
UNSC में स्थायी सदस्यता के लिए क्या कदम उठा रहा भारत? केंद्र सरकार ने बताया
सरकार ने कहा है कि भारत संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के विस्तारित स्वरूप में भारत की स्थायी सदस्यता हासिल करने को सर्वोच्च प्राथमिकता देता है और भारत द्विपक्षीय और बहुपक्षीय दोनों स्तरों पर इस प्रयास में निरंतर लगा हुआ है।
केंद्र सरकार ने गुरुवार को संसद में बताया है कि भारत संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के विस्तारित स्वरूप में भारत की स्थायी सदस्यता हासिल करने को ‘सर्वोच्च प्राथमिकता देती है और देश द्विपक्षीय तथा बहुपक्षीय, दोनों स्तरों पर इसके लिए लगातार प्रयासरत है। विदेश राज्य मंत्री कीर्तिवर्धन सिंह ने एक सवाल के लिखित जवाब में राज्यसभा को बताया कहा कि भारत कई समूहों और देशों के साथ मिलकर सदस्यता हासिल करने की कोशिश कर रहा है।
इससे पहले विदेश मंत्रालय से सुरक्षा परिषद में भारत के लिए स्थायी सीट हासिल करने में मौजूदा चुनौतियों से निपटने की रणनीति के बारे में सवाल किया गया था। सिंह ने बताया, ‘‘भारत सरकार संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के विस्तारित स्वरूप में भारत की स्थायी सदस्यता हासिल करने को सर्वोच्च प्राथमिकता देती है। भारत इस प्रयास में द्विपक्षीय और बहुपक्षीय दोनों स्तरों पर निरंतर लगा हुआ है। भारत अन्य सुधारवादी समूहों और देशों के साथ भी मिलकर काम कर रहा है।’’
केंद्रीय मंत्री ने आगे कहा, "बहुपक्षीय कूटनीति की प्रकृति ही चुनौती पेश करती है, क्योंकि संयुक्त राष्ट्र के 193 सदस्य देशों के बीच सुरक्षा परिषद के सुधारों की प्रकृति और दायरे को लेकर अलग-अलग राय हैं।"
रूस यूक्रेन युद्ध पर भी दी जानकारी
राज्यवर्धन सिंह ने एक अन्य सवाल के लिखित जवाब में बताया कि अब तक रूसी सशस्त्र बलों में शामिल 26 भारतीयों की मृत्यु हो गई है, जबकि सात को रूसी पक्ष ने लापता घोषित किया है। उन्होंने यह भी कहा कि 50 लोगों की शीघ्र रिहाई के लिए प्रयास जारी हैं। मंत्री ने कहा कि विदेश मंत्रालय ने 10 मृत भारतीय नागरिकों के पार्थिव शरीर को वापस लाने और दो मृत भारतीय नागरिकों के अंतिम संस्कार में सहायता प्रदान की है।
उन्होंने आगे बताया कि मृत या लापता बताए गए 18 भारतीयों के परिवारों के सदस्यों के डीएनए नमूने रूसी अधिकारियों के साथ साझा किए गए हैं, ताकि कुछ मृत भारतीय नागरिकों की पहचान स्थापित करने में मदद मिल सके।





