Hindi NewsIndia NewsGaganyaan mission ISRO conducts important test on main parachutes
गगनयान पर इसरो ने दे दी खुशखबरी, मिशन के लिए कितना अहम है यह एक्सपेरिमेंट

गगनयान पर इसरो ने दे दी खुशखबरी, मिशन के लिए कितना अहम है यह एक्सपेरिमेंट

संक्षेप: भारतीय अंतरिक्ष एजेंसी (इसरो) ने मंगलवार को कहा कि उसने गगनयान क्रू मॉड्यूल के लिए मुख्य पैराशूट का एक महत्वपूर्ण परीक्षण सफलतापूर्वक कर लिया है। भारत के पहले मानवयुक्त अंतरिक्ष मिशन को गगनयान कहा जाता है।

Tue, 11 Nov 2025 09:19 PMDeepak वार्ता, चेन्नई
share Share
Follow Us on

भारतीय अंतरिक्ष एजेंसी (इसरो) ने मंगलवार को कहा कि उसने गगनयान क्रू मॉड्यूल के लिए मुख्य पैराशूट का एक महत्वपूर्ण परीक्षण सफलतापूर्वक कर लिया है। भारत के पहले मानवयुक्त अंतरिक्ष मिशन को गगनयान कहा जाता है। भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) ने कहा कि तीन नवंबर, 2025 को पैराशूट परीक्षण का आयोजन किया गया जो गगनयान मिशन में पैराशूट प्रणाली की अहर्ता के लिए एकीकृत मुख्य पैराशूट एयरड्रॉप टेस्ट (आईएमएटी) की चल रही श्रृंखला का हिस्सा है। गगनयान क्रू मॉड्यूल के लिए पैराशूट प्रणाली में चार प्रकार के कुल 10 पैराशूट शामिल हैं।

LiveHindustan को अपना पसंदीदा Google न्यूज़ सोर्स बनाएं – यहां क्लिक करें।

इसरो ने कहा कि इस प्रणाली को अतिरिक्त पैराशूट के साथ डिजाइन किया गया है और तीन मुख्य पैराशूटों में से दो सुरक्षित लैंडिंग के लिए पर्याप्त हैं। गगनयान मिशन के मुख्य पैराशूट चरणबद्ध प्रक्रिया में तैनात होते हैं जिसे रीफ्ड इन्फ्लेशन कहा जाता है। इस प्रक्रिया में, पैराशूट पहले आंशिक रूप से खुलता है, जिसे रीफिंग कहते हैं और फिर एक निश्चित समय के बाद पूरी तरह से खुलता है, जिसे डिसरीफिंग कहते हैं। इस प्रक्रिया में पायरो उपकरण का उपयोग किया जाता है। इस परीक्षण में, दो मुख्य पैराशूटों के बीच डिसरीफिंग की संभावित चरम परिस्थितियों में से एक का सफलतापूर्वक प्रदर्शन किया गया, जिससे अधिकतम डिजाइन के लिए मुख्य पैराशूटों की वैधता साबित हुई।

इस परीक्षण का सफल समापन पैराशूट प्रणाली को मानव अंतरिक्ष उड़ान के योग्य बनाने की दिशा में एक और महत्वपूर्ण कदम है, जिसमें विक्रम साराभाई अंतरिक्ष केंद्र (वीएसएससी), इसरो, हवाई वितरण अनुसंधान एवं विकास प्रतिष्ठान (एडीआरडीई), रक्षा अनुसंधान विकास संगठन (डीआरडीओ), भारतीय वायु सेना और भारतीय सेना की सक्रिय भागीदारी शामिल है।जिसमें विक्रम साराभाई अंतरिक्ष केंद्र (वीएसएससी), इसरो, हवाई वितरण अनुसंधान एवं विकास प्रतिष्ठान (एडीआरडीई), रक्षा अनुसंधान विकास संगठन (डीआरडीओ), भारतीय वायु सेना और भारतीय सेना की सक्रिय भागीदारी शामिल है।

Deepak

लेखक के बारे में

Deepak
दीपक मिश्र मीडिया इंडस्ट्री में करीब 18 साल का अनुभव रखते हैं। खेल, सिनेमा और राजनीति पर प्रमुखता से काम किया है। खासतौर पर खेल की खबरों से जुनून की हद तक मोहब्बत है। 2011 में वनडे क्रिकेट वर्ल्ड कप और 2014 में फीफा फुटबॉल वर्ल्ड कप प्रमुखता से कवर कर चुके हैं। फोटोग्राफी और वीडियो स्टोरी के साथ-साथ पॉडकास्ट में विशेष रुचि रखते हैं। पूर्वांचल विश्वविद्यालय जौनपुर से मास्टर ऑफ मास कम्यूनिकेशन की पढ़ाई के बाद आज अखबार के साथ पत्रकारिता की शुरुआत। इसके बाद दैनिक जागरण-आई नेक्स्ट और पत्रिका अखबार में काम किया। लाइव हिन्दुस्तान में चीफ कंटेंट प्रोड्यूसर के तौर पर काम कर रहे हैं। यहां पर टी-20 वर्ल्ड कप 2024, चैंपियंस ट्रॉफी 2025 और आईपीएल भी कवर कर चुके हैं। इसके अलावा महाकुंभ 2025 में वीडियो स्टोरीज पर काम किया है। और पढ़ें
इंडिया न्यूज़ , विधानसभा चुनाव और आज का मौसम से जुड़ी ताजा खबरें हिंदी में | लेटेस्ट Hindi News, बॉलीवुड न्यूज , बिजनेस न्यूज , क्रिकेट न्यूज पढ़ने के लिए Live Hindustan App डाउनलोड करें।