गवर्नर ने फ्लाइट छोड़ी, विजय ने कैसे जुटाया बहुमत? तमिलनाडु में सरकार गठन की इनसाइड स्टोरी

Himanshu Jha लाइव हिन्दुस्तान
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विजय ने 6 दलों के समर्थन से 120 विधायकों का मजबूत गठबंधन तैयार किया है। विजय को सबसे पहले 5 विधायकों वाली पार्टी कांग्रेस ने समर्थन दिया, लेकिन शर्त रखी कि भाजपा और अन्नाद्रमुक को सत्ता से दूर रखा जाए।

गवर्नर ने फ्लाइट छोड़ी, विजय ने कैसे जुटाया बहुमत? तमिलनाडु में सरकार गठन की इनसाइड स्टोरी

तमिलनाडु की सत्ता का सस्पेंस आखिरकार खत्म हो गया है। अभिनेता से राजनेता बने विजय ने न केवल बहुमत का जादुई आंकड़ा हासिल कर लिया है, बल्कि राज्यपाल से सरकार बनाने का न्योता भी प्राप्त कर लिया है। 4 मई को आए त्रिशंकु परिणाम और 10 मई को होने वाले शपथ ग्रहण के बीच का यह सफर किसी फिल्मी थ्रिलर से कम नहीं रहा। विजय आज (10 मई) राज्य के मुख्यमंत्री के रूप में शपथ लेंगे। सुबह 10:30 बजे चेन्नई के जवाहरलाल नेहरू इनडोर स्टेडियम में भव्य शपथ ग्रहण समारोह आयोजित किया जाएगा। राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ अर्लेकर ने शनिवार रात विजय को सरकार बनाने का औपचारिक नियुक्ति पत्र सौंप दिया।

विजय की पार्टी तमिलगा वेत्री कड़गम (TVK) ने 23 अप्रैल के चुनाव में 108 सीटें जीती थीं, जो बहुमत (118) से 10 कम थीं। विजय खुद दो सीटों से जीते थे, इसलिए सदन में उनके वोट की संख्या 107 रह गई। बहुमत के लिए उन्हें 11 और विधायकों की जरूरत थी।

इस पूरी खींचतान की तुलना विजय की फिल्म 'बिगिल' से की जा रही है, जहां कोच माइकल रायप्पन (विजय) 11 खिलाड़ियों की टीम को एकजुट करने के लिए संघर्ष करते हैं। राजनीति के मैदान में भी विजय को अंततः 11 और विधायकों का साथ जुटाने में कामयाबी मिली।

5 दिनों का राजनीतिक ड्रामा

विजय ने 6 दलों के समर्थन से 120 विधायकों का मजबूत गठबंधन तैयार किया है। विजय को सबसे पहले 5 विधायकों वाली पार्टी कांग्रेस ने समर्थन दिया, लेकिन शर्त रखी कि भाजपा और अन्नाद्रमुक को सत्ता से दूर रखा जाए। इसके बाद वाम दलों ने भी साथ दिया। उनमें सीपीआई के दो और सीपीएम के भी दो विधायक हैं। दोनों ही दलों ने बिना शर्त बाहर से समर्थन दिया।

अंतिम दो दिनों में VCK (2 सीटें) और IUML (2 सीटें) के समर्थन ने पासा पलट दिया। शुक्रवार रात VCK के सोशल मीडिया अकाउंट से समर्थन का ट्वीट होना, फिर डिलीट होना और अकाउंट सस्पेंड होना किसी सस्पेंस फिल्म जैसा था। अंततः शनिवार शाम 5 बजे दोनों दलों ने लिखित समर्थन पत्र सौंप दिए।

लास्ट मिनट तक सस्पेंस

शनिवार शाम तक स्थिति काफी तनावपूर्ण थी। राज्यपाल अर्लेकर की शाम 7:10 बजे केरल के लिए फ्लाइट थी। यदि शनिवार रात तक फैसला नहीं होता तो रविवार को राष्ट्रपति शासन लागू होने का खतरा था, क्योंकि मौजूदा विधानसभा का कार्यकाल 10 मई को समाप्त हो रहा था। राज्यपाल ने अपना केरल दौरा रद्द किया और शाम 6:30 बजे विजय के नेतृत्व वाले प्रतिनिधिमंडल से मुलाकात की।

चौथी मुलाकात में मिली सफलता

पिछले तीन दिनों में तीन बार विजय को खाली हाथ लौटाने के बाद, चौथी मुलाकात में 120 विधायकों के लिखित समर्थन को देखकर राज्यपाल ने आखिरकार सहमति दे दी। विजय को अब 13 मई को विधानसभा के पटल पर अपना बहुमत साबित करना होगा। फिलहाल, उनके प्रशंसकों के बीच भारी उत्साह है, क्योंकि थलपति अब आधिकारिक रूप से तमिलनाडु के 'कमांडर-इन-चीफ' बनने जा रहे हैं।

Himanshu Jha

लेखक के बारे में

Himanshu Jha

बिहार के दरभंगा जिले से ताल्लुक रखने वाले हिमांशु शेखर झा डिजिटल मीडिया जगत का एक जाना-माना नाम हैं। विज्ञान पृष्ठभूमि से होने के बावजूद (BCA और MCA), पत्रकारिता के प्रति अपने जुनून के कारण उन्होंने IGNOU से पत्रकारिता में डिप्लोमा किया और मीडिया को ही अपना कर्मक्षेत्र चुना।


एक दशक से भी अधिक समय का अनुभव रखने वाले हिमांशु ने देश के प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों जैसे दैनिक भास्कर, न्यूज़-18 और ज़ी न्यूज़ में अपनी सेवाएं दी हैं। वर्तमान में, वे वर्ष 2019 से लाइव हिन्दुस्तान के साथ जुड़े हुए हैं।


हिमांशु की पहचान विशेष रूप से राजनीति के विश्लेषक के तौर पर होती है। उन्हें बिहार की क्षेत्रीय राजनीति के साथ-साथ राष्ट्रीय राजनीति की गहरी और बारीक समझ है। एक पत्रकार के रूप में उन्होंने 2014, 2019 और 2024 के लोकसभा चुनावों और कई विधानसभा चुनावों को बेहद करीब से कवर किया है, जो उनके वृहद अनुभव और राजनीतिक दृष्टि को दर्शाता है।


काम के इतर, हिमांशु को सिनेमा का विशेष शौक है। वे विशेष रूप से सियासी और क्राइम बेस्ड वेब सीरीज़ देखना पसंद करते हैं, जो कहीं न कहीं समाज और सत्ता के समीकरणों को समझने की उनकी जिज्ञासा को भी प्रदर्शित करता है।

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