Hindi NewsIndia NewsFormer Navy chief arun prakash will not have to appear Election Commission explains why notice was issued
पूर्व नौसेना प्रमुख को नहीं हाजिर होना होगा, चुनाव आयोग ने बताया क्यों जारी हुआ था नोटिस

पूर्व नौसेना प्रमुख को नहीं हाजिर होना होगा, चुनाव आयोग ने बताया क्यों जारी हुआ था नोटिस

संक्षेप:

पूर्व नौसेना प्रमुख ऐडमिरल अरुण प्रकाश को अपनी पहचान साबित करने के लिए बुलाए जाने को लेकर निर्वाचन आयोग ने सफाई पेश की है। चुनाव आयोग ने बताया कि उनके पिछले गणना पत्र में पूरी जानकारी ना होने की वजह से नोटिस जारी किया गया था। 

Jan 12, 2026 09:31 pm ISTAnkit Ojha पीटीआई
share Share
Follow Us on

निर्वाचन आयोग (ईसी) ने सोमवार को स्पष्ट किया कि गोवा में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के तहत नौसेना के पूर्व प्रमुख एडमिरल (रिटायर्ड) अरुण प्रकाश को जारी किया गया विवादास्पद नोटिस प्रणाली-आधारित प्रक्रिया का परिणाम था। आयोग ने कहा कि उनके पिछले गणना प्रपत्र में अपूर्ण विवरणों के कारण यह नोटिस जारी किया गया था।

प्यार से लेकर प्रमोशन तक 2026 का पूरा हाल जानें ✨अभी पढ़ें

वीर चक्र विजेता और 1971 के भारत-पाकिस्तान युद्ध के नायक 81 वर्षीय एडमिरल प्रकाश को भेजे गए नोटिस को लेकर सोशल मीडिया पर हंगामा मच गया था, जिसमें पूर्व सैनिकों और आम लोगों ने सवाल उठाया था कि ऐसे सम्मानित अधिकारी को व्यक्तिगत रूप से "अपनी पहचान साबित करने" की आवश्यकता क्यों है। अधिकारियों ने कहा कि प्रपत्र विधिवत रूप से भर दिया गया है और पूर्व नौसेना प्रमुख को अब उपस्थित होने की आवश्यकता नहीं है।

सोमवार को जारी एक स्पष्टीकरण में, निर्वाचन पंजीकरण अधिकारी डॉ. मेडोरा एरमोमिला डी'कोस्टा ने कहा कि कोर्टालिम निर्वाचन क्षेत्र के बूथ स्तरीय अधिकारी (बीएलओ) ने एडमिरल का प्रपत्र एकत्र किया, लेकिन पाया कि इसमें पिछले अनिवार्य विवरणों की कमी थी। उन्होंने कहा, 'यह देखा गया कि उक्त गणना प्रपत्र में पिछले एसआईआर से संबंधित अनिवार्य विवरण शामिल नहीं थे, जिनमें मतदाता का नाम, ईपीआईसी नंबर, रिश्तेदार का नाम, विधानसभा क्षेत्र का नाम और संख्या, भाग संख्या और मतदाता सूची में क्रम संख्या शामिल हैं।'

क्यों नहीं मिल रहा था पहले की सूची से लिंक

अधिकारी ने बताया कि इन आवश्यक पहचान विवरणों के अभाव में, ‘बीएलओ एप्लिकेशन’ प्रस्तुत गणना प्रपत्र और मौजूदा मतदाता सूची डेटाबेस के बीच स्वचालित संबंध स्थापित करने में असमर्थ था। स्पष्टीकरण में कहा गया है, "चूंकि पिछली एसआईआर से संबंधित सभी जानकारियां नहीं दी गई थीं, इसलिए सिस्टम ने गणना प्रपत्र को असत्यापित श्रेणी के अंतर्गत वर्गीकृत किया।

डी'कोस्टा ने कहा कि मानक, सिस्टम-आधारित प्रक्रिया के अनुसार, मतदाता के विवरण के सत्यापन और पात्रता की पुष्टि के लिए उचित अवसर सुनिश्चित करने के वास्ते सुनवाई नोटिस स्वचालित रूप से तैयार करके जारी किया गया था।

एडमिरल प्रकाश 2006 में अपनी सेवानिवृत्ति के बाद से गोवा में रह रहे हैं। उन्होंने बुजुर्ग नागरिकों से संबंधित परेशानी सोशल मीडिया पर साझा की और कहा कि उन्हें और उनकी पत्नी को उनके निवास से 18 किलोमीटर दूर एक स्थान पर दो अलग-अलग तारीखों पर उपस्थित होने के लिए कहा गया था।

साल 2004 से 2006 तक नौसेना प्रमुख रहे एडमिरल प्रकाश ने ‘एक्स’ पर लिखा, “मुझे न तो किसी विशेष सुविधा की आवश्यकता है और न ही मैंने कभी इसके लिए अनुरोध किया है... लेकिन अगर एसआईआर प्रपत्र से अपेक्षित जानकारी नहीं मिल रही है, तो उन्हें संशोधित किया जाना चाहिए।" उन्होंने कहा कि बीएलओ तीन बार उनके घर पहुंचे थे और उस समय वे आसानी से वांछित दस्तावेजों की मांग कर सकते थे।

Ankit Ojha

लेखक के बारे में

Ankit Ojha
अंकित ओझा पिछले 8 साल से पत्रकारिता के क्षेत्र में कार्य कर रहे हैं। अंकित ने जामिया मिल्लिया इस्लामिया से स्नातक के बाद IIMC नई दिल्ली से हिंदी पत्रकारिता में स्नातकोत्तर डिप्लोमा किया है। इसके बाद कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय से स्नातकोत्तर डिग्री हासिल की है। राजनीति, राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय डेस्क पर कार्य करने का उनके पास अनुभव है। इसके अलावा बिजनेस और अन्य क्षेत्रों की भी समझ रखते हैं। हिंदी, अंग्रेजी के साथ ही पंजाबी और उर्दू का भी ज्ञान है। डिजिटल के साथ ही रेडियो और टीवी के लिए भी काम कर चुके हैं। और पढ़ें
इंडिया न्यूज़ , विधानसभा चुनाव और आज का मौसम से जुड़ी ताजा खबरें हिंदी में | लेटेस्ट Hindi News, बॉलीवुड न्यूज , बिजनेस न्यूज , क्रिकेट न्यूज पढ़ने के लिए Live Hindustan App डाउनलोड करें।