बीजेपी में शामिल हुईं पूर्व केपीसीसी महासचिव, केरल में चुनाव से पहले राजनीतिक हलचल तेज
वत्सला प्रसन्नकुमार परवूर नगर पालिका की अध्यक्ष रह चुकी हैं और कांग्रेस में काफी सक्रिय भूमिका निभाई है। उनकी यह पार्टी बदलने की घटना केरल की राजनीति में अहम बदलाव के रूप में देखी जा रही है, खासकर विधानसभा चुनाव को लेकर।

पूर्व केपीसीसी महासचिव वत्सला प्रसन्नकुमार मंगलवार को भारतीय जनता पार्टी में शामिल हो गईं। तिरुवनंतपुरम स्थित बीजेपी राज्य मुख्यालय में पार्टी स्टेट प्रेसिडेंट राजीव चंद्रशेखर ने उन्हें पार्टी में औपचारिक रूप से शामिल कराया। चंद्रशेखर ने उन्हें पार्टी का शॉल पहनाकर स्वागत किया। इस मौके पर भाजपा के वरिष्ठ नेता जैसे राज्य महासचिव एस सुरेश और एनडीए उपाध्यक्ष एएन राधाकृष्णन भी उपस्थित थे। वत्सला प्रसन्नकुमार एर्नाकुलम जिले के उत्तर परवूर से हैं, जो विपक्ष के नेता वीडी सतीशन का गढ़ माना जाता है।
वत्सला प्रसन्नकुमार पहले परवूर नगर पालिका की अध्यक्ष रह चुकी हैं और कांग्रेस में काफी सक्रिय भूमिका निभाई है। उनकी यह पार्टी बदलने की घटना केरल की राजनीति में एक अहम बदलाव के रूप में देखी जा रही है, खासकर आगामी विधानसभा चुनावों को लेकर। वत्सला ने बीजेपी में शामिल होने का मुख्य कारण प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सरकार की ओर से चलाई जा रही जनकल्याण योजनाओं और महिलाओं के सशक्तिकरण पर पार्टी के मजबूत रुख को बताया। उन्होंने कहा कि इन योजनाओं और नीतियों ने उन्हें आकर्षित किया है, जिसके कारण वे कांग्रेस छोड़कर बीजेपी में शामिल हुई हैं।
बीजेपी को कितना होगा फायदा
रिपोर्ट के मुताबिक, परवूर जैसे क्षेत्र में कांग्रेस का प्रभाव मजबूत है, ऐसे में यह कदम बीजेपी के लिए महिलाओं और स्थानीय स्तर पर अपनी पकड़ मजबूत करने का मौका देता है। सूत्रों की मानें तो वीडी सतीशन के खिलाफ वत्सला प्रसन्नकुमार चुनाव लड़ने की इच्छा जाहिर कर सकती हैं, जिससे उत्तर परवूर में राजनीतिक समीकरण प्रभावित हो सकते हैं। बीजेपी इस घटना को केरल में अपनी बढ़ती ताकत के प्रमाण के रूप में पेश कर रही है। हालांकि, कांग्रेस के एक जिला नेता ने दावा किया कि वत्सला प्रसन्नकुमार का बीजेपी में शामिल होना उत्तर परवूर में उनकी पार्टी पर कोई खास प्रभाव नहीं डालेगा।
चुनाव पर क्या पड़ेगा असर
कांग्रेस का मानना है कि परवूर उनका मजबूत गढ़ है और यहां के मतदाता उनके साथ बने रहेंगे। यह बयान पार्टी के भीतर आत्मविश्वास को दर्शाता है, लेकिन साथ ही बीजेपी की रणनीति पर सवाल भी उठाता है। केरल में बीजेपी लगातार अपनी स्थिति सुधारने की कोशिश कर रही है और ऐसे नेता जो कांग्रेस से आते हैं, उन्हें पार्टी में महत्वपूर्ण स्थान दिया जा रहा है। यह घटना राज्य की राजनीति में महिलाओं की भागीदारी और दल-बदल के ट्रेंड को भी उजागर करती है। यह देखना दिलचस्प होगा कि आगामी विधानसभा चुनावों में इसका क्या असर पड़ता है, खासकर एर्नाकुलम जिले में।
लेखक के बारे में
Niteesh Kumarपत्रकार नीतीश कुमार 8 साल से अधिक समय से मीडिया इंडस्ट्री में एक्टिव हैं। जनसत्ता डिजिटल से बतौर कंटेंट प्रोड्यूसर शुरुआत हुई। लाइव हिन्दुस्तान से जुड़ने से पहले टीवी9 भारतवर्ष और दैनिक भास्कर डिजिटल में भी काम कर चुके हैं। पत्रकार नीतीश कुमार को खबरें लिखने के साथ ग्राउंड रिपोर्टिंग का शौक है। लाइव हिन्दुस्तान यूट्यूब चैनल के लिए लोकसभा चुनाव 2024, दिल्ली विधानसभा चुनाव 2025 और बिहार विधानसभा चुनाव 2025 की कवरेज कर चुके हैं। फिलहाल लाइव हिन्दुस्तान के लिए नेशनल और इंटरनेशनल सेक्शन की खबरें लिखते हैं। पत्रकार नीतीश कुमार को ब्रेकिंग न्यूज लिखने के साथ खबरों का गहराई से विश्लेषण करना पसंद है। राजनीति से जुड़ी खबरों पर मजबूत पकड़ और समझ रखते हैं। समसामयिक राजनीतिक मुद्दों पर कई सारे लंबे लेख लिख चुके हैं। पत्रकार नीतीश कुमार ने पत्रकारिता का पढ़ाई IIMC, दिल्ली (2016-17 बैच) से हुई। इससे पहले दिल्ली यूनिवर्सिटी के महाराजा अग्रसेन कॉलेज से पत्रकारिता में ग्रेजुएशन किया। पत्रकार नीतीश कुमार मूल रूप से उत्तर प्रदेश के मऊ जिले के रहने वाले हैं। राजनीति, खेल के साथ सिनेमा में भी दिलचस्पी रखते हैं। फिल्में देखना और रिव्यू करना व उन पर चर्चा करना हॉबी है।
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