दिल्ली जिमखाना क्लब की जमीन पर सरकारी दफ्तर और आवास, बदल जाएगा लैंड यूज, सरकार बना रही प्लान

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केंद्र सरकार ने दिल्ली जिमखाना क्लब के पूरे परिसर को वापस लेने की कार्रवाई तेज कर दी है। सरकार की योजना क्लब की जमीन पर आधिकारिक कार्यालयों और आवासीय परिसर विकसित करने की है।

दिल्ली जिमखाना क्लब की जमीन पर सरकारी दफ्तर और आवास, बदल जाएगा लैंड यूज, सरकार बना रही प्लान

केंद्र सरकार ने दिल्ली जिमखाना क्लब (DGC) के पूरे परिसर को वापस लेने की कार्रवाई तेज कर दी है। सरकार की योजना क्लब की जमीन पर आधिकारिक कार्यालयों और आवासीय परिसर विकसित करने की है। उच्च सुरक्षा वाले नई दिल्ली क्षेत्र को शासन और प्रशासनिक गतिविधियों के लिए आरक्षित रखने की रणनीतिक आवश्यकता के चलते यह कदम उठाया जा रहा है। सीएनएन-न्यूज18 के अनुसार, सूत्रों ने बताया कि लोक कल्याण मार्ग पर प्रधानमंत्री आवास के निकट स्थित यह क्लब संवेदनशील प्रशासनिक और सुरक्षा गलियारे में स्थित एकमात्र निजी संस्थान है।

केंद्रीय आवास एवं शहरी मामलों के मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि यह भूमि रक्षा अवसंरचना को मजबूत करने, सार्वजनिक सुरक्षा, तत्काल शासन संबंधी जरूरतों और जनहित परियोजनाओं के लिए आवश्यक है। बता दें कि भूमि एवं विकास कार्यालय (L&DO) ने 22 मई को रणनीतिक और रक्षा संबंधी कारणों का हवाला देते हुए क्लब प्रबंधन को 5 जून तक पूरा परिसर खाली करने का आदेश जारी किया था।

औपनिवेशिक इतिहास वाला क्लब

दिल्ली जिमखाना क्लब का इतिहास ब्रिटिश काल से जुड़ा है। यह 3 जुलाई 1913 को इंपीरियल दिल्ली जिमखाना क्लब के नाम से स्थापित किया गया था। स्वतंत्रता के बाद 1947 में ‘इंपीरियल’ शब्द हटा दिया गया। क्लब की अधिकांश इमारतें 1930 के दशक की हैं। 2022 में राष्ट्रीय कंपनी कानून न्यायाधिकरण (NCLT) ने कॉर्पोरेट मामलों के मंत्रालय द्वारा लगाए गए उत्पीड़न और कुप्रबंधन के आरोपों पर क्लब के शासी निकाय में केंद्र सरकार द्वारा 15 निदेशकों की नियुक्ति को मंजूरी दी थी।

कर्मचारियों को दिल्ली हाईकोर्ट से अस्थायी राहत

क्लब कर्मचारियों ने मंगलवार को बताया कि दिल्ली उच्च न्यायालय से उन्हें अस्थायी राहत मिली है, लेकिन उनके भविष्य को लेकर गहरी अनिश्चितता बनी हुई है। करीब 700 कर्मचारी और संबंधित श्रमिक क्लब के भविष्य पर चिंतित हैं।जिमखाना कर्मचारी कल्याण संघ के अध्यक्ष नंदन सिंह नेगी ने बताया कि हमें फिलहाल आठ सप्ताह की राहत मिली है। हम उच्च न्यायालय पर भरोसा रखते हैं कि वह मजदूरों और गरीब लोगों के हित में न्याय करेगा। हमारी सांसें थमी हुई हैं, जैसे हम ऑक्सीजन सपोर्ट पर सांस ले रहे हों।

नेगी ने बताया कि क्लब सदस्यों की याचिकाओं के अलावा कर्मचारी संघ ने भी सोमवार शाम को अलग मुकदमा दायर किया था। तीनों याचिकाओं की सुनवाई एक साथ हुई। अदालत ने अगली सुनवाई (जुलाई के अंत में) से पहले कर्मचारियों की संख्या और सेवा अवधि संबंधी विस्तृत जानकारी मांगी है।

सरकार का आश्वासन

केंद्र सरकार की ओर से पेश सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने अदालत में कहा कि बेदखली की कोई भी कार्यवाही केवल कानून के अनुसार और उचित नोटिस देकर ही की जाएगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि 5 जून केवल स्वेच्छा से परिसर खाली करने की अंतिम तिथि है। पुलिस द्वारा जबरन कब्जा नहीं लिया जाएगा। परिसर का अधिग्रहण पूरी कानूनी प्रक्रिया का पालन करते हुए किया जाएगा। दिल्ली उच्च न्यायालय ने भी सरकार के इस आश्वासन पर गौर किया कि वह 5 जून तक जबरन कब्जा नहीं करेगी। मामले की अगली सुनवाई जुलाई के अंत में होगी।

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Devendra Kasyap

लेखक के बारे में

Devendra Kasyap

देवेन्द्र कश्यप पिछले 13 वर्षों से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अगस्त 2025 से वह लाइव हिन्दुस्तान (हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप) में चीफ कंटेंट प्रोड्यूसर के पद पर कार्यरत हैं। संस्थान की होम टीम का वह एक अहम हिस्सा हैं। राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रमों पर उनकी पैनी नजर रहती है। वायरल कंटेंट के साथ-साथ लीक से हटकर और प्रभावशाली खबरों में उनकी विशेष रुचि है।

देवेन्द्र ने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत वर्ष 2013 में महुआ न्यूज से की। करियर के शुरुआती दौर में उन्होंने बिहार की राजधानी पटना में रिपोर्टिंग की। इस दौरान राजनीति के साथ-साथ क्राइम और शिक्षा बीट पर भी काम किया। इसके बाद उन्होंने जी न्यूज (बिहार-झारखंड) में अपनी सेवाएं दीं। वर्ष 2015 में ईनाडु इंडिया के साथ डिजिटल मीडिया में कदम रखा। इसके बाद राजस्थान पत्रिका, ईटीवी भारत और नवभारत टाइम्स ऑनलाइन जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में कार्य किया।

मूल रूप से बिहार के भोजपुरी बेल्ट रोहतास जिले के रहने वाले देवेन्द्र कश्यप ने अपनी प्रारंभिक और उच्च शिक्षा पटना से प्राप्त की। उन्होंने पटना विश्वविद्यालय से राजनीति विज्ञान में स्नातक की डिग्री हासिल की और MCU भोपाल से पत्रकारिता में डिप्लोमा किया। वर्तमान में वह उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में प्रवास कर रहे हैं।

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