। बता दें कि लाठर के परिवारवाले इससे पहले संदीप को शहीद का दर्जा, पत्नी को नौकरी और आर्थिक मदद का लिखित आश्वासन मांगते हुए पोस्टमार्टम की अनुमति देने से इनकार कर रहे थे। इसके बाद हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी परिजनों से मिलने लाठर के गांव लाढ़ोत पहुंचे थे।

CM सैनी के हस्तक्षेप के बाद अब परिवार ने शव के पोस्टमार्टम की अनुमति दे दी है। इसके बाद अब गुरुवार सुबह आठ बजे पीजीआई रोहतक में ASI के शव का पोस्टमार्टम कराया जाएगा। वहीं बाद में जींद के जुलाना में उनका अंतिम संस्कार होगा। फिलहाल शव को गांव से पीजीआई रोहतक भेज दिया गया है।
पूरन कुमार की आईएएस पत्नी पर FIR
इससे पहले संदीप लाठर की आत्महत्या के मामले में बुधवार को एफआईआर दर्ज हो गई है। हरियाणा के सीनियर आईपीएस वाई पूरन कुमार पर भ्रष्टाचार के आरोप लगाकर आत्महत्या करने वाले रोहतक पुलिस के एएसआई संदीप लाठर के परिजनों की शिकायत पर आईपीएस वाई पूरन कुमार की आईएएस पत्नी अमनीत कुमार, उनके साले आम आदमी पार्टी विधायक अमित रतन, जेल में बन्द गनमैन सुशील कुमार समेत चार पर एफआईआर दर्ज की गई है। एएसआई संदीप लाठर की पत्नी संतोष ने यह एफआईआर दर्ज करवाई है।
सुसाइड नोट में गंभीर आरोप
बता दें कि संदीप लाठर मूलरूप से जींद के जुलाना गांव के निवासी थे। उन्होंने सुसाइड करने से पहले चार पेज का सुसाइड नोट और छह मिनट 28 सेकंड का वीडियो छोड़ा था। सुसाइड नोट में उन्होंने एडीजीपी पूरन कुमार को भ्रष्ट बताते हुए रोहतक रेंज में उनके तबादले के बाद भ्रष्ट पुलिसकर्मियों को आईजी कार्यालय में तैनाती दिलाने के अलावा भी कई अन्य गम्भीर आरोप लगाए थे। वहीं संदीप लाठर का पैतृक जिला जींद जाट बहुल क्षेत्र है। उनके चाचा, जो पूर्व खाप प्रधान रहे हैं, का इलाके में काफी प्रभाव है और समुदाय बड़ी संख्या में जुट सकता है। ऐसे में सरकार किसी भी तरह से परिवार को पोस्टमार्टम कराने के लिए राजी कराने के प्रयास में थी ताकि कानून-व्यवस्था न बिगड़े।





