
कतर ने पूर्व भारतीय नौसेना अधिकारी को फिर गिरफ्तार किया, मौत की सजा के बाद हुए थे रिहा
रिहाई के बाद सात पूर्व नौसेना अधिकारी भारत वापस लौट आए थे, लेकिन कमांडर पूर्णेंदु तिवारी को कतर में ही रुकने के लिए कहा गया था। उन पर लगे कुछ आरोपों के चलते उनके खिलाफ कानूनी प्रक्रिया जारी रखी गई थी।
कतर में पूर्व भारतीय नौसेना अधिकारी पूर्णेंदु तिवारी को एक बार से फिर गिरफ्तार कर लिया गया है। विदेश मंत्रालय (MEA) ने शुक्रवार को इसकी पुष्टि की। मंत्रालय के आधिकारिक प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने बताया कि पूर्णेंदु तिवारी को दिसंबर महीने में कतर में एक अदालत के फैसले के बाद गिरफ्तार किया गया।
MEA के प्रवक्ता ने कहा- उन्हें पिछले महीने एक ऐसे मामले में गिरफ्तार किया गया है, जो कतर में काफी समय से चल रहा था। इस मामले में कुछ अन्य लोगों को भी गिरफ्तार किया गया है, लेकिन वे भारतीय नागरिक नहीं हैं। कतर स्थित हमारा दूतावास कमांडर तिवारी और उनके परिवार के संपर्क में है। यह गिरफ्तारी एक कोर्ट के फैसले के बाद हुई है। मामला फिलहाल न्यायालय के विचाराधीन है, इसलिए इस पर आगे टिप्पणी करना उचित नहीं होगा।
2022 से चल रहा है मामला
पूर्णेंदु तिवारी उन आठ पूर्व भारतीय नौसेना अधिकारियों में शामिल थे, जिन्हें अगस्त 2022 में कतर की खुफिया एजेंसी ने गिरफ्तार किया था। ये सभी अधिकारी कतर की एक निजी कंपनी (दाहरा ग्लोबल टेक्नोलॉजीज) में कार्यरत थे, जो कतर की नौसेना को प्रशिक्षण प्रदान करती थी। कतर अधिकारियों ने कभी भी इनके खिलाफ आरोपों को सार्वजनिक रूप से घोषित नहीं किया, हालांकि मीडिया रिपोर्टों में जासूसी (खासकर इजरायल के लिए) का जिक्र आया था, जिसे दोनों सरकारों ने कभी आधिकारिक रूप से नहीं माना।
मौत की सजा और भारत की कड़ी प्रतिक्रिया
अक्टूबर 2023 में कतर की एक अदालत ने इन आठों भारतीय नागरिकों को मौत की सजा सुना दी थी। इस फैसले पर भारत सरकार ने कड़ा विरोध जताते हुए इसे गंभीर रूप से चौंकाने वाला बताया था। इसके बाद भारत सरकार के कूटनीतिक प्रयासों के चलते फरवरी 2024 में सभी आठों को रिहा कर दिया गया था।
सात भारत लौटे, तिवारी को रुकने का आदेश
रिहाई के बाद सात पूर्व नौसेना अधिकारी भारत वापस लौट आए थे, लेकिन कमांडर पूर्णेंदु तिवारी को कतर में ही रुकने के लिए कहा गया था। उन पर लगे कुछ आरोपों के चलते उनके खिलाफ कानूनी प्रक्रिया जारी रखी गई थी। पूर्णेंदु तिवारी ग्वालियर (मध्य प्रदेश) के निवासी हैं। उनकी बहन ने कई बार सोशल मीडिया और सार्वजनिक रूप से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, विदेश मंत्री एस. जयशंकर तथा नौसेना प्रमुख से अपील की है कि उनके भाई को मानवीय आधार पर तुरंत रिहा कर भारत वापस लाया जाए।
भारत-कतर के बीच संवेदनशील मामला
पूर्णेंदु तिवारी की दोबारा गिरफ्तारी ऐसे समय में हुई है, जब भारत और कतर के संबंधों पर दोनों देशों की नजरें बनी हुई हैं। भारत सरकार ने साफ किया है कि वह अपने नागरिक की हर संभव कूटनीतिक और कानूनी सहायता सुनिश्चित कर रही है, लेकिन चूंकि मामला न्यायालय में लंबित है, इसलिए अभी अधिक जानकारी साझा नहीं की जा सकती। कतर स्थित भारतीय दूतावास मामले पर करीबी नजर बनाए हुए है और कमांडर तिवारी के परिवार को हर आवश्यक सहयोग दिया जा रहा है।





