
गोवा नाइटक्लब अग्निकांड: लूथरा ब्रदर्स के लिए CBI से ब्लू नोटिस, आखिर ये होता क्या है?
भारत में सीबीआई ही इंटरपोल के साथ सभी संचार की नोडल एजेंसी है। इंटरपोल सात रंगों के नोटिस जारी करता है- लाल, नीला, पीला, काला, हरा, नारंगी और बैंगनी। ब्लू नोटिस सदस्य देशों को किसी संदिग्ध की लोकेशन और गतिविधियों की जानकारी इकट्ठा करने का अधिकार देता है
गोवा पुलिस ने नाइटक्लब अग्निकांड मामले में मुख्य आरोपी तथा क्लब के मालिक सौरभ और गौरव लूथरा के खिलाफ इंटरपोल का 'ब्लू कॉर्नर नोटिस' जारी कर दिया है। गोवा पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि हमने सौरभ और गौरव लूथरा को जल्द से जल्द पकड़ने के लिए सीबीआई के इंटरपोल विंग से समन्वय शुरू कर दिया है। गौरतलब है कि पिछले कुछ वर्षों में सीबीआई के ग्लोबल ऑपरेशंस सेंटर ने 200 से अधिक भगोड़ों का पता लगाया है और 136 को प्रत्यर्पित या निर्वासित कराकर भारत वापस लाया है। लूथरा बंधुओं के मामले में भी यही प्रक्रिया अपनाई जा रही है।
ब्लू नोटिस क्या होता है?
भारत में सीबीआई ही इंटरपोल के साथ सभी संचार की नोडल एजेंसी है। इंटरपोल सात रंगों के नोटिस जारी करता है- लाल, नीला, पीला, काला, हरा, नारंगी और बैंगनी। ब्लू नोटिस सदस्य देशों को किसी संदिग्ध की लोकेशन और गतिविधियों की जानकारी इकट्ठा करने का अधिकार देता है, लेकिन उसकी गिरफ्तारी का अनुरोध नहीं करता। वहीं, रेड नोटिस (जो गिरफ्तारी व प्रत्यर्पण के लिए होता है) तभी जारी हो सकता है जब आरोप-पत्र दाखिल हो जाए और गैर-जमानती वारंट जारी हो।
भारत-थाईलैंड प्रत्यर्पण संधि
भारत और थाईलैंड के बीच 2015 से औपचारिक प्रत्यर्पण संधि है और दोनों देशों के बीच आपराधिक मामलों में सहयोग काफी मजबूत रहा है। पिछले दस साल में बैंकॉक से कई भारतीय भगोड़े भारत लाए जा चुके हैं। इसलिए जांच अधिकारियों को पूरा भरोसा है कि लूथरा भाइयों को भी शीघ्र वापस लाया जाएगा। गोवा कोर्ट से गिरफ्तारी वारंट लेने और उसे विदेश मंत्रालय के जरिए थाई अधिकारियों तक पहुंचाने की प्रक्रिया भी साथ-साथ चल रही है।
वहीं, नाम न छापने की शर्त पर एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि लूथरा भाइयों के खिलाफ वारंट जल्द ही जारी हो जाएगा। सीबीआई का ग्लोबल ऑपरेशंस सेंटर और अन्य केंद्रीय एजेंसियां उनकी सटीक लोकेशन ट्रेस कर रही हैं। हमारे थाई समकक्ष पहले से संपर्क में हैं और फुकेत में उन्हें पकड़ने के प्रयास जारी हैं। हमें पूरा यकीन है कि वे जल्द भारत लाए जाएंगे।
लूथरा भाई कैसे भागे?
पुलिस के अनुसार, दोनों भाई रविवार तड़के करीब 5:30 बजे इंडिगो की फ्लाइट से फुकेत के लिए रवाना हो गए थे, यानी आग की घटना के महज छह घंटे बाद और गोवा पुलिस के उनकी उत्तर दिल्ली वाली कोठी पर पहुंचने से पहले ही। सोमवार तक पुष्टि हो चुकी थी कि वे थाईलैंड पहुंच चुके हैं।
क्या है पूरा मामला
शनिवार रात करीब 11:45 बजे 'बर्च बाय रोमियो लेन' में आग लगी थी, जिसमें करीब 300 वर्ग मीटर का क्लब जलकर राख हो गया। 25 मृतकों में 20 क्लब कर्मचारी थे, जबकि 5 पर्यटक थे। इनमें दिल्ली का एक पूरा परिवार ( चार सदस्य) शामिल था। रविवार सुबह दर्ज एफआईआर में सौरभ-गौरव लूथरा सहित अन्य लोगों पर भारतीय न्याय संहिता की संबंधित धाराओं के तहत गैर-इरादतन हत्या, जीवन को खतरे में डालना और ज्वलनशील पदार्थों के साथ लापरवाही बरतने के आरोप लगाए गए हैं।





