Hindi NewsIndia NewsGovt approved 100 percent increase in financial assistance for ex-servicemen and their dependents
पूर्व सैनिकों के लिए खुशखबरी! शिक्षा से लेकर शादी तक, सरकार ने दोगुनी की आर्थिक सहायता

पूर्व सैनिकों के लिए खुशखबरी! शिक्षा से लेकर शादी तक, सरकार ने दोगुनी की आर्थिक सहायता

संक्षेप: ये संशोधित दरें 1 नवंबर 2025 से प्रस्तुत आवेदनों पर लागू होंगी। इस निर्णय से सरकार पर लगभग 257 करोड़ रुपये का वार्षिक वित्तीय भार पड़ेगा, जिसे सशस्त्र सेना झंडा दिवस कोष (AFFDF) से वहन किया जाएगा।

Thu, 16 Oct 2025 08:33 AMAmit Kumar लाइव हिन्दुस्तान, नई दिल्ली
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देश के पूर्व सैनिकों और उनके परिवारों के लिए एक बड़ी राहत की घोषणा करते हुए रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने वित्तीय सहायता में 100 प्रतिशत की वृद्धि को मंजूरी दी है। यह सहायता केंद्रीय सैनिक बोर्ड के माध्यम से पूर्व सैनिक कल्याण विभाग द्वारा संचालित योजनाओं के अंतर्गत दी जाती है। रक्षा मंत्रालय द्वारा जारी सूची के अनुसार, कई महत्वपूर्ण योजनाओं के तहत दी जाने वाली वित्तीय मदद में उल्लेखनीय बढ़ोतरी की गई है।

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गरीबी अनुदान दोगुना

पूर्व सैनिकों और उनकी विधवाओं के लिए गरीबी अनुदान (Penury Grant) को 4,000 रुपये से बढ़ाकर 8,000 रुपये प्रतिमाह प्रति लाभार्थी कर दिया गया है। यह सहायता उन वृद्ध पूर्व सैनिकों को आजीवन दी जाएगी जो पेंशन के पात्र नहीं थे। यह लाभ 65 वर्ष से अधिक आयु की विधवाओं को भी मिलेगा। यह अनुदान उन अधिकारियों और जवानों के लिए है जिन्होंने क्रमशः 20 वर्ष और 15 वर्ष की सेवा पूरी नहीं की है और जिनकी आर्थिक स्थिति कमजोर है।

शिक्षा अनुदान में वृद्धि

पूर्व सैनिकों के आश्रित बच्चों के लिए शैक्षणिक अनुदान को 1,000 रुपये से बढ़ाकर 2,000 रुपये प्रतिमाह प्रति विद्यार्थी किया गया है। यह अनुदान दो तक आश्रित बच्चों के लिए कक्षा 1 से स्नातक स्तर तक मिलेगा। साथ ही, शहीद सैनिकों की विधवाओं के लिए यह अनुदान दो वर्ष के स्नातकोत्तर पाठ्यक्रम तक विस्तारित किया गया है।

विवाह अनुदान भी दोगुना

पूर्व सैनिकों की दो तक बेटियों के विवाह या विधवा पुनर्विवाह के लिए मिलने वाला विवाह अनुदान अब 50,000 रुपये से बढ़ाकर 1,00,000 रुपये कर दिया गया है।

नवंबर 2025 से लागू होंगे नए नियम

रक्षा मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि ये संशोधित दरें 1 नवंबर 2025 से प्रस्तुत आवेदनों पर लागू होंगी। इस निर्णय से सरकार पर लगभग 257 करोड़ रुपये का वार्षिक वित्तीय भार पड़ेगा, जिसे सशस्त्र सेना झंडा दिवस कोष (AFFDF) से वहन किया जाएगा। ये सभी योजनाएं ‘रक्षा मंत्री पूर्व सैनिक कल्याण कोष के अंतर्गत संचालित हैं, जो AFFDF का ही एक उप-कोष है।

सरकार का पूर्व सैनिकों के प्रति सम्मान

रक्षा मंत्रालय ने कहा कि यह निर्णय गैर-पेंशनभोगी सैनिकों, विधवाओं और निम्न-आय वर्ग के आश्रितों के सामाजिक सुरक्षा ढांचे को मजबूत करेगा। मंत्रालय ने इसे पूर्व सैनिकों की सेवा और बलिदान के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता का प्रतीक बताया। यह कदम न केवल पूर्व सैनिकों के जीवन स्तर को सुदृढ़ करेगा, बल्कि देश के रक्षकों के प्रति सरकार की कृतज्ञता का भी संदेश देगा।

Amit Kumar

लेखक के बारे में

Amit Kumar
अमित कुमार एक अनुभवी पत्रकार हैं, जिन्हें मीडिया इंडस्ट्री में नौ वर्षों से अधिक का अनुभव है। वर्तमान में वह लाइव हिन्दुस्तान में डिप्टी चीफ कंटेंट प्रोड्यूसर के रूप में कार्यरत हैं। हिन्दुस्तान डिजिटल के साथ जुड़ने से पहले अमित ने कई प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में काम किया है। अमित ने अपने करियर की शुरुआत अमर उजाला (डिजिटल) से की। इसके अलावा उन्होंने वन इंडिया, इंडिया टीवी और जी न्यूज जैसे मीडिया हाउस में काम किया है, जहां उन्होंने न्यूज रिपोर्टिंग व कंटेंट क्रिएशन में अपनी स्किल्स को निखारा। अमित ने भारतीय जनसंचार संस्थान (IIMC), दिल्ली से हिंदी जर्नलिज्म में पीजी डिप्लोमा और गुरु जंभेश्वर यूनिवर्सिटी, हिसार से मास कम्युनिकेशन में मास्टर (MA) किया है। अपने पूरे करियर के दौरान, अमित ने डिजिटल मीडिया में विभिन्न बीट्स पर काम किया है। अमित की एक्सपर्टीज पॉलिटिक्स, इंटरनेशनल, स्पोर्ट्स जर्नलिज्म, इंटरनेट रिपोर्टिंग और मल्टीमीडिया स्टोरीटेलिंग सहित विभिन्न क्षेत्रों में फैली हुई है। अमित नई मीडिया तकनीकों और पत्रकारिता पर उनके प्रभाव को लेकर काफी जुनूनी हैं। और पढ़ें
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