सोनम वांगचुक पर हमले की कोशिश, अभिजीत दीपके बोले-गुंडों ने जंतर-मंतर पर बनाया निशाना

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जंतर-मंतर पर आमरण अनशन पर बैठे सोनम वांगचुक पर शुक्रवार देर रात हमले की कोशिश की गई है। कॉकरोच जनता पार्टी के अध्यक्ष अभिजीत दीपके ने एक्स पर पोस्ट करके इस बारे में जानकारी दी। उन्होंने अपने ट्वीट में लिखा कि गुंडों ने सोनम वांगचुक पर हमले की कोशिश की।

सोनम वांगचुक पर हमले की कोशिश, अभिजीत दीपके बोले-गुंडों ने जंतर-मंतर पर बनाया निशाना

जंतर-मंतर पर आमरण अनशन पर बैठे सोनम वांगचुक पर शुक्रवार देर रात हमले की कोशिश की गई है। कॉकरोच जनता पार्टी के अध्यक्ष अभिजीत दीपके ने एक्स पर पोस्ट करके इस बारे में जानकारी दी। उन्होंने अपने ट्वीट में लिखा कि गुंडों ने सोनम वांगचुक पर हमले की कोशिश की। उन्होंने आगे लिखा कि उन्हें निशाना बनाकर कुछ फेंका गया था। लेकिन सौभाग्य की बात यह रही कि उन्हें चोट नहीं लगी। गौरतलब है कि सोनम वांगचुक की हालत ठीक नहीं है। वह 20 दिन से आमरण अनशन पर बैठे हैं।

अगर सोनम सर को कुछ होता है...

अभिजीत दीपके ने आगे लिखा कि कुछ दिन पहले मैंने चेतावनी दी थी। मैंने तब कहा था कि जंतर-मंतर पर कुछ लोगों को भेजा जाएगा। विरोध प्रदर्शन को नुकसान पहुंचाने की कोशिश की जाएगी। इस बारे में मुझे पुलिस के अंदरूनी सूत्रों से पता चला था। उन्होंने लिखा कि अगर सोनम सर को कुछ होता है तो इसके लिए सरकार पूरी तरह से जिम्मेदार होगी। अभिजीत के मुताबिक जंतर-मंतर पर इस शांतिपूर्ण प्रदर्शन को खत्म करने के लिए योजनाएं बनाई जा रही हैं।

शरीर पर असर, लेकिन संकल्प अडिग

इससे पहले दिन में शिक्षाविद और जलवायु कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने कहाकि अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल का उनके शरीर पर प्रतिकूल असर होने के बावजूद वह अपने संकल्प पर अडिग हैं। वांगचुक ने साथ ही कहा कि अगर प्याज की बढ़ती कीमतों को लेकर सरकारें गिर सकती हैं तो छात्रों के लिए जवाबदेही की मांग से भी राजनीतिक बदलाव आ सकता है। वांगचुक ने अपने अनशन के 20वें दिन के अंत में साझा किए गए एक वीडियो संदेश में लोगों से 20 जुलाई को कॉकरोच जनता पार्टी (कॉजपा) के प्रस्तावित संसद मार्च में बड़ी संख्या में शामिल होने की अपील की। उन्होंने कहा कि लोगों की भागीदारी ही इस आंदोलन की सबसे बड़ी ताकत है।

हां, मैं अभी जिंदा हूं

वांगचुक ने कहाकि हां, मैं अभी जीवित हूं। मेरे शरीर का 20 प्रतिशत हिस्सा क्षीण हो गया है। पहले शरीर की चर्बी खत्म होती है, उसके बाद मांसपेशियां और फिर अंग प्रभावित होते हैं। अंत में मस्तिष्क। अभी वह समय नहीं आया है। उन्होंने अपने स्वास्थ्य को लेकर समर्थकों को आश्वस्त करते हुए कहाकि 20वां दिन समाप्त होने वाला है। मैं यह बता दूं कि मेरा दिमाग अब भी ठीक है। मौजूदा आंदोलन से जवाबदेही तय होने या केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की संभावना संबंधी सवालों का जिक्र करते हुए वांगचुक ने कहाकि लोग अक्सर जन आंदोलनों की ताकत को कम करके आंकते हैं। उन्होंने कहाकि मैं आपसे पूछता हूं-भारत के लोग अपने बच्चों के जीवन और उनकी शिक्षा से ज्यादा प्यार करते हैं या प्याज से?

प्याज पर तो तीन बार गिरी सरकार

वांगचुक ने कहाकि प्याज की कीमतों में भारी वृद्धि को लेकर लोगों में फैले आक्रोश के कारण देश में पहले भी सरकारें गिर चुकी हैं। उन्होंने कहाकि भारत में जन आंदोलन के कारण तीन बार सरकारें गिरीं। एक बार 1980 में केंद्र सरकार गिरी। वर्ष 1998 में दिल्ली सरकार गिरी और उसी साल राजस्थान सरकार भी गिरी। ये आंदोलन किस मुद्दे पर हुए थे? प्याज की कीमतों पर। वांगचुक ने कहाकि यहां हम बच्चों के जीवन की बात कर रहे हैं। इस साल 20 से अधिक आत्महत्याएं हो चुकी हैं और आने वाले वर्षों में इनकी संख्या बढ़ सकती है। क्या हम इस आंदोलन के जरिये जवाबदेही तय नहीं करा सकते? क्या शिक्षा मंत्री इस्तीफा नहीं देंगे?

चलो संसद मार्च के लिए आमंत्रण

वांगचुक ने लोगों से 20 जुलाई के ‘चलो संसद’ मार्च में बड़ी संख्या में शामिल होने की अपील करते हुए कहाकि आंदोलन की कत लोगों की भागीदारी में निहित है। वांगचुक ने कहाकि 20 जुलाई को मेरे साथ संसद तक मार्च कीजिए। आप हमारी ताकत हैं। अन्यथा मैं कौन हूं? मैं क्या हूं? मैं अकेला, भूखा और बेकार इंसान हूं। आप ही ताकत हैं। उन्होंने कहाकि आपकी संख्या हमारी ताकत है। इसी ताकत ने प्याज के मुद्दे पर सरकारें गिराई हैं। हम केवल जवाबदेही की मांग कर रहे हैं। कॉकरोच जनता पार्टी 20 जून से जंतर-मंतर पर प्रदर्शन कर रही है।

वह राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (नीट) में कथित अनियमितताओं को लेकर केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे, कथित परीक्षा घोटालों की न्यायिक जांच और परीक्षा प्रणाली में व्यापक सुधार की मांग कर रही है। वांगचुक 28 जून को इस आंदोलन में शामिल हुए थे और तब से अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर हैं।

Deepak Mishra

लेखक के बारे में

Deepak Mishra

मूल रूप से आजमगढ़ के रहने वाले दीपक मिश्रा के लिए पत्रकारिता में आना कोई संयोग नहीं था। घर में आने वाली तमाम मैगजीन्स और अखबार पढ़ते-पढ़ते खुद अखबार में खबर लिखने तक पहुंच गए। हालांकि सफर इतना आसान भी नहीं था। इंटरमीडिएट की पढ़ाई के बाद जब घरवालों को इस इरादे की भनक लगी तो खासा विरोध भी सहना पड़ा। फिर मन में ठाना कि चलो जमीनी अनुभव लेकर देखते हैं। इसी मंशा के साथ ग्रेजुएशन की पढ़ाई के दौरान आजमगढ़ के लोकल टीवी में काम करना शुरू किया। कैमरे पर शहर की गतिविधियां रिकॉर्ड करते, न्यूज बुलेटिन लिखते और कुछेक बार उन्हें कैमरे के सामने पढ़ते-पढ़ते इरादा मजबूत हो गया कि अब तो मीडिया में ही जाना है।

आजमगढ़ के डीएवी डिग्री कॉलेज से इंग्लिश, पॉलिटिकल साइंस और हिस्ट्री विषयों में ग्रेजुएशन के बाद वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय से मास कम्यूनिकेशन में मास्टर डिग्री। इसके बाद अखबारों में नौकरी का सिलसिला शुरू हुआ आज अखबार से। फिर दैनिक जागरण के बाइलिंगुअल अखबार आई नेक्स्ट में वाराणसी में डेस्क पर नौकरी। वहां से सेंट्रल डेस्क कानपुर का सफर और फिर पत्रिका अखबार के इवनिंगर न्यूज टुडे में सेंट्रल डेस्क हेड की जिम्मेदारी। बाद में पत्रिका अखबार के लिए खेल डेस्क पर भी काम करने का मौका मिला। पत्रिका ग्रुप में काम करते हुए 2014 फीफा वर्ल्ड कप की कवरेज के लिए अवॉर्ड भी मिला।

यूपी में वापसी हुई फिर से दैनिक जागरण आई नेक्स्ट में और जिम्मेदारी मिली गोरखपुर में डेस्क हेड की। आई नेक्स्ट की दूसरी पारी में दो बार गोरखपुर एडिशन के संपादकीय प्रभारी की भी भूमिका निभाई। वहीं, कुछ अरसे तक इलाहाबाद में डेस्क हेड की जिम्मेदारी भी संभाली। दैनिक जागरण आई नेक्स्ट में काम करने के दौरान, डिजिटल फॉर्मेट के लिए वीडियो स्टोरीज करते रहे। इसमें कुंभ 2019 के लिए वीडियो स्टोरीज भी शामिल हैं। बाद में यहां पर पॉडकास्ट के दो शो किए। जिनमें से एक आईपीएल रिकॉर्ड बुक और दूसरा शहर का किस्सा रहा।

जून 2021 से लाइव हिन्दुस्तान में होम टीम का हिस्सा। इस दौरान तमाम चुनाव, राष्ट्रीय-अंतर्राष्ट्रीय घटनाक्रमों की खबरें की। साथ ही क्रिकेट टीम के साथ सहभागिता निभाते हुए आईपीएल और टी-20 विश्वकप, चैंपियंस ट्रॉफी के दौरान कवरेज में सक्रिय भूमिका निभाई। कुंभ 2025 के दौरान लाइव हिन्दुस्तान के लिए वीडियो स्टोरीज कीं।

अगर रुचि की बात करें तो फिल्में देखना, किताबें पढ़ना, कुछ नई स्किल्स सीखते रहना प्रमुख हैं। मिररलेस कैमरे के साथ वीडियो शूट करना और प्रीमियर प्रो पर एडिटिंग में दक्षता। प्रिय विषयों में सिनेमा और खेल दिल के बेहद करीब हैं।

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