वहां भीगी बिल्ली बने बैठे रहे, पूर्व CM के बारे में किसने कह दी ऐसी बात
विजयन की चुप्पी पर तंज कसते हुए सुधाकरन ने कहा कि पूरी बहस के दौरान विपक्ष के नेता पूरी तरह निष्क्रिय रहे। उन्होंने दावा किया, 'कामरेड पिनराई वहां भीगी बिल्ली की तरह बैठे रहे। वह बिना कोई जवाब दिए चुपचाप बैठे रहे। केएन बालगोपाल भी बोलना नहीं जानते।'

केरल में अंबालापुझा से संयुक्त लोकतांत्रिक मोर्चा (UDF) समर्थित निर्दलीय विधायक और मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (CPM) के पूर्व नेता जी सुधाकरन ने रविवार को विपक्ष के नेता पिनराई विजयन पर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि सदन में सरकार का प्रभावी ढंग से मुकाबला करने में वामपक्ष पूरी तरह विफल रहा है।
छोड़ दी थी पार्टी
सुधाकरन अपने विधायक कार्यालय के उद्घाटन के अवसर पर आयोजित एक समारोह को संबोधित कर रहे थे। माकपा नेता के तौर पर पूर्व मंत्री और कई बार विधायक रह चुके सुधाकरन ने जिला नेतृत्व द्वारा दरकिनार किए जाने का आरोप लगाते हुए पार्टी छोड़ दी थी। बाद में उन्होंने यूडीएफ के समर्थन से निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में विधानसभा चुनाव लड़ा और अंबालापुझा से जीत हासिल की।
राज्य की वित्तीय स्थिति पर मुख्यमंत्री वी. डी. सतीशन के हालिया भाषण का जिक्र करते हुए सुधाकरन ने कहा कि विपक्ष विधानसभा में अपना रुख बनाए रखने में नाकाम रहा। उन्होंने कहा, 'विधानसभा में सतीशन का एक भाषण हुआ था, जिसमें उन्होंने पिछली वाम लोकतांत्रिक मोर्चे (एलडीएफ) की सरकार से विरासत में मिली वित्तीय स्थिति की आलोचना की थी, लेकिन विपक्ष की ओर से अपने बचाव में एक शब्द भी नहीं बोला गया।'
जवाब नहीं देने पर उठाए सवाल
सुधाकरन के अनुसार, वामपंथ का एक मजबूत राजनीतिक और वैचारिक रुख है, लेकिन वर्तमान में विपक्ष में कोई भी ऐसा नेता नहीं है, जो इसे स्पष्ट रूप से सामने रख सके और इसका बचाव कर सके। उन्होंने कहा, 'विपक्ष में से किसी को खड़े होकर जवाब देना चाहिए था, लेकिन ऐसा करने वाला वहां कोई नहीं था।'
विजयन की चुप्पी पर तंज कसते हुए सुधाकरन ने कहा कि पूरी बहस के दौरान विपक्ष के नेता पूरी तरह निष्क्रिय रहे। उन्होंने दावा किया, 'कामरेड पिनराई वहां भीगी बिल्ली की तरह बैठे रहे। वह बिना कोई जवाब दिए चुपचाप बैठे रहे। के. एन. बालगोपाल भी बोलना नहीं जानते। यह एक दयनीय दृश्य था।'
पहले बुद्धिजीवियों पर उठाए सवाल
सुधाकरन ने मंगलवार को आरोप लगाया कि राज्य के अधिकतर बुद्धिजीवी राजनीतिक दलों के 'तलवे चाटने वाले' हैं और मादक पदार्थों का दुरुपयोग राज्य के युवाओं के एक वर्ग को 'बर्बाद' कर रहा है। उन्होंने आरोप लगाया, 'अधिकतर बुद्धिजीवी राजनीतिक दलों के तलवे चाटने वाले हैं और अपने लिए कुछ न कुछ हासिल करने की कोशिश में लगे रहते हैं। युवा पीढ़ी का एक हिस्सा गांजा और चरस के सेवन से बर्बाद हो रहा है।'
इससे पहले जब सत्तारूढ़ यूडीएफ मोर्चे के सदस्यों ने उनके भाषण के कुछ अंशों पर तालियां बजाईं, तो सुधाकरन ने उन्हें याद दिलाया कि वह एक निर्दलीय विधायक हैं और तालियां बटोरने के लिए नहीं बोल रहे हैं।
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Nisarg Dixitनिसर्ग दीक्षित न्यूजरूम में करीब एक दशक का अनुभव लिए निसर्ग दीक्षित शोर से ज़्यादा सार पर भरोसा करते हैं। पिछले 4 साल से वह लाइव हिनुस्तान में डिप्टी चीफ प्रोड्यूसर के रूप में कार्यरत हैं, जहां खबरों की योजना, लेखन, सत्यापन और प्रस्तुति की जिम्मेदारी संभालते हैं। इससे पहले दैनिक भास्कर और न्यूज़18 जैसे बड़े मीडिया संस्थानों में काम कर चुके हैं, जहाँ उन्होंने ग्राउंड रिपोर्टिंग से लेकर डेस्क तक की भूमिकाएं निभाईं। उन्होंने माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय से पत्रकारिता की पढ़ाई की, जिसने उनके काम करने के तरीके को व्यावहारिक और तथ्य आधारित बनाया। निसर्ग की खास रुचि खोजी रिपोर्टिंग, ब्रेकिंग स्टोरीज़ और विज़ुअल न्यूज़ स्टोरीज़ में है। वे जटिल मुद्दों को सरल भाषा और स्पष्ट तथ्यों के साथ प्रस्तुत करने में विश्वास रखते हैं। राजनीति और जांच पड़ताल से जुड़े विषयों पर उनकी मजबूत पकड़ है। निसर्ग लोकसभा चुनावों, कई राज्यों के विधानसभा चुनावों और अहम घटनाओं को कवर कर चुके हैं। साथ ही संसदीय कार्यवाही और सुप्रीम कोर्ट की महत्वपूर्ण सुनवाइयों को नियमित रूप से कवर करते हैं। गूगल जर्नलिस्ट्स स्टूडियो में भी निसर्ग योगदान देते हैं।
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