चिप से शिप तक भारत और साउथ कोरिया में हुई बड़ी डील, K-Pop पर क्या बोले PM मोदी
पीएम मोदी ने कहा कि आठ सालों के बाद हो रही राष्ट्रपति की यह यात्रा बेहद महत्वपूर्ण है। दोनों देशों के डीएनए में लोकतांत्रिक मूल्य, बाजार अर्थव्यवस्था और कानून आधारित नियम हैं। आइए जानते हैं कि भारत और दक्षिण कोरिया में कौन से 15 बडे समझौते हुए।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भारत यात्रा पर आए दक्षिण कोरिया के राष्ट्रपति ली जे. म्युंग के बीच सोमवार को द्विपक्षीय वार्ता हुई। इस दौरान दोनों देशों ने 2030 तक द्विपक्षीय व्यापार को दोगुना कर 50 अरब डालर तक पहुंचाने का लक्ष्य रखा है। इस दौरान दोनों देशों के बीच कारोबार, प्रौद्यौगिकी, ऊर्जा, चिप, पोत समेत कुल 15 समझौतों पर हस्ताक्षर किए गए। इसके अलावा छह प्रमुख घोषणाएं भी इस मौके पर की गई। आइए जानते हैं कि भारत और दक्षिण कोरिया में कौन से 15 बडे समझौते हुए।
क्या बोले पीएम मोदी
बैठक के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने संयुक्त प्रेस बयान में कहा कि हम विश्वास की भागीदारी को भावी साझेदारी में बदल रहे हैं। हम चिप से लेकर शिप, टेलेंट से लेकर टेक्नोलॉजी, एनवायरमेंट से लेकर एनर्जी, हर क्षेत्र में सहयोग के नए अवसरों को साकार करेंगे। इससे दोनों देशों की प्रगति और समृद्धि सुनिश्चित करेंगे। भारत ने कोरिया को विकसित भारत के संकल्प में भी महत्वपूर्ण भागीदार बताया।
50 अरब डॉलर का लक्ष्य
पीएम मोदी ने कहा कि आठ सालों के बाद हो रही राष्ट्रपति की यह यात्रा बेहद महत्वपूर्ण है। दोनों देशों के डीएनए में लोकतांत्रिक मूल्य, बाजार अर्थव्यवस्था और कानून आधारित नियम हैं। हिन्द प्रशांत क्षेत्र में भी हमारा साझा दृष्टिकोण है। इन सबके आधार पर पिछले एक दशक में हमारे संबंध गतिशील हुए हैं।
प्रधानमंत्री ने कहा कि दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय व्यापार 27 अरब डॉलर तक पहुंच चुका है जिसे 2030 तक 50 अरब डॉलर तक पहुंचाने का निर्णय लिया गया है। वित्तीय संचरण को सुगम बनाने के लिए भारत-दक्षिण कोरिया फाइनेंशियल फोरम की शुरूआत की गई है। व्यापार सहयोग बढ़ाने के लिए एक औद्यौगिक सहयोग समिति बनाई है। क्रिटिकल टेक्नोलॉजी और आपूर्ति शृंखला में सहयोग बढ़ाने के लिए आर्थिक सुरक्षा वार्ता की शुरुआत कर रहे हैं।
भारत में दक्षिण कोरिया की कंपनियों खासकर लघु कंपनियों का प्रवेश आसान करने के लिए कोरियन इंडस्ट्रियल टाउनशिप स्थापित करने का भी निर्णय लिया गया। अगले एक साल के भीतर भारत-दक्षिण कोरिया व्यापार समझौते को भी बढ़ाया किया जाएगा। प्रधानमंत्री ने कहा कि एआई, सेमीकंडक्टर और सूचना प्रौद्यौगिकी, पोत निर्माण, स्टील, पोर्ट्स क्षेत्रों में भी समझौते किए हैं।
PM मोदी ने छेड़ा के पॉप का जिक्र
पीएम मोदी ने कहा कि भारत और दक्षिण कोरिया के बीच हजारों वर्ष पुराने सांस्कृतिक संबंध हैं। 2000 साल पहले अयोध्या की राजकुमारी सूरीरत्ना और कोरिया के राजा किम-सुरो की कहानी हमारी साझा विरासत है।
आज भारत में के-पॉप, के-ड्रामा, बहुत लोकप्रिय हो रहे हैं। उसी तरह दक्षिण कोरिया में भी भारतीय सिनेमा और संस्कृति की पहचान बढ़ रही है। हमे बहुत खुशी है कि प्रेसीडेंट ली खुद भारतीय सिनेमा के प्रशंसक हैं। इस सांस्कृतिक जुड़ाव को मजबूत करने के लिए, हम 2028 में भारत-दक्षिण कोरिया फ्रेंडशिप फेस्टिवल आयोजित करेंगे।
भारत-कोरिया के बीच हुए समझौते
-पोत निर्माण
-औद्यौगिक समन्वय समिति
-इस्पात आपूर्ति श्रंखला के लिए तकनीक और व्यापार
-लघु एवं मध्यम उद्योगों के बीच सहयोग
-समुद्री विरास्त समझौता
-व्यापार समझौते का उन्नयन
-फाइनेंशियल साफ्टेवर एंड सिस्टम को लेकर समझौता
-विज्ञान एवं प्रौद्यौगिकी सहयोग
-अन्तरराष्ट्रीय भुगतान समझौता
-भारत-दक्षिण कोरिया डिजिटल ब्रिज
-जलवायु एवं पर्यावरण समझौात
-पेरिस समझौते के तहत सहयोग
-सांस्कृतिक सहयोग समझौता
-सांस्कृतिक आदान-प्रदान समझौता
-खेल के क्षेत्र में समझौता
प्रमुख घोषणाएं
-आर्थिक सुरक्षा वार्ता की शुरूआत
-डिस्टिंगविश विजिटर प्रोगाम शुरू होगा
-दक्षिण कोरिया का इंडिया पैसेफिक ओशियन इनिशिएटिव में शामिल होने का ऐलान
-दक्षिण कोरिया सोलर एलायंस में शामिल होगा
-विदेश मंत्री वार्ता आरंभ होगी
-भारत-दक्षिण कोरिया फ्रेंडशिप ईयर 2028-29
लेखक के बारे में
Nisarg Dixitनिसर्ग दीक्षित न्यूजरूम में करीब एक दशक का अनुभव लिए निसर्ग दीक्षित शोर से ज़्यादा सार पर भरोसा करते हैं। पिछले 4 साल से वह लाइव हिनुस्तान में डिप्टी चीफ प्रोड्यूसर के रूप में कार्यरत हैं, जहां खबरों की योजना, लेखन, सत्यापन और प्रस्तुति की जिम्मेदारी संभालते हैं। इससे पहले दैनिक भास्कर और न्यूज़18 जैसे बड़े मीडिया संस्थानों में काम कर चुके हैं, जहाँ उन्होंने ग्राउंड रिपोर्टिंग से लेकर डेस्क तक की भूमिकाएं निभाईं। उन्होंने माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय से पत्रकारिता की पढ़ाई की, जिसने उनके काम करने के तरीके को व्यावहारिक और तथ्य आधारित बनाया। निसर्ग की खास रुचि खोजी रिपोर्टिंग, ब्रेकिंग स्टोरीज़ और विज़ुअल न्यूज़ स्टोरीज़ में है। वे जटिल मुद्दों को सरल भाषा और स्पष्ट तथ्यों के साथ प्रस्तुत करने में विश्वास रखते हैं। राजनीति और जांच पड़ताल से जुड़े विषयों पर उनकी मजबूत पकड़ है। निसर्ग लोकसभा चुनावों, कई राज्यों के विधानसभा चुनावों और अहम घटनाओं को कवर कर चुके हैं। साथ ही संसदीय कार्यवाही और सुप्रीम कोर्ट की महत्वपूर्ण सुनवाइयों को नियमित रूप से कवर करते हैं। गूगल जर्नलिस्ट्स स्टूडियो में भी निसर्ग योगदान देते हैं।
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