5 बजे तक जवाब दें राहुल, वरना विशेषाधिकार हनन प्रस्ताव लाएगी सरकार: किरेन रिजिजू
किरेन रिजिजू ने कहा कि नेता विपक्ष राहुल गांधी ने आज भी गलतबयानी कर सदन को गुमराह किया है, इसलिए आज शाम 5 बजे तक उन्हें अपने बयान पर माफी मांगने को कहा गया है, वरना सरकार उनके खिलाफ विशेषाधिकार हनन प्रस्ताव लाएगी।
लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी एकबार फिर अपने भाषण के बाद विवादों में घिर गए हैं। यही वजह है कि केंद्र सरकार अब उनके खिलाफ विशेषाधिकार हनन का नोटिस लाने जा रही है। केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने आरोप लगाया कि नेता विपक्ष अक्सर सदन में मनगढ़ंत और बेबुनियाद आरोप लगाते हैं। इससे सदन का गरिमा कम होती है। उन्होंने बुधवार को बड़ा बयान देते हुए कहा कि नेता विपक्ष राहुल गांधी ने आज भी गलतबयानी कर सदन को गुमराह किया है, इसलिए आज शाम 5 बजे तक उन्हें अपने बयान पर माफी मांगने को कहा गया है, वरना सरकार उनके खिलाफ विशेषाधिकार हनन प्रस्ताव लाएगी।
रिजिजू ने कहा, “हम सदन को गुमराह करने और बेबुनियाद बयान देने के लिए राहुल गांधी के खिलाफ प्रिविलेज नोटिस फाइल करने जा रहे हैं। लोकसभा और राज्यसभा में प्रोसीजर और कंडक्ट ऑफ बिजनेस के बहुत साफ नियम हैं कि जब कोई सदस्य दूसरे सदस्य पर गंभीर आरोप लगाना चाहता है, तो पहले नोटिस देना होगा और आरोप को साबित भी करना होगा। मैंने रिक्वेस्ट की है कि राहुल गांधी को सदन में बुलाया जाए ताकि वे अपनी बातों को साबित कर सकें। राहुल गांधी ने सरकार और प्रधानमंत्री पर बेकार और झूठे आरोप लगाए हैं, यह कहते हुए कि प्रधानमंत्री ने भारत और भारतीय हितों को बेच दिया है। किस आधार पर? उन्होंने बिना कोई नोटिस दिए हरदीप सिंह पुरी पर भी गंभीर आरोप लगाया है।”
राहुल गांधी जानबूझकर बार-बार ऐसा करते हैं
रिजिजू ने कहा, “राहुल गांधी जानबूझकर बार-बार ऐसा करते हैं। उनका भाषण, आम तौर पर झूठ और आरोपों से भरा होता है, उसके बाद वह सदन से भाग जाते हैं। वह मंत्री का जवाब सुनने के लिए कभी सदन में नहीं बैठते। यह बहुत दुर्भाग्यपूर्ण है कि हमारे पास विपक्ष के नेता के पद के लायक कोई बहुत गंभीर स्वभाव या गंभीर चरित्र वाला व्यक्ति नहीं है। हमारी पार्टी ने यह स्टैंड लिया है कि हम राहुल गांधी के झूठ का बाहर तो मुकाबला करेंगे, लेकिन सदन के अंदर एक नोटिस जारी किया जाएगा। हम स्पीकर को नोटिस देंगे। राहुल गांधी ने वादा किया है कि वह इसे प्रमाणित करेंगे, लेकिन मुझे पता है कि वह इसे प्रमाणित नहीं कर सकते क्योंकि उन्होंने झूठ बोला। उन्होंने सदन में झूठ बोला।”
संसदीय परंपराओं को आघात पहुंचाने का आरोप
भाजपा प्रवक्ता सुधांशु त्रिवेदी ने भी पार्टी मुख्यालय में संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए राहुल गांधी पर संसदीय परंपराओं को आघात पहुंचाने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि संसद लोकतंत्र में उच्चतम मानकों और मर्यादाओं का प्रतीक मानी जाती है, लेकिन हालिया घटनाओं ने संसदीय परंपराओं को आघात पहुंचाया है। त्रिवेदी ने कहा कि गांधी ने अपने व्यवहार, भाषा और शैली से राजनीति तथा संसदीय गरिमा को निम्न स्तर तक ले जाने का काम किया है। उन्होंने आरोप लगाया कि गांधी ने अपनी 'कुंठाग्रस्त शैली' में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ बार-बार अनर्गल और झूठे आरोप लगाये हैं।
राहुल ने पीएम पर देश बेचने का लगाया था आरोप
बता दें कि इससे पहले लोकसभा में केंद्रीय बजट पर चर्चा में भाग लेते हुए विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने मोदी सरकार को कठघरे में खड़ा किया था और आरोप लगाया था कि ये डील अमेरिका के सामने होलसेल सरेंडर है। कांग्रेस सांसद ने अमेरिका के साथ व्यापार समझौते को लेकर सवाल खड़े करते हुए कहा कि यह बराबरी की शर्त पर नहीं किया गया है। उन्होंने कहा कि इस सरकार को शर्म आनी चाहिए कि उसने भारत माता को बेच दिया है। राहुल ने दावा किया कि भारत-अमेरिका समझौते में देश के किसानों के हितों को कुचल दिया गया, जैसा आज से पहले किसी प्रधानमंत्री ने नहीं किया और आगे भी कोई नहीं करेगा।

लेखक के बारे में
Pramod Praveenप्रमोद कुमार प्रवीण देश-विदेश की समसामयिक घटनाओं और राजनीतिक हलचलों पर चिंतन-मंथन करने वाले और पैनी पकड़ रखने वाले हैं। ईटीवी से पत्रकारिता में करियर की शुरुआत की। कुल करीब दो दशक का इलेक्ट्रॉनिक, प्रिंट और डिजिटल मीडिया में काम करने का अनुभव रखते हैं। संप्रति लाइव हिन्दुस्तान में विगत तीन से ज्यादा वर्षों से समाचार संपादक के तौर पर कार्यरत हैं और अमूमन सांध्यकालीन पारी में बहुआयामी पत्रकारीय भूमिका का निर्वहन कर रहे हैं। हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप से पहले NDTV, जनसत्ता, ईटीवी, इंडिया न्यूज, फोकस न्यूज, साधना न्यूज और ईटीवी में कार्य करने का अनुभव है। कई संस्थानों में सियासी किस्सों का स्तंभकार और लेखक रहे हैं। विश्वविद्यालय स्तर से लेकर कई अकादमिक, शैक्षणिक और सामाजिक संगठनों द्वारा विभिन्न मंचों पर अकादमिक और पत्रकारिता में उल्लेखनीय योगदान के लिए सम्मानित भी हुए हैं। रुचियों में फिल्में देखना और पढ़ना-पढ़ाना पसंद, सामाजिक और जनसरोकार के कार्यों में भी रुचि है।
अकादमिक योग्यता: भूगोल में जलवायु परिवर्तन जैसे गंभीर और संवेदनशील विषय पर पीएचडी उपाधिधारक हैं। इसके साथ ही पत्रकारिता एवं जनसंचार में स्नातकोत्तर भी हैं। पीएचडी शोध का विषय- 'मध्य गंगा घाटी में जलवायु परिवर्तन-एक भौगोलिक अध्ययन' रहा है। शोध के दौरान करीब दर्जन भर राष्ट्रीय और अंततराष्ट्रीय सम्मेलनों में शोध पत्र पढ़ने और प्रस्तुत करने का अनुभव है। भारतीय विज्ञान कांग्रेस में भी शोध पोस्टर प्रदर्शनी का चयन हो चुका है। शोध पर आधारित एक पुस्तक के लेखक हैं। पुस्तक का नाम 'मध्य गंगा घाटी में जलवायु परिवर्तन' है। पत्रकारिता में आने से पहले महाविद्यालय स्तर पर शिक्षण कार्य भी कर चुके हैं।




