फिलिस्तीन लिखा बैग लेकर गईं, अब बांग्लादेश में हिंदू की हत्या पर आंसू बहा रहीं; प्रियंका पर BJP हमलावार
प्रियंका ने पोस्ट किया, 'बांग्लादेश में हिंदू युवक दीपू चंद्र दास की भीड़ की ओर से बर्बरतापूर्ण हत्या का समाचार अत्यंत चिंताजनक है। किसी भी सभ्य समाज में धर्म, जाति, पहचान आदि के आधार पर भेदभाव, हिंसा और हत्या मानवता के खिलाफ अपराध है।'

कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा ने बांग्लादेश में हिंदू युवक की भीड़ की ओर से हत्या पर चिंता जताई है। इसे लेकर कांग्रेस पर भाजपा हमलावर हो गई और प्रियंका पर घड़ियाली आंसू बहाने का आरोप लगाया है। भाजपा नेता गौरव वल्लभ ने शनिवार को कहा, 'बांग्लादेश में हिंदुओं के साथ जो बर्ताव हो रहा है, उनको सड़कों पर खुलेआम पीट-पीटकर मारा जा रहा है। आज कांग्रेस के लोग उस पर सवाल उठा रहे हैं। यह कैसी विडंबना है। ये वही लोग हैं जो CAA, NRC का विरोध कर रहे थे। ये वही प्रियंका गांधी हैं जो फिलिस्तीन के लिए बैग पर चित्रकारी करके संसद पहुंच गईं। मगर, आज बांग्लादेश के हिंदुओं के लिए मगरमच्छ के झूठे आंसू बहाने का काम शुरू कर दिया।'
गौरव वल्लभ ने कहा कि अगर आपको इतनी की उनकी चिंता है तो CAA, NRC कानून के तहत उन लोगों को भारत की नागरिकता देने का काम किया जा रहा था। आप लोग उसका क्यों विरोध कर रहे थे। भाजपा नेता ने चुनौती देते हुए कहा, 'या तो आप देश से अपने पहले के कुकृत्यों के लिए माफी मांगिए या अभी घड़ियाली आंसू बहाना बंद कीजिए। यह दोहरा रवैया नहीं चलेगा।' उन्होंने कहा कि पूरे देश और दुनिया में कहीं भी हिंदू समाज के जो लोग हैं, उनके साथ खड़े हैं। दरअसल, बांग्लादेश में ईशनिंदा के आरोप में हिंदू समुदाय के एक व्यक्ति की पीटकर हत्या कर दी गई और उसके शव को आग लगा दी गई। यह देश में धार्मिक अल्पसंख्यक के खिलाफ हिंसा की नवीनतम घटना है। बांग्ला ट्रिब्यून समाचार पोर्टल के अनुसार, मृत व्यक्ति की पहचान 25 वर्षीय दीपू चंद्र दास के रूप में हुई, जो मैमनसिंह शहर में एक कारखाने में काम करते थे।
बांग्लादेश में हिंदू युवक की हत्या पर क्या बोलीं प्रियंका गांधी
प्रियंका गांधी ने बांग्लादेश में हिंदू युवक की हत्या पर कहा कि भारत सरकार को वहां के अल्पसंख्यकों के खिलाफ बढ़ती हिंसा का संज्ञान लेना चाहिए और इस विषय को बांग्लादेशी सरकार के समक्ष मजबूती से उठाना चाहिए। प्रियंका ने एक्स पर पोस्ट किया, 'बांग्लादेश में हिंदू युवक दीपू चंद्र दास की भीड़ की ओर से बर्बरतापूर्ण हत्या का समाचार अत्यंत चिंताजनक है। किसी भी सभ्य समाज में धर्म, जाति, पहचान आदि के आधार पर भेदभाव, हिंसा और हत्या मानवता के खिलाफ अपराध है।' उन्होंने कहा कि भारत सरकार को पड़ोसी देश में हिंदू, ईसाई और बौद्ध अल्पसंख्यकों के खिलाफ बढ़ती हिंसा का संज्ञान लेना चाहिए। बांग्लादेश सरकार के समक्ष उनकी सुरक्षा का मुद्दा मजबूती से उठाना चाहिए।





