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भारतीय बाजार में फिर आएंगी चीनी कंपनियां? पाबंदियां हटाने की तैयारी में सरकार

भारतीय बाजार में फिर आएंगी चीनी कंपनियां? पाबंदियां हटाने की तैयारी में सरकार

संक्षेप:

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भारतीय सामानों पर 50% टैरिफ लगा दिया है और अमेरिका की नजदीकियां पाकिस्तान के साथ बढ़ रही हैं। पिछले साल, मोदी ने सात साल में पहली बार चीन का दौरा किया था। इस दौरे के बाद, भारत और चीन ने सीधी उड़ानें फिर से शुरू कीं।

Jan 09, 2026 07:59 am ISTNisarg Dixit हिन्दुस्तान टीम
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भारत सरकार उन चीनी कंपनियों पर से पाबंदियां हटाने की योजना बना रही है जो सरकारी ठेकों के लिए बोली लगाती हैं। सूत्रों के अनुसार वित्त मंत्रालय उन नियमों को खत्म करने की तैयारी में है, जिनके तहत चीनी कंपनियों को भारत में सरकारी प्रोजेक्ट्स के लिए बोली लगाने से पहले कड़ी सुरक्षा जांच और रजिस्ट्रेशन से गुजरना पड़ता था।

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साल 2020 में गलवान घाटी में भारत-चीन सीमा पर हुई हिंसक झड़प के बाद ये पाबंदियां लगाई गई थीं। इसकी वजह से चीनी कंपनियां करीब 700-750 अरब डॉलर के भारतीय सरकारी ठेकों की दौड़ से बाहर हो गई थीं। पाबंदियों के तहत चीनी कंपनियों को बोली लगाने के लिए भारतीय सरकारी समिति के साथ रजिस्ट्रेशन करवाना और राजनीतिक और सुरक्षा मंजूरी प्राप्त करना जरूरी था। रॉयटर्स ने सूत्रों के हवाले से कहा कि अधिकारी रजिस्ट्रेशन की आवश्यकता को हटाने पर काम कर रहे हैं। इस संबंध में पीएमओ अंतिम निर्णय लेगा।

पाबंदियों के कारण प्रोजेक्ट में देरी हुई

रिपोर्ट के अनुसार चीनी कंपनियों पर लगी पाबंदियों का महत्वपूर्ण प्रभाव पड़ा। जब 2020 में पाबंदियां लगीं, तो चीन की कंपनी सीआरआरसी को ₹1800 करोड़ रुपये के ठेके से बाहर कर दिया गया था।

सूत्रों ने बताया कि कई सरकारी विभागों ने कहा कि चीन से मशीनें और सामान न आने के कारण उनके प्रोजेक्ट्स लटके हुए हैं। खास तौर पर बिजली घर बनाने का काम धीमा पड़ गया है, क्योंकि भारत अगले 10 साल में अपनी बिजली क्षमता बढ़ाना चाहता है और उसके लिए जरूरी सामान चीन से आता है। पूर्व कैबिनेट सचिव राजीव गौबा की अध्यक्षता वाली एक उच्च-स्तरीय समिति ने भी पाबंदियों में ढील देने की सिफारिश की है।

चीन से संबंध सुधर रहे

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भारतीय सामानों पर 50% टैरिफ लगा दिया है और अमेरिका की नजदीकियां पाकिस्तान के साथ बढ़ रही हैं। पिछले साल, मोदी ने सात साल में पहली बार चीन का दौरा किया था। इस दौरे के बाद, भारत और चीन ने सीधी उड़ानें फिर से शुरू कीं और नई दिल्ली ने चीनी प्रोफेशनल्स के लिए बिजनेस वीजा अप्रूवल में तेजी लाने के लिए कागजी कार्रवाई कम की। हालांकि भारत सतर्क है क्योंकि चीनी कंपनियों से विदेशी प्रत्यक्ष निवेश पर प्रतिबंध अभी भी लागू हैं।

(रिपोर्ट: गिरिजेश कुमार)

Nisarg Dixit

लेखक के बारे में

Nisarg Dixit
निसर्ग दीक्षित एक डिजिटल क्षेत्र के अनुभवी पत्रकार हैं, जिनकी राजनीति की गतिशीलता पर गहरी नजर है और वैश्विक और घरेलू राजनीति की जटिलताओं को उजागर करने का जुनून है। निसर्ग ने गहन विश्लेषण, जटिल राजनीतिक कथाओं को सम्मोहक कहानियों में बदलने की प्रतिष्ठा बनाई है। राजनीति के अलावा अपराध रिपोर्टिंग, अंतरराष्ट्रीय गतिविधियां और खेल भी उनके कार्यक्षेत्र का हिस्सा रहे हैं। माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय से मास्टर ऑफ जर्नलिज्म करने के बाद दैनिक भास्कर के साथ शुरुआत की और इनशॉर्ट्स, न्यूज18 जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में काम करने के बाद लाइव हिन्दुस्तान में डिप्टी चीफ कंटेंट प्रोड्यूसर के तौर पर काम कर रहे हैं। और पढ़ें
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