
क्लब पर चला बुलडोज़र, ब्लू कॉर्नर नोटिस जारी; भगोड़े लूथरा बंधुओं पर एजेंसियों ने यूं कसी नकेल
गोवा CMO के अनुसार, इंटरपोल ने सौरभ और गौरव लूथरा के खिलाफ ब्लू कॉर्नर नोटिस जारी किया है। मुख्यमंत्री सावंत ने उत्तरी गोवा जिला प्रशासन को सभी औपचारिकताएं पूरी करने और वागाटोर में समुद्र तट पर बनी शैक को ध्वस्त करने का निर्देश दिया है।
गोवा के मुख्यमंत्री प्रमोद सावंत के सख्त आदेश पर मंगलवार को अधिकारियों ने आग से तबाह हुए नाइट क्लब के भगोड़े मालिकों - सौरभ और गौरव लूथरा के दूसरे क्लब वागाटोर समुद्र तट स्थित ‘रोमियो लेन’ के अवैध ‘शैक’ (झोपड़ी) को ध्वस्त कर दिया है। यह उनके अरपोरा नाइट क्लब बर्च बाय रोमियो लेन में लगी भयानक आग के बाद एक और बड़ी कार्रवाई है। पिछले दिनों लूथरा बंधुओं के नाइट क्लब में हुई आगजनी में 25 लोग मारे गए थे और कई अन्य झुलस गए थे। इस हादसे के कुछ ही घंटों बाद दोनों भाई थाईलैंड फरार हो गए थे।
गोवा के मुख्यमंत्री कार्यालय (सीएमओ) के अनुसार, इंटरपोल ने सौरभ और गौरव लूथरा के खिलाफ ब्लू कॉर्नर नोटिस जारी किया है। सीएमओ के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि मुख्यमंत्री सावंत ने उत्तरी गोवा जिला प्रशासन को सभी औपचारिकताएं पूरी करने और वागाटोर में समुद्र तट पर बनी शैक को ध्वस्त करने का निर्देश दिया था। अधिकारी ने कहा, ‘‘यह शैक सरकारी जमीन पर अवैध रूप से बनाई गई थी।"
दिल्ली में घर पर लुकआउट नोटिस चस्पा
इस बीच, गोवा पुलिस ने दिल्ली के मुखर्जी नगर में लुथरा के घर पर लुकआउट नोटिस चिपका दिया है और लोकल पुलिस स्टेशन को अलर्ट कर दिया है। एक पुलिस टीम उनके घर भी गई, जहाँ परिवार के सदस्य मीडिया से बातचीत करने से बचते दिखे। सूत्रों ने बताया कि गोवा सरकार ने वागाटोर और दूसरे तटीय इलाकों में लूथरा भाइयों द्वारा चलाए जा रहे अन्य सभी क्लब और कैफ़े गिराने का भी फ़ैसला किया है। उम्मीद है कि जैसे-जैसे प्रशासन कार्रवाई तेज़ करेगा, पंचायतें जल्द ही नए नोटिस जारी करेंगी।
सरकारी ज़मीन पर गैर-कानूनी तरीके से बना है क्लब
CM का यह आदेश तब आया है जब इस बात के सबूत सामने आए कि लूथरा का चलाया जा रहा एक और क्लब, जो एक पहाड़ी पर है और वागाटोर बीच तक फैला हुआ है, सरकारी ज़मीन पर गैर-कानूनी तरीके से बनाया गया था, जिसके लिए कोई फ़ायर सेफ़्टी मंज़ूरी, स्ट्रक्चरल परमिशन या एनवायरनमेंटल मंज़ूरी नहीं ली गई थी। डॉक्युमेंट्स और गवाहों के हवाले से इंडिया टुडे की रिपोर्ट में कहा गया है कि यह स्ट्रक्चर टाइड लाइन के बहुत करीब है, और हाई टाइड के दौरान लहरें इसके लॉफ़्ट तक पहुँचा करती हैं। एक्टिविस्ट्स और अन्य सोगों ने अरपोरा में आग लगने से बहुत पहले ही इसे “टिक-टिक करता टाइम बम” कहा था।





