वायरल दावे वाली गलगोटिया यूनिवर्सिटी की प्रोफेसर ने बताया कहां हुई गलती, दिलचस्प सफाई दी

Feb 18, 2026 04:54 pm ISTSurya Prakash लाइव हिन्दुस्तान, नई दिल्ली
share

प्रोफेसर नेहा सिंह खुद सामने आई हैं और कहा कि मेरी मंशा गलत नहीं थी। नेहा सिंह ने कहा कि हमने यह दावा ही नहीं किया था। नेहा सिंह ने कहा कि शायद हमसे अपनी बात कहने में चूक हुई और उसे गलत ढंग से समझा गया। प्रोफेसर नेहा सिंह ने यह भी स्वीकार किया कि उन्हें अपनी बात और सही से रखी चाहिए थी।

वायरल दावे वाली गलगोटिया यूनिवर्सिटी की प्रोफेसर ने बताया कहां हुई गलती, दिलचस्प सफाई दी

चीन में बने रोबोट डॉग को तैयार करने का दावा किए जाने पर छिड़े विवाद को लेकर अब गलगोटिया यूनिवर्सिटी की प्रोफेसर नेहा सिंह ने सफाई दी है। उनका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया था, जिसके बाद सवाल उठे थे। कई लोगों ने यह जानकारी दी थी कि यह रोबोट डॉग तो चीन में तैयार हुआ था, उस पर गलगोटिया यूनिवर्सिटी का दावा फर्जी है कि यह उनका आविष्कार है। अब इसे लेकर प्रोफेसर नेहा सिंह खुद सामने आई हैं और कहा कि मेरी मंशा गलत नहीं थी। नेहा सिंह ने कहा कि हमने यह दावा ही नहीं किया था, जैसा बताया जा रहा है। नेहा सिंह ने कहा कि शायद हमसे अपनी बात कहने में चूक हुई और उसे गलत ढंग से समझा गया। इस मामले में विवाद इतना बढ़ा कि यूनिवर्सिटी को AI समिट से ही बाहर कर दिया गया था।

प्यार से लेकर प्रमोशन तक 2026 का पूरा हाल जानें ✨अभी पढ़ें

प्रोफेसर नेहा सिंह ने हिन्दुस्तान टाइम्स से बातचीत में यह भी स्वीकार किया कि उन्हें अपनी बात और सही से रखी चाहिए थी। यदि वह ऐसा करतीं तो किसी को कोई गलतफहमी नहीं हुई होती। नेहा सिंह ने कहा कि AI समिट 2026 में लोग काफी उत्साहित थे। आसपास काफी शोर-शराबा था और इसी दौरान उनसे मीडिया की बातचीत हुई। इसी के चलते शायद कुछ मिस-कॉम्युनिकेशन हुआ। नेहा सिंह ने कहा कि जल्दबाजी में ऐसा हुआ है। उन्होंने कहा कि मशीन को तैयार करने का दावा उनकी ओर से नहीं किया गया था। नेहा सिंह ने कहा कि हमने जो बात कही, उसमें कहीं भी हमारी मंशा उसे तैयार करने का दावा करने की नहीं थी, लेकिन हमें गलत समझा गया।

नेहा सिंह ने कहा, 'मुझे शायद और ज्यादा स्पष्टता से बात रखनी थी। वहां काफी शोर-शराबा था। ऐसी स्थिति में कुछ गलती हो गई। हमारी ऐसी कोई मंशा नहीं थी। हमने रोबोट की ब्रांडिंग में भी कोई बदलाव नहीं किया।' उन्होंने कहा कि मुझे दुख है कि मैंने जो कहा था, वह अलग बात थी और उसे दूसरे ढंग से लिया गया। इस दौरान नेहा सिंह ने साफ कहा कि हमने इसे तैयार नहीं किया है। उन्होंने कहा कि यह हमारी यूनिवर्सिटी की ओर से AI इन्वेस्टमेंट के तहत खरीदा गया। इसका उद्देश्य यह था कि इसे यूनिवर्सिटी की लैब में रखा जाए ताकि वहां बच्चे इसके बारे में समझें और अध्ययन कर सकें। हमने इसे लेकर ऐसा कोई दावा नहीं किया था कि इसे हमारी ओर से तैयार किया गया है।

वीडियो में ऐसा क्या दावा था, जिस पर खूब ट्रोल हुई यूनिवर्सिटी

दरअसल यह पूरा विवाद एक शॉर्ट वीडियो क्लिप से शुरू हुआ था। इस वीडियो में नेहा सिंह को यह कहते हुए सुना जा सकता है कि ओरियन नाम के रोबोट डॉग को गलगोटिया यूनिवर्सिटी के सेंटर ऑफ एक्सीलेंस की ओर से तैयार किया गया है। लेकिन जब यूजर्स ने इसकी पड़ताल की तो पोल खुल गई। यूजर्स ने दावा किया कि इस रोबोट डॉग को तो चीनी कंपनी Unitree Robotics ने तैयार किया है। अब नेहा सिंह ने इस दावे को लेकर ही सफाई दी है। उन्होंने कहा कि हम ऐसी किसी चीज को लेकर दावा नहीं कर सकते, जिसे हमने तैयार नहीं किया है। उसमें हमारे छात्रों का कोई योगदान नहीं है। यह हमारी नैतिकता और वैल्यू सिस्टम नहीं है कि हम किसी और के आविष्कार को अपना बताएं।

Developed शब्द पर मचे बवाल पर क्या कहा

उन्होंने कहा कि मैंने जब इसके बारे में बताते हुए 'developed' शब्द का प्रयोग किया तो उसका अर्थ यह था कि इसके बारे में हम जानेंगे और समझेंगे। छात्रों को इससे एक्सपेरिमेंट करने का मौका मिलेगा। उन्होंने कहा कि हमारे समझाने में शायद गलती हुई है। यह ऐसी बात थी कि हम जिसे 6 बता रहे हैं, वह किसी और के लिए 9 जैसा दिख रहा है। इससे ज्यादा कुछ नहीं है।

Surya Prakash

लेखक के बारे में

Surya Prakash

दुनियादारी में रुचि पत्रकारिता की ओर खींच लाई। समकालीन राजनीति पर लिखने के अलावा सामरिक मामलों, रणनीतिक संचार और सभ्यतागत प्रश्नों के अध्ययन में रुचि रखते हैं। मूल रूप से उत्तर प्रदेश के रायबरेली के रहने वाले सूर्यप्रकाश को पत्रकारिता जगत में करीब डेढ़ दशक का अनुभव है। 10 वर्षों से ज्यादा समय से डिजिटल मीडिया में कार्यरत हैं। लाइव हिन्दुस्तान के लिए राष्ट्रीय, अंतरराष्ट्रीय एवं राज्यों से संबंधित खबरों का संपादन करते हैं एवं डेस्क इंचार्ज के तौर पर भी जिम्मेदारी संभाल रहे हैं। समाचारों के त्वरित प्रकाशन से लेकर विस्तृत अध्ययन के साथ एक्सप्लेनर आदि में भी रुचि रखते हैं। ब्रेकिंग न्यूज प्रकाशित करने और खबरों के अंदर की खबर को विस्तार से समझाने में रुचि रखते हैं। हिंदी भाषा की डिजिटल पत्रकारिता के नए आयामों को समझते हैं और उसके अनुसार ही पाठकों को खबरें देने के लिए तत्परता रखते हैं।


अकादमिक योग्यता: एक तरफ डेढ़ दशक का सक्रिय पत्रकारिता करियर रहा है तो वहीं दूसरी तरफ सूर्यप्रकाश अकादमिक अध्ययन में भी गहरी दिलचस्पी रखते रहे हैं। पत्रकारिता में ही ग्रैजुएशन और मास्टर्स की पढ़ाई के साथ ही 'हाइब्रिड वारफेयर में मीडिया के इस्तेमाल' जैसे महत्वपूर्ण एवं उभरते विषय पर पीएचडी शोध कार्य भी किया है। पत्रकारिता, समाज, साहित्य में रुचि के अलावा वारफेयर में मीडिया के प्रयोग पर भी गहरा अध्ययन किया है। इसी कारण डिफेंस स्टडीज जैसे गूढ़ विषय में भी वह रुचि रखते हैं। इस प्रकार सूर्यप्रकाश का एक लंबा पेशेवर अनुभव रहा है तो वहीं गहरी अकादमिक समझ भी रही है।


राष्ट्रीय, अंतरराष्ट्रीय महत्व के समाचारों में गहरी दिलचस्पी रखते हैं तो वहीं नैरेटिव वारफेयर के बारे में भी गहरा अध्ययन है। खबरों के अंदर की खबर क्या है और किसी भी समाचार के मायने क्या हैं? ऐसी जरूरी चीजों को पाठकों तक पहुंचाने में भी रुचि रखते हैं। लाइव हिन्दुस्तान में बीते 5 सालों से जुड़े हैं और गुणवत्तापूर्ण समाचार देने की मुहिम को बल प्रदान किया है। सूर्यप्रकाश को पाठकों की पसंद को समझने और उसके अनुसार समाचारों के प्रस्तुतिकरण में भी महारत हासिल है। कठिन विषयों को सरल शब्दों में पाठकों तक पहुंचाने की रुचि है और इसी कारण एक्सप्लेनर आदि भी लिखते हैं।

और पढ़ें
इंडिया न्यूज़ , विधानसभा चुनाव और आज का मौसम से जुड़ी ताजा खबरें हिंदी में | लेटेस्ट Hindi News, बॉलीवुड न्यूज , बिजनेस न्यूज , क्रिकेट न्यूज पढ़ने के लिए Live Hindustan App डाउनलोड करें।