गुरुग्राम डूबा तो BJP सांसद बोले- 2047 तक सब ठीक हो जाएगा; दूसरे ने कांग्रेस पर फोड़ा ठीकरा
गुरुग्राम में बारिश के बाद जलभराव और जाम पर BJP सांसद धर्मबीर सिंह ने 2047 के मास्टर प्लान का हवाला दिया। वहीं राव इंद्रजीत सिंह ने कांग्रेस दौर के विकास को वजह बताया और पुराने नालों के रास्ते अंडरग्राउंड सुरंग बनाने का सुझाव दिया।

गुरुग्राम में बारिश के बाद जलभराव और ट्रैफिक की समस्या पर भाजपा सांसद धर्मबीर सिंह ने कहा कि शहर की मौजूदा दिक्कतों की जड़ 60 साल पुरानी प्लानिंग में है। उन्होंने यहां तक कह दिया कि ये समस्या 2047 तक ठीक होगी। वहीं गुरुग्राम से बीजेपी सांसद राव इंद्रजीत सिंह ने इसके लिए कांग्रेस शासन के दौरान हुए विकास को जिम्मेदार ठहराया। उन्होंने पुराने नालों के रास्ते अंडरग्राउंड सुरंग बनाने को समाधान बताया।
गुरुग्राम में बारिश के बाद हर साल होने वाले जलभराव और ट्रैफिक संकट को लेकर बीजेपी के दो सांसदों ने समस्या की अलग-अलग वजहें बताई हैं। भिवानी-महेंद्रगढ़ से बीजेपी सांसद धर्मबीर सिंह ने कहा कि 60 साल पहले यह अनुमान नहीं लगाया गया था कि गुरुग्राम इतनी तेजी से बढ़ेगा और यही मौजूदा समस्याओं की वजह है। धर्मबीर सिंह ने कहा कि अब शहर में बड़ी संख्या में लोग, मकान और वाहन हैं। उन्होंने यह भी कहा कि पुराने ड्रेनेज सिस्टम पर अतिक्रमण और निर्माण हो चुका है, जिसकी वजह से नालों को अब चौड़ा करना मुश्किल है।
‘2047 तक सब ठीक हो जाएगा’
गुरुग्राम की समस्या कब तक दूर होगी, इस सवाल पर धर्मबीर सिंह ने 2047 के मास्टर प्लान का हवाला दिया। उन्होंने कहा कि नए मास्टर प्लान के तहत शहर को भविष्य की जरूरतों के हिसाब से विकसित किया जाएगा और तब सभी समस्याओं का समाधान हो जाएगा।
उन्होंने अचानक और तेज बारिश को भी जलभराव की एक वजह बताया। उनका कहना था कि आजकल बारिश अचानक और बहुत तेज होती है, जिससे पानी जमा हो जाता है और उसे निकलने में समय लगता है। उन्होंने कहा कि सरकार और प्रशासन अपनी क्षमता के मुताबिक पानी निकालने के लिए काम करते हैं।
राव इंद्रजीत ने कांग्रेस दौर के विकास को बताया वजह
गुरुग्राम से बीजेपी सांसद राव इंद्रजीत सिंह ने शहर में लंबे समय से हो रहे जलभराव के लिए कांग्रेस शासन के दौरान हुए विकास को जिम्मेदार ठहराया। उन्होंने कहा कि पुराने पारंपरिक नालों के ऊपर विकास किया गया, जबकि ये नाले पहाड़ियों से पानी यमुना तक ले जाते थे। राव इंद्रजीत सिंह ने कहा कि गुरुग्राम में जलभराव कई वर्षों से होता आ रहा है और आज भी उस दौर में हुए विकास के परिणामों से निपटना पड़ रहा है।
वैसे बता दें कि राव इंद्रजीत सिंह खुद कांग्रेस सरकार का हिस्सा रहे हैं। उन्होंने 1977 में कांग्रेस के साथ राजनीतिक करियर शुरू किया था, हरियाणा में मंत्री रहे और बाद में यूपीए सरकार में केंद्रीय मंत्री बने। 2009 में उन्होंने कांग्रेस के टिकट पर गुड़गांव लोकसभा सीट जीती थी और 2014 में बीजेपी में शामिल हुए।
पुराने नालों के रास्ते सुरंग बनाने का सुझाव
राव इंद्रजीत सिंह के मुताबिक अब जलभराव की समस्या से निपटने का एकमात्र रास्ता पुराने नालों के मार्ग पर अंडरग्राउंड सुरंगें बनाना है। उन्होंने इनकी तुलना मेट्रो के लिए बनाई गई सुरंगों से की। उनका कहना है कि इससे पानी को पुराने प्राकृतिक रास्तों से आगे ले जाया जा सकेगा।
उन्होंने मौजूदा उपायों को अस्थायी समाधान बताया। उनके मुताबिक अभी जो किया जा रहा है, वह ‘बैंड-एड’ जैसा है। इससे कुछ राहत मिलती है, लेकिन एक जगह पानी रोकने पर वह दूसरी जगह रास्ता बना लेता है। उन्होंने कहा कि सरकार इस दिशा में काम कर रही है और जरूरी फंड की व्यवस्था की जा रही है।
बारिश के बाद IFFCO चौक पर सड़क धंसी
राव इंद्रजीत सिंह के बयान ऐसे समय आए हैं जब मंगलवार को गुरुग्राम के IFFCO चौक पर सर्विस रोड का एक हिस्सा धंस गया था। सड़क पर करीब 10 फुट x 10 फुट का गड्ढा बन गया। यह मास्टर सीवर लाइन के क्षतिग्रस्त होने के बाद हुआ। दिल्ली-जयपुर की ओर जाने वाली सड़क के हिस्से को ट्रैफिक पुलिस ने बैरिकेड कर दिया, जबकि NHAI ने दोनों सर्विस लेन बंद कर दीं। इसके बाद वाहनों को दूसरे रास्तों से भेजा गया।
14 स्कूल बसें घंटों फंसीं
इससे एक दिन पहले भारी बारिश के कारण गुरुग्राम के कई हिस्सों में बड़े पैमाने पर जलभराव और ट्रैफिक जाम हुआ था। प्रमुख सड़कों और चौराहों पर पानी भरने से आवाजाही बुरी तरह प्रभावित हुई। सोमवार को कम से कम 14 निजी स्कूल बसें, जिनमें नर्सरी से 12वीं तक के बच्चे सवार थे, गुरुग्राम में करीब पांच से छह घंटे तक फंसी रहीं। बुधवार सुबह तक ज्यादातर इलाकों से बाढ़ का पानी उतर गया था। हालांकि, जलभराव के बीच सड़क धंसने की घटना ने शहर के ड्रेनेज और सीवर सिस्टम को लेकर सवाल खड़े किए।
GMDA ने शुरू किया मरम्मत का काम
GMDA के मुताबिक, अंबियंस मॉल और राजीव चौक को जोड़ने वाली मास्टर सीवर लाइन प्रभावित सड़क के नीचे या उसके किनारे से गुजरती है। GMDA के कार्यकारी अभियंता भीम आर्य ने कहा कि बुधवार से मरम्मत का काम शुरू किया जाएगा और सीवर लाइन के धंसने की वजह का पता लगाने के लिए जांच की जाएगी। NHAI के शुरुआती आकलन के मुताबिक सीवर लाइन में लीकेज या खराबी के कारण मिट्टी का कटाव हुआ हो सकता है, जिसके चलते सड़क धंसी। एजेंसी ने इसे सुरक्षा के लिहाज से जोखिम बताते हुए GMDA से मरम्मत का काम जल्द पूरा करने को कहा है।


