चूहे के बिल की तरह कश्मीर में घुसेड़ दिया, पत्थरबाजी की घटनाओं पर क्या बोले गिरिराज सिंह
जेएनयू में वामपंथी समूहों और एबीवीपी कार्यकर्ताओं के बीच झड़प पर बोलते हुए गिरिराज सिंह ने आरोप लगाया, ‘जेएनयू में वामपंथी विचारधारा नहीं मानने वाले छात्रों को पीटा जाता है। कल भी ऐसा ही हुआ, जहां गैर-वामपंथी छात्रों पर हमला किया गया।’

केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने दिल्ली में सोमवार को बड़ा बयान दिया। उन्होंने कहा कि यूपीए सरकार के दौरान देश के विभिन्न हिस्सों में बम विस्फोट होते रहते थे, लेकिन अब स्थिति पूरी तरह बदल गई है। अब चूहे के बिल की तरह कश्मीर में घुसेड़ दिया है। उन्होंने दावा किया कि अब पथराव की घटनाएं समाप्त हो गई हैं और उग्रवादियों को समाप्त किया जा रहा है। देश में गलत काम करने वाले तत्वों को अब पकड़ा जा रहा है और सख्त कार्रवाई की जा रही है। गिरिराज ने मोदी सरकार की नीतियों की सराहना करते हुए कहा कि सुरक्षा व्यवस्था में सुधार के कारण आतंकवाद और अशांति पर लगाम लगी है।
जेएनयू में वामपंथी समूहों और एबीवीपी कार्यकर्ताओं के बीच झड़प पर बोलते हुए गिरिराज सिंह ने आरोप लगाया कि जेएनयू में वामपंथी विचारधारा नहीं मानने वाले छात्रों को पीटा जाता है। उन्होंने कहा कि कल भी ऐसा ही हुआ, जहां गैर-वामपंथी छात्रों पर हमला किया गया। सिंह ने मांग की कि ऐसे लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए ताकि विश्वविद्यालय में शांति और पढ़ाई का माहौल बना रहे। उन्होंने इस घटना को वामपंथी ताकतों की असहिष्णुता का उदाहरण बताया।
जेएनयू में किस बात पर बवाल
जेएनयू कैंपस में रविवार देर रात विरोध मार्च के दौरान वामपंथी और दक्षिणपंथी रुझान वाले दो छात्र संगठनों के बीच हिंसक झड़प में कई छात्र घायल हो गए। दोनों समूहों ने हिंसा के लिए एक-दूसरे को जिम्मेदार ठहराया। वहीं, विश्वविद्यालय प्रशासन ने परिसर में किसी भी तरह के अराजक व्यवहार के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने की चेतावनी दी। JNU परिसर में सोमवार देर रात करीब 1:30 बजे कुलपति के खिलाफ प्रदर्शन के हिंसक रूप अख्तियार करने के बाद स्थिति तनावपूर्ण हो गई। वामपंथी रुझान वाले जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय छात्र संघ (JNUSU) ने कुलपति शांतिश्री धुलिपुडी पंडित के इस्तीफे और एक निष्कासन आदेश को रद्द करने की मांग को लेकर रविवार रात को पूर्वी गेट की ओर समता जुलूस निकालने का आह्वान किया था।
प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि प्रशासन ने मार्च में शामिल छात्रों से संवाद के बजाय अखिल भारतीय विद्यार्थी (ABVP) के सदस्यों को उनसे भिड़ने दिया। हालांकि, एबीवीपी ने आरोपों को खारिज किया और वाम समर्थित संगठनों पर झड़पों को भड़काने तथा घटना के बारे में गलत सूचना फैलाने का आरोप लगाया। कुलपति पंडित ने हाल ही में एक साक्षात्कार में कहा था कि समुदाय लगातार पीड़ित बने रहकर या पीड़ित होने का नाटक करके प्रगति नहीं कर सकते, जिसे लेकर विवाद खड़ा हो गया। जेएनयूएसयू ने पंडित की टिप्पणियों को जातिवादी और हाशिये पर पड़े समुदायों के प्रति असंवेदनशील बताया है।
लेखक के बारे में
Niteesh Kumarपत्रकार नीतीश कुमार 8 साल से अधिक समय से मीडिया इंडस्ट्री में एक्टिव हैं। जनसत्ता डिजिटल से बतौर कंटेंट प्रोड्यूसर शुरुआत हुई। लाइव हिन्दुस्तान से जुड़ने से पहले टीवी9 भारतवर्ष और दैनिक भास्कर डिजिटल में भी काम कर चुके हैं। पत्रकार नीतीश कुमार को खबरें लिखने के साथ ग्राउंड रिपोर्टिंग का शौक है। लाइव हिन्दुस्तान यूट्यूब चैनल के लिए लोकसभा चुनाव 2024, दिल्ली विधानसभा चुनाव 2025 और बिहार विधानसभा चुनाव 2025 की कवरेज कर चुके हैं। फिलहाल लाइव हिन्दुस्तान के लिए नेशनल और इंटरनेशनल सेक्शन की खबरें लिखते हैं। पत्रकार नीतीश कुमार को ब्रेकिंग न्यूज लिखने के साथ खबरों का गहराई से विश्लेषण करना पसंद है। राजनीति से जुड़ी खबरों पर मजबूत पकड़ और समझ रखते हैं। समसामयिक राजनीतिक मुद्दों पर कई सारे लंबे लेख लिख चुके हैं। पत्रकार नीतीश कुमार ने पत्रकारिता का पढ़ाई IIMC, दिल्ली (2016-17 बैच) से हुई। इससे पहले दिल्ली यूनिवर्सिटी के महाराजा अग्रसेन कॉलेज से पत्रकारिता में ग्रेजुएशन किया। पत्रकार नीतीश कुमार मूल रूप से उत्तर प्रदेश के मऊ जिले के रहने वाले हैं। राजनीति, खेल के साथ सिनेमा में भी दिलचस्पी रखते हैं। फिल्में देखना और रिव्यू करना व उन पर चर्चा करना हॉबी है।
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