इंस्टाग्राम पर हुई दोस्ती, 24 घंटे तक बंधक बनाकर किया रेप, नागपुर में खौफनाक वारदात!
पुलिस ने मौके से 20 साल के आरोपी निर्भय पखारे को रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी अंडरग्रेजुएट बिजनेस मैनेजमेंट का छात्र है और ठाणे के दो नामी डॉक्टरों का बेटा है।

दक्षिण नागपुर के दिघोरी इलाके से एक रोंगटे खड़े कर देने वाला मामला सामने आया है। यहां 12वीं कक्षा में पढ़ने वाली एक नाबालिग छात्रा को किराए के फ्लैट में 24 घंटे से ज्यादा समय तक बंधक बनाकर रखा गया, लोहे की बेल्ट और चाकू की नोक पर उसे बर्बरता से प्रताड़ित किया गया और बार-बार उसके साथ दुष्कर्म किया गया। सोमवार देर रात पुलिस ने गुप्त सूचना और फूड डिलीवरी एक्जीक्यूटिव का पीछा करते हुए छापेमारी की और पीड़िता को बचाया।
पुलिस ने मौके से 20 साल के आरोपी निर्भय पखारे को रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी अंडरग्रेजुएट बिजनेस मैनेजमेंट (BBA) का छात्र है और ठाणे के दो नामी डॉक्टरों का बेटा है।
इंस्टाग्राम पर से फर्जी आईडी, फिर ब्लैकमेलिंग का खेल
जांच अधिकारियों के अनुसार, यह खौफनाक खेल पिछले साल मई में शुरू हुआ था।
आरोपी निर्भय पखारे ने इंस्टाग्राम पर 'आकाश मेहरा' नाम से फर्जी आईडी बनाई और छात्रा से जान-पहचान बढ़ाई।
पीड़िता को झांसे में लेकर उसने कुछ निजी तस्वीरें हासिल कर लीं। इसके बाद वह इन तस्वीरों को सार्वजनिक करने की धमकी देकर उसे मिलने के लिए ब्लैकमेल करने लगा।
पुलिस ने बताया कि आरोपी पहले भी पीड़िता को एक होटल में बुलाकर उसके साथ यौन उत्पीड़न कर चुका था। बाद में वह ठाणे से नागपुर आने पर पीड़िता का शोषण जारी रखने के लिए दिघोरी में किराए पर फ्लैट लेकर रहने लगा।
रविवार सुबह आरोपी छात्रा को फिर से उस फ्लैट पर ले गया, लेकिन इस बार उसने उसे वापस नहीं जाने दिया। जब छात्रा सोमवार तक घर नहीं लौटी, तो उसके पिता (जो एक वरिष्ठ सरकारी अधिकारी हैं) ने हुड़केश्वर पुलिस थाने में गुमशुदगी की शिकायत दर्ज कराई।
पुलिस जब पहुंची तो बेड से बंधे थे हाथ-पैर
सोमवार रात करीब 11 बजे जब पुलिस की टीम दिघोरी स्थित उस किराए के फ्लैट में दाखिल हुई, तो अंदर का नजारा देखकर अधिकारियों के भी होश उड़ गए।
छात्रा के हाथ और पैर बेड से बांधकर रखे गए थे। आरोपी के हाथ में चमड़े का बेल्ट था और बेड के पास ही एक तेज चाकू रखा हुआ था। पीड़िता के शरीर पर जगह-जगह गंभीर चोटों और यातनाओं के निशान थे और वह रहम की भीख मांग रही थी। पुलिस को देखते ही वह फूट-फूटकर रो पड़ी।
पुलिस टीम ने तुरंत आरोपी को दबोच लिया और गंभीर रूप से घायल पीड़िता को इलाज के लिए शासकीय मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल (GMCH) में भर्ती कराया। 24 घंटे की इस भयानक कैद के दौरान आरोपी ने न केवल पीड़िता का शारीरिक शोषण किया, बल्कि उसका वीडियो भी बनाया।
इंस्टाग्राम चैट और 'फूड डिलीवरी बॉय' से मिला सुराग
नागपुर पुलिस को लापता छात्रा तक पहुंचने में कई अहम डिजिटल सुराग मिले।
पुलिस ने पीड़िता के इंस्टाग्राम चैट और डिजिटल फुटप्रिंट का विश्लेषण कर आरोपी का ठाणे स्थित घर का पता लगाया। नागपुर पुलिस की गुहार पर ठाणे पुलिस ने आरोपी की मां से उसे फोन करवाया। जैसे ही आरोपी ने फोन उठाया, पुलिस को उसकी लोकेशन की हिंट मिल गई।
आरोपी ने पुलिस को चकमा देने के लिए पीड़िता से उसके परिजनों को फोन करवाकर यह कहलवाया था कि वह सुरक्षित है। इस कॉल से भी पुलिस को लोकेशन ट्रेस करने में बड़ी मदद मिली।
इसके बाद पुलिस ने ऑनलाइन फूड डिलीवरी ऐप के जरिए उस पते पर खाना लेकर जा रहे डिलीवरी बॉय को ट्रैक किया और चुपके से उसका पीछा करते हुए सीधे उस फ्लैट तक पहुंच गई।
आरोपी दो दिन की पुलिस कस्टडी में
वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक अनामिका मिर्जापुरे ने बताया कि आरोपी को स्थानीय अदालत में पेश किया गया, जहां से उसे दो दिन की पुलिस हिरासत में भेज दिया गया है।
पुलिस इस बात की भी जांच कर रही है कि क्या आरोपी ने पहले भी किसी अन्य लड़की को इसी तरह अपनी हवस या ब्लैकमेलिंग का शिकार बनाया है। उसके मोबाइल, इंस्टाग्राम अकाउंट और लैपटॉप को जब्त कर फॉरेंसिक जांच के लिए भेज दिया गया है। क्षेत्रीय फॉरेंसिक विज्ञान प्रयोगशाला (RFSL) की मदद से घटना स्थल से डीएनए सैंपल, फिंगरप्रिंट और अन्य महत्वपूर्ण सबूत जुटाए गए हैं।


