समय से पहले मॉनसून की दस्तक! इन राज्यों में तैनात हो गईं NDRF की टीमें, भारी बारिश का अलर्ट
दक्षिण-पश्चिम मॉनसून 2026 के केरल में समय से पहले पहुंचने का अलर्ट। IMD की चेतावनी के बाद KSDMA के अनुरोध पर 8 जिलों में NDRF तैनात। पढ़ें मौसम का पूर्वानुमान और बचाव की पूरी तैयारी।

Monsoon 2026: दक्षिण-पश्चिम मॉनसून 2026 की संभावित चुनौतियों और मौसम के बदलते मिजाज को देखते हुए दक्षिणी राज्यों में तैयारियां तेज कर दी गई हैं। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने अनुमान जताया है कि इस साल मॉनसून अपनी सामान्य तारीख यानी 1 जून से कुछ दिन पहले ही केरल तट पर दस्तक दे सकता है। इसे लेकर केरल राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (KSDMA) के अनुरोध पर राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (NDRF) ने बड़े पैमाने पर मोर्चेबंदी शुरू कर दी है।
IMD का पूर्वानुमान: कब आएगा मॉनसून और कैसी रहेगी बारिश?
IMD ने 2026 के दक्षिण-पश्चिम मॉनसून को लेकर जो लंबी अवधि का पूर्वानुमान जारी किया है। इसके मुताबिक, दक्षिण-पश्चिम मॉनसून के 26 मई 2026 के आसपास केरल पहुंचने की संभावना है। IMD के अनुसार, इस वर्ष पूरे देश में मॉनसून के दौरान कुल बारिश सामान्य से कम रह सकती है। यह लॉन्ग पीरियड एवरेज (LPA) का लगभग 92 प्रतिशत रहने का अनुमान है (LPA 87 सेमी है)।
अल नीनो का प्रभाव
प्रशांत महासागर में अल नीनो की स्थिति विकसित होने की संभावना है, जिसका असर भारतीय मॉनसून पर पड़ेगा। हालांकि शुरुआती दौर में अच्छी बारिश की उम्मीद है, लेकिन अगस्त और सितंबर में अल नीनो के कारण बारिश में कमी आ सकती है।
भारी बारिश का अलर्ट
मॉनसून के आगे बढ़ने की अनुकूल परिस्थितियों के बीच, केरल और लक्षद्वीप में आगामी कुछ दिनों में तेज हवाओं और गरज के साथ भारी बारिश की चेतावनी जारी की गई है।
केरल में NDRF का मोबिलाइजेशन
मॉनसून की शुरुआत में ही किसी भी आपात स्थिति, जलभराव या बाढ़ से निपटने के लिए केरल ने पहले ही केंद्र से मदद मांगी थी, जिसके बाद जमीनी स्तर पर व्यापक तैयारियां की गई हैं।
8 जिलों में विशेष तैनाती: KSDMA के अनुरोध पर, NDRF की 4वीं बटालियन ने केरल में अपनी 8 टीमें भेजी हैं। इन्हें मुख्य रूप से कोल्लम, पथनमथिट्टा, अलाप्पुझा, इडुक्की, एर्नाकुलम, त्रिशूर, कोझिकोड और वायनाड जिलों में तैनात किया गया है। बचाव अभियान को प्रभावी बनाने के लिए भेजी गई प्रत्येक टीम में 30 प्रशिक्षित रेस्क्यूअर्स शामिल हैं।
अरक्कोणम में 24x7 कंट्रोल रूम
तमिलनाडु के अरक्कोणम में एक चौबीसों घंटे चलने वाला कंट्रोल रूम स्थापित किया गया है। यह लगातार मौसम के अपडेट्स पर नजर रख रहा है और केरल के राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र (SEOC) के साथ कॉर्डिनेशन कर रहा है ताकि किसी भी आपदा की स्थिति में तुरंत कार्रवाई की जा सके।
तमिलनाडु और अंडमान में भी सुरक्षा घेरा
केरल के अलावा पड़ोसी राज्यों में भी एहतियातन टीमें तैनात की गई हैं। रानीपेट (तमिलनाडु) में तैनात NDRF ऑपरेशन्स के डिप्टी कमांडेंट प्रवीण एस. प्रसाद ने स्थिति की जानकारी देते हुए बताया: IMD के मॉनसून के जल्दी आने के पूर्वानुमान और केरल के अनुरोध को देखते हुए, विभिन्न NDRF बटालियनों से आठ टीमें राज्य (केरल) में भेजी गई हैं। इसके अतिरिक्त, 4 टीमें तमिलनाडु में भी तैनात की गई हैं, जो ऊटी, तिरुनेलवेली और कोयंबटूर जैसे संवेदनशील क्षेत्रों को कवर करेंगी। हमने चेन्नई और अंडमान द्वीप समूह में भी टीमें तैनात की हैं।
इस साल मॉनसून का पैटर्न मिला-जुला रहने वाला है- एक तरफ शुरुआत में तेज बारिश का अलर्ट है, तो दूसरी तरफ सीजन के अंत तक अल नीनो के चलते सूखे की भी आशंका जताई गई है। इसी को ध्यान में रखते हुए आपदा प्रबंधन एजेंसियां 'जीरो कैजुअल्टी' अप्रोच के साथ हाई अलर्ट पर काम कर रही हैं।
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