अग्निवीर बनने का सुनहरा मौका, रक्षा मंत्रालय ने भर्ती के लिए उम्र सीमा बढ़ाई
सरकारी सूत्रों ने ऊपरी आयु सीमा में इजाफे के पीछे कोई ठोस कारण नहीं बताया है। लेकिन सूत्रों का कहना है कि मुख्यत: यह फैसला ज्यादा से ज्यादा तकनीकी पेशेवरों को योजना में लाने के लिए किया गया है।

रक्षा मंत्रालय ने करीब चार साल के बाद अग्निपथ योजना में पहला बदलाव किया है। इस योजना के तहत थल सेना, नौसेना और वायुसेना में भर्ती होने वाले अग्निवीरों की आयु सीमा में एक साल की बढ़ोत्तरी की गई है। योजना के तहत तीनों सेनाओं में अग्निवीरों की जो अब नई भर्ती होगी उसमें 22 साल तक की उम्र के नौजवान आवेदन कर सकेंगे। अभी तक यह सीमा 21 साल थी।
रक्षा मंत्रालय के सूत्रों ने बताया कि इससे ज्यादा नौजवानों को योजना में शामिल होने का मौका मिलेगा। जबकि निचली आयु सीमा पहले पहले की भांति 17.5 साल ही रहेगी। योजना के तहत हर साल थल सेना, नौसेना तथा वायुसेना में करीब 50-55 हजार अग्निवीरों की भर्ती होती है जो विभिन्न श्रेणियों में होती है जिसमें तकनीकी और गैर तकनीकी दोनों श्रेणियों के उम्मीदवार शामिल हैं।
सरकारी सूत्रों ने ऊपरी आयु सीमा में इजाफे के पीछे कोई ठोस कारण नहीं बताया है। लेकिन सूत्रों का कहना है कि मुख्यत: यह फैसला ज्यादा से ज्यादा तकनीकी पेशेवरों को योजना में लाने के लिए किया गया है। दरअसल, 12वीं पास होने में कम से कम 17-18 साल लग जाते हैं क्योंकि उम्र का निर्धारण एक जुलाई को होता है। ऐसे में एक जुलाई के बाद जन्म लेने वाला 18 साल की आयु में ही पहली बार आवेदन के योग्य हो पाता है। इसके बाद यदि वह दो या तीन साल का तकनीकी डिप्लोमा करता है उसकी उम्र 21 साल तक पहुंच जाती है।
सूत्रों का कहना है कि तकनीकी आवेदक कम आने की वजह से उम्र सीमा एक साल बढ़ाने का फैसला लिया गया है। दरअसल, तकनीकी पेशेवरों को भर्ती करने से उन्हें कम समय की ट्रेनिंग देने की जरूरत होती है। खासकर वायुसेना, नौसेना और थल सेना के कई ब्रांचों में तकनीकी योग्यता वाले जवानों की ज्यादा जरूरत होती है।
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