छात्रों के आंदोलन को लेकर संभली सरकार, अब पलटवार की तैयारी; क्या है प्लान?
CJP Protest: सूत्रों के अनुसार, सरकार का मानना है कि तीन दिनों में विपक्षी दलों ने अपने-अपने ढंग से आंदोलन में खुद को जोड़ने की कोशिश की और श्रेय को लेने की होड़ भी रही।

CJP Protest Updates: छात्रों के असंतोष से सरकार को घेरने दिल्ली की सड़कों पर उतरे आंदोलनकारियों के तेवरों से सरकार मंगलवार को संभली नजर आई। प्रधानमंत्री ने एनडीए संसदीय दल की बैठक में दो टूक कहा कि सरकार छात्रों के भविष्य से किसी को खिलवाड़ नहीं करने देगी और दोषियों को कड़ी सजा सुनिश्चित करेगी। वहीं, स्वास्थ मंत्री जेपी नड्डा ने अस्पताल पहुंचकर घायल आंदोलनकारियों से मुलाकात की और बेहतर इलाज सुनिश्चित करने को कहा। देर शाम को जब कांग्रेस नेता प्रधानमंत्री आवास तक पहुंचे तो सरकार को भी पलटवार करने का मौका मिला।
बिना किसी स्पष्ट नेतृत्व को लेकर चल रहे आंदोलन से निपटने के लिए सरकार ने छात्रों और युवाओं के मुद्दों को ध्यान में रखा। साथ ही सुनिश्चित किया कि उनको सिर्फ रोका जाए। हालांकि, कुछ राजनीतिक दलों ने अपने-अपने ढंग से इसे उठाने की कोशिश की। दरअसल, बीते तीन दिनों में जंतर-मंतर, संसद और प्रधानमंत्री आवास तक जिस तरह से विरोध हुआ उसे भी सरकार ने गंभीरता से लिया है। इस दौरान सरकार आंदोलन को लेकर लगातार नजर रखे रही।
रविवार को जब जंतर-मंतर पर भीड़ उमड़ी, उसे भी देखा गया, सोमवार को संसद भवन तक आंदोलनकारी पहुंचे और कुछ राजनीतिक दल भी इससे जुड़े, उस पर भी नजर रही। मंगलवार को जब कांग्रेस नेता प्रधानमंत्री आवास तक पहुंचे, तब भी सरकार हालात संभालती नजर आई।
संसद में हंगामे के आसार
सूत्रों के अनुसार, सरकार का मानना है कि तीन दिनों में विपक्षी दलों ने अपने-अपने ढंग से आंदोलन में खुद को जोड़ने की कोशिश की और श्रेय को लेने की होड़ भी रही। सरकार के एक नेता ने कहा कि जहां सरकार प्रभावी ढंग से छात्रों के मुद्दों को हल कर रही है, वहीं विपक्ष के लिए यह आंदोलन राजनीति करने का माध्यम बन कर रह गया है। सरकार के सबसे ज्यादा निशाने पर कांग्रेस और उसके नेता राहुल गांधी हैं, जिनसे बात करने खुद मंत्री जितेंद्र सिंह और गृह सचिव गए थे। इसके बाद सरकार ने राहुल गांधी पर अपनी बात से पलटने और संसद में चर्चा के लिए तैयार होने से मना करने का आरोप भी लगाया। ऐसे में बुधवार को भी संसद में हंगामा होगा, लेकिन अब सत्तापक्ष सांसत के बजाय पलटवार के तेवरों के साथ नजर आ सकता है।
चर्चा से समाधान की कोशिश
सूत्रों के अनुसार, स्थिति को देखते हुए संसद की सुरक्षा में तैनात केंद्रीय बलों, बाहर तैनात दिल्ली पुलिस को भी उनकी भूमिका को लेकर खास निर्देश और नसीहत दी गई है। सरकार इस मुद्दे पर सतर्कता के साथ आगे बढ़ रही है। सरकार इस पर संसद में चर्चा के लिए जोर दे रही है। सूत्रों के अनुसार, उसने राहुल गांधी की मांग पर संसद में आंदोलनकारियों पर पुलिस कार्रवाई पर गृह मंत्री के बयान और चर्चा की बात भी रखी, लेकिन जब राहुल गांधी तैयार नहीं हुए तो सरकार भी अब जवाबी मूड में है। ऐसे में अगर संसद एक दो दिन न चले तो भी समस्या नहीं है, लेकिन सरकार इसे चर्चा के जरिए ही सुलझाना चाहती है।
अमित शाह रख रहे कड़ी नजर
सूत्रों के अनुसार, गृह मंत्री अमित शाह पूरे हालात पर कड़ी नजर रखे हैं और सभी कोणों से स्थिति को समझ रहे हैं। इसमें विपक्ष की भूमिका भी शामिल है। जिस तरह से आंदोलन में आम आदमी पार्टी, सपा, आजाद समाज पार्टी (कांसीराम) और कांग्रेस ने अपने-अपने ढंग से आंदोलन को लिया है, उसे भी देखा जा रहा है। सरकार में स्पष्ट मानना है कि इस पूरे मामले में बल प्रयोग नहीं किया जाएगा, बल्कि बातचीत से मामले को हल किया जाएगा। अगर इसमें कुछ असामाजिक तत्व सामने आए तब उसी तरह की कार्रवाई की जाएगी।


