
जर्मन चांसलर मर्ज पहली आधिकारिक यात्रा पर आए अहमदाबाद, भारत-EU सम्मेलन से पहले अहम दौरा
पीएम मोदी और चांसलर मर्ज अहमदाबाद में मिलेंगे, जहां वे सुबह 9:30 बजे साबरमती आश्रम जाएंगे और उसके बाद साबरमती रिवरफ्रंट पर अंतरराष्ट्रीय पतंग महोत्सव में भाग लेंगे। यह यात्रा सांस्कृतिक और ऐतिहासिक संबंधों को भी दर्शाती है।
जर्मन चांसलर फ्रेडरिक मर्ज सोमवार को अपनी पहली आधिकारिक यात्रा पर भारत पहुंचे। वे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के निमंत्रण पर दो दिवसीय दौरे पर आए हैं। अहमदाबाद के सरदार वल्लभभाई पटेल अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर उनकी अगवानी हुई। इस यात्रा का मुख्य उद्देश्य भारत-जर्मनी रणनीतिक साझेदारी को और मजबूत करना है, जो हाल ही में 25 वर्ष पूरे कर चुकी है। दोनों नेता अहमदाबाद में मिलेंगे, जहां वे सुबह 9:30 बजे साबरमती आश्रम जाएंगे और उसके बाद साबरमती रिवरफ्रंट पर अंतरराष्ट्रीय पतंग महोत्सव में भाग लेंगे। यह यात्रा सांस्कृतिक और ऐतिहासिक संबंधों को भी दर्शाती है।
दोपहर 11:15 बजे महात्मा मंदिर, गांधीनगर में दोनों नेताओं के बीच द्विपक्षीय वार्ता होगी। इन चर्चाओं का मुख्य फोकस व्यापार और निवेश, रक्षा व सुरक्षा, प्रौद्योगिकी, शिक्षा, स्किलिंग, मोबिलिटी, विज्ञान, नवाचार, हरित एवं सतत विकास और लोगों के बीच संबंधों को बढ़ावा देने पर रहेगा। दोनों देशों के बीच उच्च-स्तरीय संपर्क नियमित रूप से हो रहे हैं। पिछली बार दोनों नेता कनाडा में G7 शिखर सम्मेलन के दौरान मिले थे, जहां उन्होंने साझेदारी को विस्तार देने पर सहमति जताई थी और पीएम मोदी ने मेर्ज़ को भारत आने का निमंत्रण दिया था।
जर्मन प्रतिनिधिमंडल में बड़ी कंपनियों के CEO
यह दौरा 27 जनवरी को होने वाले भारत-यूरोपीय संघ शिखर सम्मेलन से पहले अहम है। जर्मन प्रतिनिधिमंडल में कई बड़ी कंपनियों के सीईओ भी शामिल हैं। यह यात्रा भारत और जर्मनी के बीच आर्थिक, रणनीतिक और वैश्विक मुद्दों पर सहयोग को नई ऊंचाई देने का अवसर है। दोनों पक्ष क्षेत्रीय व वैश्विक महत्व के मुद्दों पर विचार-विमर्श करेंगे और उद्योगपतियों के साथ बातचीत करेंगे। रक्षा क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने, कुशल श्रमिकों की भागीदारी और तकनीकी साझेदारी पर विशेष जोर रहेगा। जर्मन राजदूत फिलिप एकरमैन ने कहा कि भारत जर्मनी की विदेश नीति में अहम स्थान रखता है।





