देश के 78 रणबांकुरों को वीरता पुरस्कार का ऐलान, नौ को कीर्ति चक्र; 19 को शौर्य चक्र: देखें लिस्ट

लाइव हिन्दुस्तान, नई दिल्ली
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राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने शुक्रवार को 80वें स्वतंत्रता दिवस की पूर्व संध्या पर रक्षा बलों और केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों के कर्मियों के लिए 78 वीरता पुरस्कारों को मंजूरी दी, जिनमें 13 मरणोपरांत दिए जाएंगे।

Gallantry awards
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों के कर्मियों के लिए 78 वीरता पुरस्कारों को मंजूरी दी है।

स्वतंत्रता दिवस की पूर्व संध्या पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने मातृ भूमि की रक्षा में अपना सर्वस्व लगाने वाले रक्षा बलों और केन्द्रीय सशस्त्र पुलिस बलों के जवानों को वीरता पुरस्कार देने की मंजूरी दे दी है। इस बार 78 रणबांकुरों को वीरता पुरस्कारों से सम्मानित किया जाएगा, जिनमें से 13 को यह सम्मान मरणोपरांत दिया जा रहा है। रक्षा मंत्रालय ने बताया कि राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने स्वतंत्रता दिवस की पूर्व संध्या पर शुक्रवार को इन वीरता पुरस्कारों को मंजूरी दी। वीरता पुरस्कारों में 9 कीर्ति चक्र और 19 शौर्य चक्र शामिल हैं।

इसके अलावा एक शौर्य चक्र बार, पांच सेना पदक बार (वीरता), 36 सेना पदक (वीरता), तीन नौ सेना पदक (वीरता) और पांच वायु सेना पदक (वीरता) को भी मंजूरी दी गयी है। कीर्ति चक्र पाने वाले रणबांकुरों में से सात को यह सम्मान मरणोपरांत दिया जा रहा है। कीर्ति चक्र, अशोक चक्र के बाद भारत का शांति के समय दिया जाने वाला दूसरा सबसे बड़ा वीरता पुरस्कार है, जबकि शौर्य चक्र शांति के समय दिया जाने वाला तीसरा सबसे बड़ा वीरता पुरस्कार है।

9 कीर्ति चक्र विजेताओं के नाम

कीर्ति चक्र पाने वाले वीरों में सेना के लेफ्टिनेंट कर्नल मानियो फ्रांसिस, सेना के मेजर जितेंद्र राठी, सेना के हवलदार गजेंद्र सिंह (मरणोपरांत), गृह मंत्रालय के जगबीर सिंह, हेड कांस्टेबल (मरणोपरांत), जसवंत सिंह, कांस्टेबल (मरणोपरांत), बलविंदर सिंह, कांस्टेबल (मरणोपरांत), तारिक हुसैन कांस्टेबल (मरणोपरांत), बशीर अहमद, हेड कांस्टेबल (मरणोपरांत) और सुनील कुमार, इंस्पेक्टर (मरणोपरांत) शामिल हैं।

मेजर आदित्य प्रताप सिंह को शौर्य चक्र 'बार'

इनके अलावा सेना के राजपुताना रायफल के मेजर आदित्य प्रताप सिंह को शौर्य चक्र बार से सम्मानित किया जायेगा। वह फिलहाल 44 असम राइफल्स में तैनात हैं। उनके नाम के साथ सेना मेडल भी दर्ज है। इससे पहले जून 2026 में उन्हें भारत-म्यांमार सीमा पर उग्रवादियों के विरुद्ध चलाए गए एक साहसिक अभियान के दौरान अद्वितीय वीरता दिखाने के लिए शौर्य चक्र मिल चुका है।

किन-किन को शौर्य चक्र सम्मान

शौर्य चक्र से सम्मानित किये जाने वाले 19 रणबांकुरों में सेना के मेजर परमवीर, सेना के मेजर तरुण वासुदेवन, सेना के मेजर केशव कुमार, सेना के मेजर गौरव सिंह बृजवाल, सेना के मेजर विपीन कुमार, सेना के नायब सूबेदार शंकर राम, सेना के नायब सूबेदार डब्बल सिंह बिष्ट, सेना के हवलदार जगत्तर सिंह, सेना के लांस नायक नरेंद्र सिंधु, सेना के लांस नायक कपिल देव, सेना के सिपाही जसविंदर सिंह, नौसेना के लेफ्टिनेंट कमांडर शिवम कुमार, वायु सेना के स्क्वाड्रन लीडर सुधीर कुमार, गृह मंत्रालय के सर्वश्री धीरज सिंह कटोच, पुलिस उपाधीक्षक , अजय सिंह चिब, इंस्पेक्टर , सुखवीर सिंह, पुलिस उपाधीक्षक , नियाज अहमद, असिस्टेंट सब-इंस्पेक्टर , अंजनी कुमार, डिप्टी कमांडेंट और दीपक साह, कांस्टेबल शामिल हैं।

वीरता पुरस्कारों की लिस्ट

9 को कीर्ति चक्र, इनमें 7 को मरणोपरांत

1 को शौर्य चक्र के लिए बार

19 को शौर्य चक्र, इनमें 1 को मरणोपरांत

36 को सेना मेडल (वीरता), इनमें 5 को मरणोपरांत, इनमें 5 बार

3 को नौसेना मेडल (वीरता)

5 को वायु सेना मेडल (वीरता)

वीरता पुरस्कारों में 'बार' शब्द का क्या मतलब

वीरता पुरस्कारों में 'बार' का मतलब उस स्थिति से है जब किसी चक्र या पदक (जैसे वीर चक्र, महावीर चक्र आदि) से पहले ही सम्मानित व्यक्ति द्वारा दोबारा कोई ऐसा वीरतापूर्ण कार्य किया जाता है, जो उसी पुरस्कार के योग्य हो। ऐसे दूसरे या बाद के वीरता के कार्यों को दर्ज करने के लिए उस पदक के मूल रिबन पर एक धातु की छोटी पट्टी या 'बार' जोड़ दी जाती है। मान लीजिए किसी सेना के जवान को शौर्य चक्र मिला। बाद में उसने फिर असाधारण वीरता दिखाई, जिसके लिए उसे दोबारा शौर्य चक्र दिए जाने की पात्रता बनती है। ऐसे में उसे दूसरा शौर्य चक्र देने के बजाय मूल शौर्य चक्र के साथ एक ‘बार’ दिया जाता है।

Pramod Praveen

लेखक के बारे में

Pramod Praveen

प्रमोद कुमार प्रवीण देश-विदेश की समसामयिक घटनाओं और राजनीतिक हलचलों पर चिंतन-मंथन करने वाले और पैनी पकड़ रखने वाले हैं। ईटीवी से पत्रकारिता में करियर की शुरुआत की। कुल करीब दो दशक का इलेक्ट्रॉनिक, प्रिंट और डिजिटल मीडिया में काम करने का अनुभव रखते हैं। संप्रति लाइव हिन्दुस्तान में विगत तीन से ज्यादा वर्षों से समाचार संपादक के तौर पर कार्यरत हैं और अमूमन सांध्यकालीन पारी में बहुआयामी पत्रकारीय भूमिका का निर्वहन कर रहे हैं। हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप से पहले NDTV, जनसत्ता, ईटीवी, इंडिया न्यूज, फोकस न्यूज, साधना न्यूज और ईटीवी में कार्य करने का अनुभव है। कई संस्थानों में सियासी किस्सों का स्तंभकार और लेखक रहे हैं। विश्वविद्यालय स्तर से लेकर कई अकादमिक, शैक्षणिक और सामाजिक संगठनों द्वारा विभिन्न मंचों पर अकादमिक और पत्रकारिता में उल्लेखनीय योगदान के लिए सम्मानित भी हुए हैं। रुचियों में फिल्में देखना और पढ़ना-पढ़ाना पसंद, सामाजिक और जनसरोकार के कार्यों में भी रुचि है।

अकादमिक योग्यता: भूगोल में जलवायु परिवर्तन जैसे गंभीर और संवेदनशील विषय पर पीएचडी उपाधिधारक हैं। इसके साथ ही पत्रकारिता एवं जनसंचार में स्नातकोत्तर भी हैं। पीएचडी शोध का विषय- 'मध्य गंगा घाटी में जलवायु परिवर्तन-एक भौगोलिक अध्ययन' रहा है। शोध के दौरान करीब दर्जन भर राष्ट्रीय और अंततराष्ट्रीय सम्मेलनों में शोध पत्र पढ़ने और प्रस्तुत करने का अनुभव है। भारतीय विज्ञान कांग्रेस में भी शोध पोस्टर प्रदर्शनी का चयन हो चुका है। शोध पर आधारित एक पुस्तक के लेखक हैं। पुस्तक का नाम 'मध्य गंगा घाटी में जलवायु परिवर्तन' है। पत्रकारिता में आने से पहले महाविद्यालय स्तर पर शिक्षण कार्य भी कर चुके हैं।

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