अखबार में लपेटकर दिए समोसे-कचौड़ी तो अब खैर नहीं, दुकानदारों के लिए FSSAI की चेतावनी

लाइव हिन्दुस्तान
Follow us on Google News
share

FSSAI ने अखबार में समोसा-कचौरी या अन्य खाने की चीजें बेचने वाले दुकानदारों को सख्त हिदायत दी है। एजेंसी की तरफ से कहा गया कि अगर कोई दुकानदार ऐसा करते हुए पाया जाता है, तो उसे 6 महीने की जेल या 5 लाख रुपए के जुर्माने का सामना करना पड़ सकता है।

अखबार में लपेटकर दिए समोसे-कचौड़ी तो अब खैर नहीं, दुकानदारों के लिए FSSAI की चेतावनी

समोसे-कचौरी या अन्य खाने-पीने वाली चीजें बेचने वाले दुकानदारों के लिए भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (FSSAI) ने बड़ी चेतावनी जारी की है। भारत में खाद्य सुरक्षा का ख्याल रखने वाली एजेसी ने साफ कर दिया है कि अगर कोई दुकानदार खाने पीने की चीजों को अखबार में लपेटकर बेचता हुआ पाया जाता है, तो उसके ऊपर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

FSSAI की तरफ से जारी किए गए आदेश में कहा गया कि खाने-पीने की चीजों में अखबार का उपयोग तुरंत बंद करना होगा, क्योंकि इससे स्वास्थ्य को गंभीर नुकसान पहुंच सकते हैं। सोशल मीडिया साइट एक्स पर लिखे एक पोस्ट में एजेंसी ने चेतावनी दी कि अखबरों की छपाई में इस्तेमाल होने वाली स्याही में सीसा और अन्य भारी धातुओं का इस्तेमाल होता है। इसमें हानिकारक रसायन भी होते हैं। अगर इनका इस्तेमाल खाद्य पदार्थ को रखने के लिए किया जाता है, तो रसायन मानव शरीर में पहुंचकर बड़ी हानि कर सकते हैं। ऐसे में इनके इस्तेमाल से बचना चाहिए।

FSSAI ने पैकिजिंग नियम 2018 का हवाला देते हुए कहा कि भोजन के भंडारण, रैपिंग या परोसने के लिए अखबारों या इसी तरह की अप्रमाणित सामग्री का उपयोग करना सख्त वर्जित है। इस चेतावनी के बाद भी अगर कोई दुकानदार अखबारों का इस्तेमाल करते हुए पकड़ा जाता है, तो उसे 6 महीने तक की जेल या फिर 5 लाख तक के जुर्माने का सामना करना पड़ सकता है। इसके साथ ही ग्राहकों को भी सतर्क रहना चाहिए।

अखबार स्वास्थ्य के लिए खतरनाक क्यों?

अखबार की रद्दी देश के किसी भी कोने में आसानी के साथ मिल जाती है। ऐसे में स्थानीय स्तर पर समोसा कचौरी बेचने वाले दुकानदार इसका इस्तेमाल काफी पहले से करते आ रहे हैं। लेकिन हमारी आम जिंदगी का हिस्सा बन चुकी यह आदत स्वास्थ्य के लिए बेहद हानिकारक है। अखबारों के छपने में इस्तेमाल होने वाली स्याही में सीसा और भारी धातुएं मौजूद होती हैं। ऐसे में जब गर्म और रसीला खाना इसके ऊपर रखा जाता है, तो वह अपने साथ स्याही को भी निकाल लेता है। इसके बाद यह कैमिकल सीधे इंसान के शरीर में पहुंच जाते हैं।

बता दें, अखबार में खाना देना भारत में काफी पहले से प्रतिबंधित है। लेकिन अभी हाल ही में मुंबई में बड़ा पाव परोसने के बाद हुई एक घटना के बाद FSSAI ने एक बार फिर से इस पर नया अपडेट दिया है।

इस खबर पर आपकी क्या राय है?

Upendra Thapak

लेखक के बारे में

Upendra Thapak

उपेंद्र ने डिजिटल पत्रकारिता की शुरुआत लाइव हिन्दुस्तान से की है। पिछले एक साल से वे होम टीम में कंटेंट प्रोड्यूसर के तौर पर कार्यरत हैं। उन्होंने लोकसभा चुनाव 2024, ऑपरेशन सिंदूर और कई राज्यों के विधानसभा चुनावों की कवरेज की है। पत्रकारिता की पढ़ाई भारतीय जनसंचार संस्थान (IIMC), नई दिल्ली (बैच 2023-24) से पूरी करने वाले उपेंद्र को इतिहास, अंतर्राष्ट्रीय संबंध, राजनीति, खेल, विज्ञान और समसामयिक घटनाओं से जुड़े विषयों में गहरी रुचि है। स्नातक स्तर पर बायोटेक्नोलॉजी की पढ़ाई करने के कारण उन्हें मेडिकल और वैज्ञानिक विषयों की भाषा की भी अच्छी समझ है। वे मूल रूप से मध्यप्रदेश के भिंड जिले के निवासी हैं।

और पढ़ें